सोलन में NCB की बड़ी जीत: ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी से डाक पार्सल से ड्रग्स मंगाने वाले को 10 साल की सज़ा
सारांश
मुख्य बातें
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने 3 अक्टूबर 2026 को सोलन की विशेष अदालत से ऐतिहासिक सफलता हासिल की, जब विशेष न्यायाधीश-द्वितीय, सोलन ने पंकज शर्मा को अंतरराष्ट्रीय डाक पार्सल के ज़रिए मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में 10 वर्ष के कठोर कारावास और ₹1 लाख के जुर्माने की सज़ा सुनाई। अदालत ने आरोपी को NDPS अधिनियम की धारा 22(सी) के तहत दोषी करार दिया।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला NCB क्राइम नंबर 16/2023 के तहत 4 जुलाई 2023 को दर्ज हुआ था, जब NCB चंडीगढ़ को गुप्त सूचना मिली कि ब्रिटेन से अंतरराष्ट्रीय डाक पार्सल के माध्यम से मादक पदार्थ भेजा जा रहा है। एजेंसी ने NDPS अधिनियम की धारा 50A के अंतर्गत नियंत्रित डिलीवरी की विधिवत अनुमति प्राप्त की और सोलन हेड पोस्ट ऑफिस में एक सुनियोजित ऑपरेशन चलाया।
ब्रिटेन से आए पहले पार्सल की जाँच में 4.7 ग्राम कोकीन बरामद हुई। नियंत्रित डिलीवरी के दौरान जब पंकज शर्मा ने पार्सल प्राप्त किया, तो उसे तत्काल मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया।
बरामदगी का विवरण
गिरफ्तारी के समय फ्रांस से आया एक दूसरा पार्सल भी शर्मा के पास पाया गया, जिसमें 56.2 ग्राम MDMA बरामद हुई। उल्लेखनीय है कि MDMA की निर्धारित व्यावसायिक मात्रा 10 ग्राम है, अर्थात बरामद मात्रा इससे पाँच गुना से भी अधिक थी। इसके अतिरिक्त, जाँच में जर्मनी से भेजे गए एक तीसरे पार्सल का भी पता चला, जो शर्मा को ही पहुँचाया जाना था और जिसमें 4.4 ग्राम कोकीन मिली।
इस प्रकार जाँच से यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी यूरोप के कम-से-कम तीन अलग-अलग देशों — ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी — से व्यवस्थित रूप से मादक पदार्थ मंगा रहा था।
अभियोजन पक्ष की रणनीति
NCB ने 19 दिसंबर 2023 को सोलन की विशेष अदालत में शिकायत दाखिल की थी। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने डाक विभाग के गवाहों की गवाही, डिलीवरी दस्तावेज़, पहचान संबंधी रिकॉर्ड, ज़ब्ती की कार्रवाई, मालखाना रिकॉर्ड और वैज्ञानिक साक्ष्यों के संयोजन से आरोपी का मादक पदार्थों पर सचेत कब्जा सिद्ध किया।
यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय डाक माध्यमों के ज़रिए ड्रग तस्करी एक बढ़ती चिंता बन चुकी है, और इस मामले में वैज्ञानिक जाँच और साक्ष्य-आधारित अभियोजन ने मिलकर त्वरित दोषसिद्धि सुनिश्चित की।
NCB की प्रतिक्रिया और आगे की राह
NCB ने कहा कि यह सज़ा 'नशा मुक्त भारत' के लक्ष्य के प्रति एजेंसी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और अंतरराष्ट्रीय डाक माध्यमों के दुरुपयोग के विरुद्ध खुफिया-आधारित कार्रवाई की प्रभावशीलता को रेखांकित करती है। एजेंसी ने नागरिकों से मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी जानकारी मानस राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 1933 पर देने की अपील की है और आश्वस्त किया कि सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
यह फैसला उन तस्करों के लिए एक कड़ा संदेश है जो डाक प्रणाली को ढाल बनाकर मादक पदार्थ मंगाने की कोशिश करते हैं — और NCB की तकनीकी व कानूनी तैयारी की गवाही देता है।