क्या पंजाब सरकार ने लंबी गैरहाजिरी पर कर्मचारियों को बर्खास्त किया?
सारांश
Key Takeaways
- पंजाब सरकार ने अनुशासनहीनता के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है।
- चार कर्मचारियों की सेवाएं 'डीम्ड इस्तीफा नियम' के तहत समाप्त की गईं।
- बर्खास्त कर्मचारियों को कोई सेवा लाभ नहीं मिलेगा।
- सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति कार्यान्वित की जा रही है।
- अनुशासन और जिम्मेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
चंडीगढ़, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब सरकार ने लंबे समय से ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कदम उठाते हुए आबकारी एवं कर विभाग के चार कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। यह कार्रवाई 'डीम्ड इस्तीफा नियम' के अंतर्गत की गई है, जो एक वर्ष से अधिक समय तक बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर लागू होता है।
सरकार का स्पष्ट मत है कि अनुशासनहीनता और लापरवाही को किसी भी स्थिति में सहन नहीं किया जाएगा।
पंजाब सरकार के आदेश पर राज्य कर आयुक्त जतींदर जोरवाल ने यह निर्णय लिया। जिन कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें तीन आबकारी एवं कर निरीक्षक और एक क्लर्क शामिल हैं। ये सभी कर्मचारी बार-बार नोटिस मिलने के बावजूद दफ्तर में उपस्थित नहीं हुए और बिना अनुमति लंबे समय तक अनुपस्थित रहे।
विभागीय जांच पंजाब सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 1970 के तहत पूरी की गई। जांच में पाया गया कि जालंधर-2 में तैनात एक निरीक्षक मार्च 2023 से ड्यूटी पर नहीं लौटा था, जबकि उसकी छुट्टी पहले ही रद्द की जा चुकी थी।
एक अन्य निरीक्षक जून 2023 से लगातार अनुपस्थित पाया गया और निलंबन के बावजूद न तो संतोषजनक उत्तर दिया और न ही उसने मुख्यालय में रिपोर्ट किया। वहीं, रोपड़ रेंज में तैनात एक निरीक्षक मई 2021 से अनुपस्थित था, जो स्वीकृत विदेश अवकाश के बाद भी ड्यूटी पर वापस नहीं आया।
इसके अतिरिक्त, जालंधर ऑडिट विंग में तैनात एक क्लर्क सितंबर 2023 से बिना अनुमति अनुपस्थित था। उसकी विदेश छुट्टी की मांग भी स्वीकृत नहीं हुई थी, फिर भी वह ड्यूटी पर नहीं लौटा।
नियमों के अनुसार एक वर्ष से अधिक समय तक बिना स्वीकृत छुट्टी अनुपस्थित रहने पर कर्मचारी को नौकरी से इस्तीफा दिया हुआ माना जाता है, जिसे 'डीम्ड रिजाइन' कहा जाता है। इसी प्रावधान के तहत चारों कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि इन्हें पेंशन, ग्रेच्युटी या अन्य सेवा लाभ नहीं मिलेंगे।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। जनता की सेवा के लिए नियुक्त अधिकारी और कर्मचारी यदि ड्यूटी में लापरवाही बरतते हैं तो उनके लिए सरकारी सेवा में कोई स्थान नहीं है।