पंजाब SC आयोग की 29वीं बैठक: आरक्षण, अंबेडकर भवन और DSP प्रशिक्षण पर बड़े फैसले
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी की अध्यक्षता में 11 जून 2026 को चंडीगढ़ में आयोग की 29वीं बैठक आयोजित हुई, जिसमें अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़ी कल्याण योजनाओं, आरक्षण क्रियान्वयन और अंबेडकर भवनों की स्थिति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। गढ़ी ने बताया कि पंजाब की कुल जनसंख्या में अनुसूचित जाति समुदाय की हिस्सेदारी 35 प्रतिशत से अधिक है और राज्य में इस समुदाय की आबादी 1.25 करोड़ से अधिक है।
आरक्षण व्यवस्था पर मुख्य चर्चा
बैठक में सर्वप्रथम आरक्षण प्रणाली से संबंधित मुद्दों को प्राथमिकता दी गई। एससी और नॉन-एससी वर्ग के रोस्टर रजिस्टर तथा प्रमोशन में आरक्षण के प्रावधानों के सही क्रियान्वयन पर गहन विचार-विमर्श हुआ। गढ़ी ने कहा कि आयोग के संज्ञान में आई कमियों को दूर करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
रोस्टर रजिस्टर की जाँच करने वाली समिति को प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम सामाजिक न्याय विभाग को लागू करने के लिए कहा गया है, ताकि आरक्षण व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सके।
DSP प्रशिक्षण और SC-ST अधिनियम का क्रियान्वयन
पंजाब पुलिस में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारियों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया। यह प्रशिक्षण महाराजा रणजीत सिंह पुलिस अकादमी, फिल्लौर में नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार प्रत्येक माह लगभग 100 डीएसपी को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से गुजरना होगा।
अंबेडकर भवनों की स्थिति और सुधार की योजना
बैठक में विभिन्न जिलों में डॉ. भीमराव अंबेडकर भवनों के निर्माण और मरम्मत के मुद्दे पर भी विस्तृत चर्चा हुई। गढ़ी ने बताया कि तरनतारन, पठानकोट, रूपनगर, मोहाली और मलेरकोटला जिलों में अंबेडकर भवनों की स्थिति में सुधार की आवश्यकता है। कुछ स्थानों पर भवनों का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हुआ है, जबकि कई जगहों पर मरम्मत की दरकार है।
उल्लेखनीय है कि तरनतारन में अंबेडकर भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और विभागीय रिपोर्ट के अनुसार इसका उद्घाटन जुलाई 2026 में किए जाने की संभावना है।
आगे की राह
गढ़ी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी लंबित परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जाए ताकि अनुसूचित जाति समुदाय को इनका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। यह बैठक उस श्रृंखला की 29वीं कड़ी थी जो वर्ष में चार बार आयोजित होती है — एक संरचित निगरानी तंत्र जो राज्य में 1.25 करोड़ से अधिक एससी समुदाय के सदस्यों के हितों की समीक्षा करता है। आने वाले महीनों में इन निर्देशों के क्रियान्वयन की स्थिति अगली बैठक में प्रस्तुत की जाएगी।