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1 अप्रैल को पूर्णिमा व्रत: अमृतकाल और सर्वार्थ सिद्धि योग के संग शुभ-अशुभ समय नोट करें

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1 अप्रैल को पूर्णिमा व्रत: अमृतकाल और सर्वार्थ सिद्धि योग के संग शुभ-अशुभ समय नोट करें

सारांश

1 अप्रैल को मनाए जाने वाले पूर्णिमा व्रत का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और चंद्रमा की आराधना से मानसिक शांति प्राप्त होती है। जानें शुभ-अशुभ समय और अधिक जानकारी।

मुख्य बातें

पूर्णिमा व्रत का विशेष महत्व है।
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करें।
अमृत काल सुबह 8:48 से 10:28 बजे तक रहेगा।
दान-पुण्य का फल प्राप्त करें।
अशुभ समय के प्रति सतर्क रहें।

नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हिन्दू धर्म में पूर्णिमा व्रत का अत्यधिक महत्व है। 1 अप्रैल, बुधवार को चैत्र शुक्ल की पूर्णिमा तिथि मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना का विशेष महत्व है। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा पूरी तरह से प्रकाशीत होता है, जिससे चंद्रोपासना और व्रत रखने से मानसिक शांति, समृद्धि और पितरों की कृपा मिलती है।

दृक पंचांग के अनुसार, बुधवार को सूर्योदय सुबह 6:11 बजे और सूर्यास्त शाम 6:39 बजे होगा।

चंद्रोदय शाम 6:11 बजे होगा। तिथि चतुर्दशी सुबह 7:06 बजे तक है, इसके बाद पूर्णिमा आएगी। नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी दोपहर 4:17 बजे तक रहेगा, और इसके बाद हस्त नक्षत्र होगा। योग वृद्धि दोपहर 2:51 बजे तक रहेगा, करण वणिज सुबह 7:06 बजे तक रहेगा।

शुभ मुहूर्त के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:39 से 5:25 बजे तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2:30 से 3:20 बजे तक, गोधूलि मुहूर्त शाम 6:38 से 7:01 बजे तक और अमृत काल सुबह 8:48 से 10:28 बजे तक रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग दोपहर 4:17 से अगले दिन सुबह 6:10 बजे तक और रवि योग सुबह 6:11 से दोपहर 4:17 बजे तक रहेगा।

अशुभ समय के तहत, राहुकाल दोपहर 12:25 से 1:59 बजे तक, यमगंड सुबह 7:45 से 9:18 बजे तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 10:52 से दोपहर 12:25 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:50 बजे तक रहेगा। बुधवार को भद्रा भी रहेगी, जो सुबह 7:06 से शाम 7:20 बजे तक होगी।

1 अप्रैल को पूर्णिमा व्रत करने वाले भक्त सुबह से व्रत का संकल्प लेकर पूरे दिन उपवास रख सकते हैं। शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करें। इस दिन विष्णु सहस्रनाम पाठ, सत्यनारायण कथा या लक्ष्मी-विष्णु पूजन विशेष फलदायी होता है। पूर्णिमा के दिन दान-पुण्य करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह मानसिक और आध्यात्मिक शांति का भी माध्यम है। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना करने से भक्तों को समृद्धि और पितृ कृपा प्राप्त होती है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्णिमा व्रत का महत्व क्या है?
पूर्णिमा व्रत का महत्व भगवान विष्णु की आराधना और मानसिक शांति प्राप्त करने में है।
1 अप्रैल को कब चंद्रमा उगेगा?
1 अप्रैल को चंद्रोदय शाम 6:11 बजे होगा।
इस दिन कौन सा योग है?
इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग है।
कौन सा पूजा विशेष फलदायी है?
विष्णु सहस्रनाम पाठ और सत्यनारायण कथा विशेष फलदायी होती है।
राष्ट्र प्रेस
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