14 मार्च का पंचांग: जानें शनिवार का शुभ और अशुभ समय, चैत्र कृष्ण की दशमी तिथि

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14 मार्च का पंचांग: जानें शनिवार का शुभ और अशुभ समय, चैत्र कृष्ण की दशमी तिथि

सारांश

14 मार्च को चैत्र कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है। जानें इस दिन के शुभ और अशुभ समय का महत्व और विभिन्न मुहूर्तों की जानकारी।

मुख्य बातें

14 मार्च को चैत्र माह की कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है।
शुभ मुहूर्त: ब्रह्म, अभिजित, विजय और गोधूलि मुहूर्त।
अशुभ समय: राहुकाल, यमगंड, और दुर्मुहूर्त।

नई दिल्ली, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सनातन धर्म में पंचांग का अत्यधिक महत्व होता है। यह दैनिक शुभ और अशुभ समय, तिथि, नक्षत्र, योग और मुहूर्त की सटीक जानकारी प्रदान करता है। दृक पंचांग के अनुसार, 14 मार्च को शनिवार को चैत्र माह की कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है।

शनिवार को आदि शक्ति, भगवान श्रीराम के भक्त हनुमान और सूर्य पुत्र शनिदेव को समर्पित माना जाता है। इस दिन सूर्योदय सुबह 6:32 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 6:29 बजे होगा। दशमी तिथि सुबह 8:10 बजे तक रहेगी, उसके बाद एकादशी की शुरुआत होगी। उदयातिथि के अनुसार, पूरा दिन दशमी तिथि का मान होगा। नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 15 मार्च को सुबह 4:49 बजे तक रहेगा, इसके बाद श्रवण नक्षत्र प्रारंभ होगा। योग वरीयान् सुबह 10:43 बजे तक और करण विष्टि सुबह 8:10 बजे तक रहेगा।

14 मार्च के शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:56 बजे से 5:44 बजे तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:07 बजे से 12:54 बजे तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2:30 बजे से 3:18 बजे तक होगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 6:26 बजे से 6:51 बजे तक रहेगा। अमृत काल रात 9:56 बजे से 11:40 बजे तक रहेगा। वहीं, निशीथ मुहूर्त 15 मार्च की रात 12:06 बजे से 12:54 बजे तक होगा। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 4:49 बजे से 6:31 बजे तक रहेगा।

शुभ समय के साथ ही अशुभ समय का विचार भी आवश्यक है। अशुभ काल में नए या शुभ कार्य करने से परहेज करना चाहिए। शनिवार को राहुकाल सुबह 9:31 बजे से 11:01 बजे तक रहेगा। यमगंड दोपहर 2:00 बजे से 3:30 बजे तक होगा। गुलिक काल सुबह 6:32 बजे से 8:02 बजे तक और विडाल योग सभी दिन सुबह 6:32 बजे से शाम 10:26 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 6:32 बजे से 7:20 बजे और फिर 7:20 बजे से 8:08 बजे तक होगा। भद्रा भी सुबह 6:32 बजे से 8:10 बजे तक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

14 मार्च का पंचांग क्यों महत्वपूर्ण है?
14 मार्च का पंचांग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह धार्मिक कार्यों के लिए शुभ और अशुभ समय बताता है।
इस दिन के शुभ मुहूर्त क्या हैं?
इस दिन के शुभ मुहूर्त में ब्रह्म मुहूर्त, अभिजित मुहूर्त, और विजय मुहूर्त शामिल हैं।
क्या इस दिन कोई अशुभ समय है?
हाँ, इस दिन राहुकाल और यमगंड जैसे अशुभ समय होते हैं, जिनमें शुभ कार्य से बचना चाहिए।
दशमी तिथि का क्या महत्व है?
दशमी तिथि का महत्व धार्मिक अनुष्ठानों में होता है, और इसे विशेष दिन माना जाता है।
कौन-कौन से नक्षत्र इस दिन सक्रिय हैं?
इस दिन उत्तराषाढ़ा और श्रवण नक्षत्र सक्रिय रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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