3 जुलाई 2026
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क्यूबेक मंत्री क्रिस्टोफर स्कीट की फडणवीस से मुलाकात, महाराष्ट्र-क्यूबेक के बीच LOI पर हस्ताक्षर

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क्यूबेक मंत्री क्रिस्टोफर स्कीट की फडणवीस से मुलाकात, महाराष्ट्र-क्यूबेक के बीच LOI पर हस्ताक्षर

सारांश

कनाडा के क्यूबेक प्रांत के मंत्री क्रिस्टोफर स्कीट ने मुंबई में CM देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर LOI पर हस्ताक्षर किए। टेक्नोलॉजी, उच्च शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में साझेदारी पर सहमति — यह भारत-कनाडा संबंधों में नई गर्माहट का संकेत है।

मुख्य बातें

क्यूबेक के अंतरराष्ट्रीय संबंध मंत्री क्रिस्टोफर स्कीट ने 4 जुलाई 2025 को मुंबई के विधान भवन में CM देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की।
महाराष्ट्र सरकार और क्यूबेक सरकार के बीच इंटेंट लेटर (LOI) का औपचारिक आदान-प्रदान हुआ।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र: टेक्नोलॉजी , इनोवेशन , उच्च शिक्षा , रिसर्च और सांस्कृतिक आदान-प्रदान ।
क्यूबेक प्रीमियर क्रिश्चियन फ्रेशेट ने स्कीट को अर्थव्यवस्था विविधीकरण के मिशन पर भारत भेजा।
महाराष्ट्र के मंत्री जयकुमार रावल और वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।

कनाडा के क्यूबेक प्रांत के अंतरराष्ट्रीय संबंध और फ्रैंकोफोनी मंत्री क्रिस्टोफर स्कीट ने 4 जुलाई 2025 को मुंबई स्थित विधान भवन में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने महाराष्ट्र और क्यूबेक के बीच द्विपक्षीय आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊँचाई देने पर सहमति जताई और एक इंटेंट लेटर (LOI) का आदान-प्रदान किया।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मंत्री क्रिस्टोफर स्कीट के बीच हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में महाराष्ट्र सरकार और क्यूबेक सरकार के मध्य LOI का औपचारिक आदान-प्रदान किया गया। यह पत्र दोनों पक्षों की उस दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जिसमें वे वर्षों से चले आ रहे सहयोग को और सुदृढ़ करना चाहते हैं। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मंत्री जयकुमार रावल और कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

सहयोग के प्रमुख क्षेत्र

LOI के तहत टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, उच्च शिक्षा, रिसर्च और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर विशेष बल दिया गया। इसके अतिरिक्त सतत विकास और दीर्घकालिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई। यह ऐसे समय में महत्त्वपूर्ण है जब भारत-कनाडा राजनयिक संबंधों में हाल के वर्षों में उतार-चढ़ाव देखे गए हैं।

मंत्री स्कीट की प्रतिक्रिया

मीडिया से बातचीत में मंत्री क्रिस्टोफर स्कीट ने बैठक को बेहद सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया, और हमने भी उसे स्वीकार करते हुए महाराष्ट्र और क्यूबेक के बीच और गहरा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।' स्कीट ने यह भी स्पष्ट किया कि क्यूबेक के प्रीमियर क्रिश्चियन फ्रेशेट ने उन्हें अर्थव्यवस्था को विविध बनाने के मिशन पर भेजा है। गौरतलब है कि कनाडा के प्रधानमंत्री भी हाल ही में भारत-कनाडा संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से भारत आए थे।

आर्थिक विविधीकरण पर जोर

स्कीट ने कहा, 'दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है। ऐसे में नए साझेदार बनाना और अपनी अर्थव्यवस्था को विविध बनाना पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है। मेरा मानना है कि भारत और कनाडा, खासतौर पर क्यूबेक, साथ मिलकर बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह उनकी भारत की पहली यात्रा है, लेकिन शायद आखिरी नहीं।

आगे की राह

LOI के आदान-प्रदान के साथ महाराष्ट्र और क्यूबेक के बीच संस्थागत संपर्क का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि टेक्नोलॉजी और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यह साझेदारी महाराष्ट्र के स्टार्टअप इकोसिस्टम और अनुसंधान संस्थाओं के लिए नए अवसर खोल सकती है। आने वाले महीनों में दोनों पक्षों के बीच क्षेत्र-विशेष कार्य समूहों के गठन की संभावना जताई जा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्यूबेक मंत्री क्रिस्टोफर स्कीट की फडणवीस से मुलाकात का उद्देश्य क्या था?
इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र और क्यूबेक के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को नई दिशा देना था। बैठक में दोनों पक्षों ने टेक्नोलॉजी, उच्च शिक्षा, रिसर्च और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सहयोग के लिए इंटेंट लेटर (LOI) पर हस्ताक्षर किए।
महाराष्ट्र और क्यूबेक के बीच LOI में क्या शामिल है?
LOI में टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, उच्च शिक्षा, रिसर्च और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता शामिल है। साथ ही सतत विकास और दीर्घकालिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी है।
क्यूबेक के प्रीमियर क्रिश्चियन फ्रेशेट ने मंत्री स्कीट को भारत क्यों भेजा?
क्यूबेक प्रीमियर क्रिश्चियन फ्रेशेट ने मंत्री स्कीट को क्यूबेक की अर्थव्यवस्था को विविध बनाने और नए अंतरराष्ट्रीय साझेदार तलाशने के मिशन पर भारत भेजा। स्कीट ने खुद कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में नए साझेदारों के साथ जुड़ना अब पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है।
क्या यह क्रिस्टोफर स्कीट की पहली भारत यात्रा थी?
हाँ, मंत्री स्कीट ने स्वयं पुष्टि की कि यह उनकी भारत की पहली यात्रा है। हालाँकि उन्होंने संकेत दिया कि यह आखिरी नहीं होगी, जो भविष्य में और उच्चस्तरीय संपर्कों की संभावना दर्शाता है।
इस साझेदारी से महाराष्ट्र को क्या फायदा होगा?
महाराष्ट्र को टेक्नोलॉजी और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्यूबेक के संस्थानों तक पहुँच मिल सकती है, जिससे राज्य का स्टार्टअप इकोसिस्टम और अनुसंधान क्षेत्र लाभान्वित होगा। LOI दोनों सरकारों के बीच दीर्घकालिक संस्थागत सहयोग की नींव रखता है।
राष्ट्र प्रेस
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