राबड़ी देवी के हीरे के कंगन पर राणा रणधीर का सवाल: स्रोत और कीमत की दें जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के पूर्व मंत्री राणा रणधीर ने 14 जून 2026 को राजद नेत्री राबड़ी देवी द्वारा गायक छोटू छलिया को दिए गए हीरे के कंगन को लेकर पारदर्शिता की माँग की है। उन्होंने कहा कि जब इतनी कीमती वस्तु सार्वजनिक रूप से भेंट की जाती है, तो उसके स्रोत और मूल्य की जानकारी देना आवश्यक है।
राणा रणधीर का बयान
राणा रणधीर ने कहा, 'हीरे का कंगन देंगी तो सबकी नजर पड़ेगी ही, क्योंकि वह चमकीला होता है। सांस्कृतिक कार्यक्रम में देने की परंपरा है, लेकिन हीरे का कंगन देने वाले बहुत कम लोग हैं। जब राबड़ी देवी हीरे का कंगन बांट रही हैं, तो बताना पड़ेगा कि कहां से आया।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) को दिल्ली में हुई आंतरिक बैठक पहले करनी चाहिए थी और पार्टी के सांसदों से विचार-विमर्श न होने की बातें सामने आ रही हैं।
राणा रणधीर ने TMC की कार्यशैली पर भी निशाना साधते हुए कहा, 'बंगाल की जनता पहले से नाराज थी, जिसने वोट के जरिए बता दिया। लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत विचार की होती है। TMC ने लोकतंत्र की मर्यादा तोड़ी और राष्ट्रपति का अपमान किया, जिसका परिणाम है कि पार्टी के पदाधिकारी नाराज होकर अलग हो रहे हैं।'
जदयू नेता की ईडी को पत्र लिखने की चेतावनी
इससे पहले जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीरज कुमार ने राबड़ी देवी से कंगन का बिल सार्वजनिक करने की माँग करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को पत्र लिखने की बात कही थी। नीरज कुमार ने सवाल उठाए कि कंगन की रसीद कहाँ है, उसे कहाँ से खरीदा गया, जीएसटी नंबर क्या है और क्या उसका बिल उपलब्ध है।
नीरज कुमार ने यह भी माँग की कि छोटू छलिया से पूछताछ कराई जाए — कि कंगन असली हीरे का था या नहीं, उसे क्यों दिया गया और पूरा ब्योरा क्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजद 'अपसंस्कृति का पर्याय' बन गया है।
छोटू छलिया और राजद का संबंध
नीरज कुमार ने यह भी कहा कि छोटू छलिया गायक कम और राजद के समर्पित कार्यकर्ता अधिक हैं। उन्होंने इशारा किया कि राजद ने उन्हें कभी एमएलसी नहीं बनाया और न ही राज्यसभा भेजा, फिर भी हीरे के कंगन की भेंट चर्चा का विषय बन गई।
लालू यादव के स्वास्थ्य पर भी टिप्पणी
नीरज कुमार ने लालू प्रसाद यादव के स्वास्थ्य का उल्लेख करते हुए कहा कि वे किडनी संक्रमण से पीड़ित हैं और ऐसे में आम लोगों से दूरी बनाना उचित होता, हालाँकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समारोह में शामिल होना लालू का निजी मामला है और वे उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना करते हैं।
आगे क्या
जदयू नेता के ईडी को पत्र लिखने की घोषणा के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से और तूल पकड़ सकता है। राजद की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विपक्षी दलों की यह माँग बिहार की राजनीति में पारदर्शिता के व्यापक सवाल को एक बार फिर केंद्र में ला देती है।