10 अगस्त 2026
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राहुल गांधी का हमला: 'मोदी और अमित शाह में संसद में विपक्ष के सामने खड़े होने की हिम्मत नहीं'

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राहुल गांधी का हमला: 'मोदी और अमित शाह में संसद में विपक्ष के सामने खड़े होने की हिम्मत नहीं'

सारांश

राहुल गांधी ने 10 अगस्त को प्रेस वार्ता में PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोला — आरोप लगाया कि 15 दिनों से दोनों संसद में आने से बच रहे हैं। दिल्ली में छात्रों पर पैलेट गन और कील वाली लाठियों के इस्तेमाल पर अमित शाह का इस्तीफा माँगा।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 10 अगस्त को प्रेस वार्ता में PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर पिछले 15 दिनों से संसद से अनुपस्थित रहने का आरोप लगाया।
दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन और कील वाली लाठियों के इस्तेमाल पर जवाबदेही की माँग की।
कांग्रेस की तीन मांगें: अमित शाह का सदन में बयान और इस्तीफा, छात्रों से माफी, राम मंदिर 'चढ़ावा चोरी' पर संसद में चर्चा।
झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज की भी निंदा की; शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ हिंसा को अस्वीकार्य बताया।
राहुल गांधी ने कहा — गृह मंत्री या तो दोषी हैं या अयोग्य, 'दोनों ही स्थितियों में इस्तीफा देना चाहिए।'

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार, 10 अगस्त को नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 दिनों से न तो प्रधानमंत्री और न ही गृह मंत्री संसद में आकर विपक्ष के सामने खड़े होने का साहस दिखा पाए हैं।

मुख्य आरोप: पैलेट गन और छात्रों पर बर्बरता

राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन चलाने और कील वाली लाठियों से मारपीट की घटना पर दोनों वरिष्ठ नेताओं ने अब तक कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया है। उन्होंने सवाल उठाया, 'जनता भी गृह मंत्री से छात्रों के साथ हुई बर्बरता पर जवाब सुनना चाहती है। उन्हें स्पष्ट करना होगा कि दिल्ली में हमारे युवाओं पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया?'

राहुल गांधी ने तर्क दिया कि गृह मंत्री अमित शाह के सामने दो ही विकल्प हैं — या तो उन्होंने पैलेट गन चलाने का आदेश दिया, जिससे वे दोषी हैं, या उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं थी, जिससे वे अपने पद के लिए अयोग्य सिद्ध होते हैं। उनके शब्दों में, 'दोनों ही स्थितियों में उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।'

कांग्रेस की तीन मांगें

राहुल गांधी ने इस मौके पर कांग्रेस की तीन स्पष्ट मांगें रखीं। पहली — अमित शाह सदन में आकर बयान दें और इस्तीफा दें। दूसरी — छात्रों पर हुए हमले के लिए सार्वजनिक माफी माँगी जाए। तीसरी — राम मंदिर में कथित 'चढ़ावा चोरी' के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराई जाए।

झारखंड लाठीचार्ज की भी निंदा

राहुल गांधी ने झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार्य नहीं है, चाहे वह कहीं भी हो।

सरकार की प्रतिक्रिया

राहुल गांधी की इस प्रेस वार्ता तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब संसद का मानसून सत्र पहले से ही व्यवधानों की चपेट में है और विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है।

आगे क्या

गौरतलब है कि राहुल गांधी की यह मांगें संसद सत्र के दौरान विपक्ष की रणनीति का हिस्सा प्रतीत होती हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि पैलेट गन के इस्तेमाल की जाँच स्वतंत्र एजेंसी से होगी या नहीं। सरकार की चुप्पी राजनीतिक रूप से महंगी पड़ सकती है — खासकर तब जब छात्र आंदोलनों का इतिहास सत्ता को असहज करता रहा है। कांग्रेस की तीन मांगों में 'चढ़ावा चोरी' का मुद्दा जोड़ना रणनीतिक रूप से दिलचस्प है — यह संकेत देता है कि विपक्ष एक साथ कई मोर्चों पर दबाव बनाए रखना चाहता है। बिना सत्यापित तथ्यों के आरोप-प्रत्यारोप की यह राजनीति संसद की उत्पादकता को और प्रभावित कर सकती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने अमित शाह से इस्तीफे की मांग क्यों की?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन और कील वाली लाठियों के इस्तेमाल के आदेश की जिम्मेदारी गृह मंत्री अमित शाह पर है। उनका तर्क है कि या तो शाह ने यह आदेश दिया — जिससे वे दोषी हैं — या उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी — जिससे वे अपने पद के लिए अयोग्य हैं।
कांग्रेस की तीन मांगें क्या हैं?
कांग्रेस ने तीन मांगें रखी हैं: पहली, गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर बयान दें और इस्तीफा दें; दूसरी, छात्रों पर हुए हमले के लिए सार्वजनिक माफी माँगी जाए; तीसरी, राम मंदिर में कथित 'चढ़ावा चोरी' पर संसद में चर्चा हो।
दिल्ली में छात्रों पर क्या हुआ था?
राहुल गांधी के अनुसार, दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन से हमला किया गया और कील वाली लाठियों से मारपीट की गई। इस घटना पर न प्रधानमंत्री और न ही गृह मंत्री ने अब तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी की है।
झारखंड के छात्रों पर राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार्य नहीं है, चाहे वह देश में कहीं भी हो।
क्या सरकार ने राहुल गांधी के आरोपों पर कोई जवाब दिया?
10 अगस्त को राहुल गांधी की प्रेस वार्ता तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। यह विवाद संसद के मानसून सत्र में पहले से चल रहे व्यवधानों के बीच और तेज हो गया है।
राष्ट्र प्रेस
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