पीएम मोदी के वीडियो संदेश पर कांग्रेस का पलटवार: 'बच्चों पर पैलेट गन चली, अमित शाह दें इस्तीफा'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेताओं ने 1 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छात्रों के नाम जारी वीडियो संदेश पर तीखी प्रतिक्रिया दी और आरोप लगाया कि जब प्रदर्शनकारी बच्चों पर लाठी और पैलेट गन चलाई गई, तब प्रधानमंत्री पूरी तरह खामोश रहे। पार्टी नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की माँग भी उठाई।
संदीप दीक्षित की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा, 'जहाँ तक गालियों की बात है, मैं भी इसकी निंदा करता हूँ। मैं किसी भी तरीके से सार्वजनिक जीवन में अभद्र शब्दों के इस्तेमाल का कभी भी समर्थन नहीं करूँगा। अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस और शीला दीक्षित को गाली दी, तब भी मैंने यही कहा था। जब भाजपा नेताओं ने अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया, हमने इसकी निंदा की, लेकिन प्रधानमंत्री ने खेद व्यक्त नहीं किया।'
दीक्षित ने आगे कहा कि महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी को भद्दी गालियाँ दी गईं, यहाँ तक कि कुछ लोगों ने सार्वजनिक रूप से प्रतीकात्मक रूप से कहा कि वे दोबारा महात्मा गांधी को गोली मार सकते हैं। उन्होंने कहा, 'इस देश में महात्मा गांधी की हत्या करने वालों का महिमामंडन किया गया। इनमें हमने प्रधानमंत्री को कभी परेशान होते हुए नहीं देखा।'
राजनीतिक विमर्श पर सवाल
संदीप दीक्षित ने राजनीति में गिरते स्तर पर चिंता जताते हुए कहा, 'राजनीति में गिरे हुए स्तर पर आप ठप्पा लगा देंगे तो वह एक स्टैंडर्ड बन जाता है। जैसे अरविंद केजरीवाल ने यह सिलसिला 2011-12 में शुरू किया था, इसको इसकी पराकाष्ठा पर भाजपा के नेता लेकर गए हैं। इन पर प्रधानमंत्री ने कभी प्रतिक्रिया नहीं दी।'
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का रवैया विरोधाभासी है — एक ओर बच्चों को कहीं 'आतंकवादी' घोषित किया जा रहा है, तो दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन में हिंसात्मक तत्व घुसे हुए थे, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं देती।
झारखंड कांग्रेस की माँग
झारखंड कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने पीएम मोदी के वीडियो संदेश पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री रील बनाकर अपने बच्चों को माफ करना ठीक है, लेकिन जिन बच्चों पर पैलेट गन, एके-47 और लाठी चलाई गई, उसके दोषियों का अभी तक इस्तीफा क्यों नहीं लिया जा रहा है।' सिन्हा ने स्पष्ट शब्दों में गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा माँगा।
सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री का वीडियो संदेश असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है। गौरतलब है कि विपक्ष लगातार बल प्रयोग की जाँच और जवाबदेही की माँग कर रहा है, जबकि सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई औपचारिक जवाब नहीं आया है।