राहुल गांधी का प्रयागराज दौरा: 'छात्रों की गूंज' से पहले बोले — 'एक साथ आवाज उठे तो सरकार झुकती है'
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रयागराज में शनिवार, 9 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाले 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से पहले एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह सरकार झुकती है, बशर्ते छात्रों की आवाज एकजुट होकर उठे। यह कार्यक्रम देश में बेरोज़गारी, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं को लेकर बढ़ती छात्र असंतोष की पृष्ठभूमि में हो रहा है।
एक्स पर राहुल का संदेश
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, 'प्रयागराज आ रहा हूं। देश के उस शहर में जहां सबसे अधिक नौजवान तैयारी करते हैं। एक बात साफ है, यहां का हर छात्र जानता है कि सिस्टम बेईमान हो चुका है। आपकी मेहनत में कोई कमी नहीं, बल्कि कमी उस सिस्टम की नीयत में है, जो आपकी मेहनत का दाम नहीं देती।'
उन्होंने आगे लिखा, 'पेपर लीक, रुकी भर्तियां, सालों का इंतजार और जवाबदेही किसी की नहीं। कोटा में छात्र बोले, देहरादून में फिर आवाज उठी और दिल्ली में इन्हीं बच्चों पर लाठियां चलीं, सिर्फ सवाल पूछने के लिए। आखिर में एक मंत्री को जाना पड़ा। यह सरकार झुकती है, बस आवाज एक साथ उठनी चाहिए।'
छात्र के संदेश पर प्रतिक्रिया
राहुल गांधी ने अपने वीडियो में एक छात्र का संदेश भी पढ़ा, जिसमें कहा गया था — 'राहुल सर, आप प्रयागराज आ रहे हो न। हम छात्रों की वास्तव में कोई नहीं सुन रहा।' इस पर उन्होंने जवाब दिया, 'मैं छात्रों की बात सुन रहा हूं। मैं प्रयागराज में रोज़गार और नौकरियों की स्थिति के बारे में चर्चा करने के लिए आ रहा हूं।'
रोज़गार संकट पर सीधा बयान
कांग्रेस नेता ने बेबाकी से स्वीकार किया कि मौजूदा हालात गंभीर हैं। उन्होंने कहा, 'मैं एक बात को 100 प्रतिशत स्वीकार करता हूं कि आज के हिंदुस्तान में रोज़गार या पढ़ाई में हमारे छात्रों का भविष्य नहीं है।' साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा, 'इसको हम सभी को मिलकर बदलना है। आपकी एनर्जी और आपकी आवाज के साथ हम मिलकर इस समस्या का समाधान कर सकते हैं।'
व्यापक संदर्भ: छात्र आंदोलन की बढ़ती लहर
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में पेपर लीक और भर्ती घोटालों को लेकर छात्रों का आक्रोश चरम पर है। कोटा, देहरादून और नई दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज की घटना ने राष्ट्रीय बहस छेड़ दी थी, जिसके बाद कथित तौर पर एक मंत्री को पद छोड़ना पड़ा। गौरतलब है कि प्रयागराज उत्तर प्रदेश का वह शहर है जहां लाखों युवा हर वर्ष संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं — इसलिए यह कार्यक्रम का स्थान सांकेतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
आगे क्या
राहुल गांधी ने छात्रों को कार्यक्रम में आने का आमंत्रण दिया है। 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के ज़रिए कांग्रेस युवा मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश में है, खासकर उत्तर प्रदेश में जहां आगामी चुनावी समीकरण महत्वपूर्ण हैं। यह देखना होगा कि इस आयोजन को छात्रों का कितना व्यापक समर्थन मिलता है और क्या यह आंदोलन को नई दिशा दे पाता है।