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राहुल गांधी का प्रयागराज दौरा: 'छात्रों की गूंज' से पहले बोले — 'एक साथ आवाज उठे तो सरकार झुकती है'

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राहुल गांधी का प्रयागराज दौरा: 'छात्रों की गूंज' से पहले बोले — 'एक साथ आवाज उठे तो सरकार झुकती है'

सारांश

राहुल गांधी प्रयागराज पहुंच रहे हैं — उस शहर में जहां लाखों युवा सरकारी नौकरियों के सपने के साथ जीते हैं। 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से पहले उनका एक्स पोस्ट सीधा संदेश है: पेपर लीक, रुकी भर्तियां और लाठीचार्ज — अब चुप रहना नहीं, एकजुट होना है।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने प्रयागराज में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से पहले एक्स पर वीडियो संदेश जारी किया।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक , रुकी भर्तियां और सालों का इंतजार छात्रों के साथ अन्याय है।
कोटा , देहरादून और दिल्ली में छात्र विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए बताया कि एकजुट आवाज से सरकार झुकती है।
राहुल ने 100 प्रतिशत स्वीकार किया कि 'आज के हिंदुस्तान में रोज़गार या पढ़ाई में छात्रों का भविष्य नहीं है।' प्रयागराज में लाखों युवा UPSC और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं — इसलिए यह स्थान रणनीतिक रूप से चुना गया।

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रयागराज में शनिवार, 9 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाले 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से पहले एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह सरकार झुकती है, बशर्ते छात्रों की आवाज एकजुट होकर उठे। यह कार्यक्रम देश में बेरोज़गारी, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं को लेकर बढ़ती छात्र असंतोष की पृष्ठभूमि में हो रहा है।

एक्स पर राहुल का संदेश

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, 'प्रयागराज आ रहा हूं। देश के उस शहर में जहां सबसे अधिक नौजवान तैयारी करते हैं। एक बात साफ है, यहां का हर छात्र जानता है कि सिस्टम बेईमान हो चुका है। आपकी मेहनत में कोई कमी नहीं, बल्कि कमी उस सिस्टम की नीयत में है, जो आपकी मेहनत का दाम नहीं देती।'

उन्होंने आगे लिखा, 'पेपर लीक, रुकी भर्तियां, सालों का इंतजार और जवाबदेही किसी की नहीं। कोटा में छात्र बोले, देहरादून में फिर आवाज उठी और दिल्ली में इन्हीं बच्चों पर लाठियां चलीं, सिर्फ सवाल पूछने के लिए। आखिर में एक मंत्री को जाना पड़ा। यह सरकार झुकती है, बस आवाज एक साथ उठनी चाहिए।'

छात्र के संदेश पर प्रतिक्रिया

राहुल गांधी ने अपने वीडियो में एक छात्र का संदेश भी पढ़ा, जिसमें कहा गया था — 'राहुल सर, आप प्रयागराज आ रहे हो न। हम छात्रों की वास्तव में कोई नहीं सुन रहा।' इस पर उन्होंने जवाब दिया, 'मैं छात्रों की बात सुन रहा हूं। मैं प्रयागराज में रोज़गार और नौकरियों की स्थिति के बारे में चर्चा करने के लिए आ रहा हूं।'

रोज़गार संकट पर सीधा बयान

कांग्रेस नेता ने बेबाकी से स्वीकार किया कि मौजूदा हालात गंभीर हैं। उन्होंने कहा, 'मैं एक बात को 100 प्रतिशत स्वीकार करता हूं कि आज के हिंदुस्तान में रोज़गार या पढ़ाई में हमारे छात्रों का भविष्य नहीं है।' साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा, 'इसको हम सभी को मिलकर बदलना है। आपकी एनर्जी और आपकी आवाज के साथ हम मिलकर इस समस्या का समाधान कर सकते हैं।'

व्यापक संदर्भ: छात्र आंदोलन की बढ़ती लहर

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में पेपर लीक और भर्ती घोटालों को लेकर छात्रों का आक्रोश चरम पर है। कोटा, देहरादून और नई दिल्ली में छात्रों के विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज की घटना ने राष्ट्रीय बहस छेड़ दी थी, जिसके बाद कथित तौर पर एक मंत्री को पद छोड़ना पड़ा। गौरतलब है कि प्रयागराज उत्तर प्रदेश का वह शहर है जहां लाखों युवा हर वर्ष संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं — इसलिए यह कार्यक्रम का स्थान सांकेतिक रूप से महत्वपूर्ण है।

आगे क्या

राहुल गांधी ने छात्रों को कार्यक्रम में आने का आमंत्रण दिया है। 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के ज़रिए कांग्रेस युवा मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश में है, खासकर उत्तर प्रदेश में जहां आगामी चुनावी समीकरण महत्वपूर्ण हैं। यह देखना होगा कि इस आयोजन को छात्रों का कितना व्यापक समर्थन मिलता है और क्या यह आंदोलन को नई दिशा दे पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह भी भावनात्मक अपील तक सीमित रहेगा। दिल्ली में लाठीचार्ज और एक मंत्री के इस्तीफे का संदर्भ देना राजनीतिक रूप से प्रभावशाली है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज यह नहीं पूछती कि कांग्रेस शासित राज्यों में भर्ती और पेपर लीक की स्थिति क्या रही है। छात्रों का असंतोष वास्तविक है — उसे केवल विपक्षी राजनीति का ईंधन बनाने से परे, जवाबदेही की माँग सभी दलों से होनी चाहिए।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम क्या है?
'छात्रों की गूंज' कांग्रेस द्वारा प्रयागराज में आयोजित एक छात्र-केंद्रित कार्यक्रम है, जिसमें राहुल गांधी बेरोज़गारी, पेपर लीक और भर्ती अनियमितताओं पर चर्चा करने पहुंचे। यह आयोजन उन लाखों युवाओं को संबोधित करने के लिए है जो प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।
राहुल गांधी ने एक्स पर क्या कहा?
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि प्रयागराज का हर छात्र जानता है कि सिस्टम बेईमान हो चुका है और कमी छात्रों की मेहनत में नहीं, बल्कि सिस्टम की नीयत में है। उन्होंने पेपर लीक, रुकी भर्तियों और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का ज़िक्र करते हुए कहा कि एकजुट आवाज से सरकार झुकती है।
राहुल गांधी ने रोज़गार की स्थिति पर क्या स्वीकार किया?
राहुल गांधी ने 100 प्रतिशत स्वीकार किया कि आज के हिंदुस्तान में रोज़गार या पढ़ाई के क्षेत्र में छात्रों का भविष्य नहीं है। उन्होंने कहा कि इसे सभी को मिलकर बदलना होगा।
प्रयागराज को इस कार्यक्रम के लिए क्यों चुना गया?
प्रयागराज वह शहर है जहां देश में सबसे अधिक युवा UPSC और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। राहुल गांधी ने खुद इसे 'देश का वह शहर जहां सबसे अधिक नौजवान तैयारी करते हैं' बताया, जिससे यह स्थान रणनीतिक और प्रतीकात्मक दोनों रूपों में महत्वपूर्ण है।
कांग्रेस का यह कदम किस राजनीतिक संदर्भ में आया है?
यह कार्यक्रम ऐसे समय में आया है जब कोटा, देहरादून और दिल्ली में छात्र विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं और एक मंत्री को कथित तौर पर पद छोड़ना पड़ा। कांग्रेस बेरोज़गारी और पेपर लीक के मुद्दे को उत्तर प्रदेश में चुनावी एजेंडे का हिस्सा बनाने की कोशिश में है।
राष्ट्र प्रेस
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