राहुल गांधी का प्रयागराज में छात्रों से संवाद: '1000 में सिर्फ 12 को मिलती है स्थायी नौकरी'
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 8 अगस्त को प्रयागराज में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में सैकड़ों प्रतियोगी छात्रों से सीधा संवाद किया और केंद्र सरकार तथा उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर रोजगार, पेपर लीक और निजीकरण के मुद्दों पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि भारत में 40 करोड़ युवाओं के बावजूद नौकरी के दरवाजे लगातार बंद होते जा रहे हैं।
रोजगार संकट पर राहुल के आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि युवा पढ़ाई पर परिवार की कमाई खर्च करता है, डिग्री हासिल करता है, लेकिन उसके बाद रोजगार की कोई गारंटी नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि 1,000 युवाओं में से केवल 12 को स्थायी नौकरी मिल पाती है। राहुल ने आरोप लगाया कि नोटबंदी और जीएसटी ने छोटे कारोबार और रोजगार के अवसरों को गंभीर रूप से प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में 'मेड इन चाइना' और 'मेड इन वियतनाम' की मजबूत उपस्थिति है, लेकिन 'मेड इन इंडिया' उतनी मजबूती से नहीं दिखती — जो विनिर्माण क्षेत्र की कमजोरी का प्रमाण है।
छात्रों ने सुनाई संघर्ष की दास्तान
कार्यक्रम के दौरान प्रतियोगी छात्रों ने अपनी पीड़ा खुलकर साझा की। अविनाश नाम के एक छात्र ने बताया कि वह 2018 से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहा है, लेकिन पद खाली होने के बावजूद भर्ती नहीं हुई। एक अन्य छात्र ने भावुक होकर कहा कि उसके सामने दो ही विकल्प बचे हैं — चाय की दुकान खोलना या आत्महत्या करना। राहुल ने तत्काल उसे रोकते हुए कहा कि आत्महत्या कोई समाधान नहीं है। उस छात्र ने बताया कि उसने बीएड की पढ़ाई के लिए जमीन बेच दी है और अब नौकरी की तलाश में भटक रहा है।
यूपी पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर 2017 से लगातार भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने दरोगा भर्ती, कांस्टेबल भर्ती, यूपी एसआई, लेखपाल और आरओ-एआरओ परीक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा बार-बार परीक्षा, आंदोलन और परिणाम के चक्र में फंसे हुए हैं। बिहार से आई एक छात्रा ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई हुई, जबकि एक अन्य छात्र ने पटना में कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का जिक्र किया।
संस्थागत नियंत्रण और डेटा पर चिंता
राहुल ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालयों, नौकरशाही और अन्य संस्थानों में एक खास विचारधारा के लोगों को बैठाया जा रहा है। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, "डेटा आपका है, दर्द आपका है और दौलत इनकी है।" उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि युवाओं का डेटा बड़ी कंपनियों तक पहुँच रहा है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जरिए इसका इस्तेमाल लोगों के अवसरों और विकल्पों को प्रभावित करने में हो सकता है। राहुल ने सोशल मीडिया रील संस्कृति को "21वीं सदी का नशा" बताते हुए युवाओं से सजग रहने की अपील की।
निजीकरण और राजनीतिक चंदे पर सवाल
राहुल गांधी ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और हवाईअड्डों के निजीकरण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक राजनीतिक पार्टी का बैंक बैलेंस पहले करीब ₹150 करोड़ था, जो अब हजारों करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। उन्होंने प्रयागराज से अपने पारिवारिक जुड़ाव का उल्लेख करते हुए शहर को ज्ञान का केंद्र बताया और कहा कि इसकी पुरानी पहचान को फिर से मजबूत करने की जरूरत है। राहुल ने छात्रों से कहा, "आप भारत की शक्ति हो, आप भारत की शान हो" — और युवा ऊर्जा को देश-निर्माण में लगाने का आह्वान किया।