राहुल गांधी का दावा: 1,000 युवाओं में सिर्फ 12 को मिलती है पक्की नौकरी, प्रयागराज में छात्रों से संवाद
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 8 अगस्त 2026 को प्रयागराज में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए दावा किया कि देश में प्रत्येक 1,000 युवाओं में से केवल 12 को ही पक्की नौकरी मिल पाती है। उन्होंने इस अवसर पर रोज़गार, डेटा और युवाओं की क्षमता को 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था का आधार बताया।
युवाओं की क्षमता और रोज़गार संकट
राहुल गांधी ने कहा कि भारत में 40 करोड़ युवा हैं, जो देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। उनके अनुसार, चीन, अमेरिका और रूस जैसी शक्तियाँ भी 21वीं सदी में भारतीय युवाओं की क्षमता के सामने फीकी पड़ जाती हैं। उन्होंने कहा, '21वीं सदी में किसी देश की तरक्की दो चीज़ों पर निर्भर करती है — युवाओं की क्षमता और वह डेटा जो वे बनाते हैं।'
उन्होंने यह भी कहा कि परिवार पढ़ाई पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन सिस्टम केवल एक सर्टिफिकेट देता है जो रोज़गार की गारंटी नहीं देता। उनके दावे के अनुसार, 1,000 में से महज 12 युवाओं को ही स्थायी रोज़गार मिल पाता है।
डेटा और डिजिटल अर्थव्यवस्था पर चिंता
राहुल गांधी ने कहा कि भारत के पास दुनिया में सबसे अधिक डेटा है — हर भारतीय रोज़ाना औसतन एक गीगाबाइट डेटा उपयोग करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि नागरिकों का यह डेटा बड़ी कंपनियों को सौंप दिया जाता है और युवाओं को रील व कंटेंट बनाने तक सीमित कर दिया जाता है। उन्होंने रील को '21वीं सदी का नया नशा' करार दिया और कहा कि इससे रोज़गार नहीं मिलता।
छात्रों ने उठाया पेपर लीक का मुद्दा
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश में हुए पेपर लीक का मुद्दा भी उठा। एक छात्र ने बताया कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों में कई भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी हुई है, जिनमें 2017 दरोगा भर्ती परीक्षा, 2018 यूपी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा, 2020-21 यूपी एसआई भर्ती परीक्षा, 2022 लेखपाल भर्ती परीक्षा और 2023 यूपी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा शामिल हैं। छात्र ने इन लीक को भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के कार्यकाल से जोड़ा, हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
प्रयागराज से राहुल का भावनात्मक जुड़ाव
राहुल गांधी ने कहा कि उनके परिवार का घर प्रयागराज में था और यहाँ आकर उन्हें हमेशा खुशी होती है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय को एक समय देश के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में गिना और कहा कि यह शहर ज्ञान का ऐतिहासिक केंद्र रहा है।
आगे क्या
राहुल गांधी की यह यात्रा कांग्रेस की युवा-केंद्रित आउटरीच का हिस्सा मानी जा रही है। रोज़गार और पेपर लीक जैसे मुद्दे आने वाले समय में राजनीतिक बहस का केंद्र बने रहने की संभावना है, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में।