राजस्थान में 20 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी, सीएम भजनलाल शर्मा ने गिनाईं योजनाओं की उपलब्धियां
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 4 अक्टूबर 2025 को जयपुर के यूनिवर्सिटी कॉमर्स कॉलेज में आयोजित नारी शक्ति सम्मेलन और संवाद कार्यक्रम में घोषणा की कि लखपति दीदी पहल के अंतर्गत राज्य में करीब 20 लाख महिलाएं लखपति दीदी का दर्जा हासिल कर चुकी हैं और 26 लाख से अधिक महिलाओं को इस योजना के तहत प्रशिक्षण दिया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण को राजस्थान की आर्थिक प्रगति की आधारशिला बताते हुए राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी पहलों का विस्तृत ब्यौरा दिया।
लखपति दीदी पहल: मुख्य उपलब्धियां
मुख्यमंत्री शर्मा के अनुसार, लखपति दीदी पहल ने राजस्थान की ग्रामीण और अर्ध-शहरी महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह दिखाई है। 26 लाख से अधिक महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है, जिसमें से करीब 20 लाख महिलाएं प्रति वर्ष ₹1 लाख या उससे अधिक की आय अर्जित करने में सफल हो चुकी हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी के रूप में चयनित लाभार्थियों को स्कूटी की चाबियां भी सौंपीं।
गौरतलब है कि यह पहल केंद्र सरकार की व्यापक लखपति दीदी योजना का हिस्सा है, जिसे राज्य स्तर पर लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से भी महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
राज्य सरकार की महिला कल्याण योजनाएं
शर्मा ने बताया कि पिछले पौने तीन वर्षों में राजस्थान सरकार ने महिला कल्याण के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत आर्थिक सहायता को ₹5,000 से बढ़ाकर ₹6,500 कर दिया गया है।
मां वाउचर योजना के तहत 5.74 लाख सोनोग्राफी कूपन जारी किए जा चुके हैं। पात्र परिवारों को ₹450 में एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य में 1.22 करोड़ महिलाओं और बालिकाओं को हर महीने मुफ्त सैनिटरी नैपकिन दिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना के तहत करीब 19 लाख पेंशनधारकों को कुल ₹8,866 करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी है। लाडो प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत पात्र कम आय वाले परिवारों में बेटी के जन्म पर ₹1.5 लाख का सेविंग बॉन्ड प्रदान किया जा रहा है।
बालिका शिक्षा और स्वास्थ्य पर ज़ोर
बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार ने अब तक 13.85 लाख साइकिलें छात्राओं को वितरित की हैं। कालीबाई उच्च शिक्षा स्कूटी योजना और देवनारायण छात्रा स्कूटी योजना के तहत करीब 46 हजार स्कूटी प्रदान की जा चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पिछले तीन वर्षों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, क्रेच वर्कर्स और साथिनों के मानदेय में प्रत्येक वर्ष 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
ऐतिहासिक प्रेरणा और सांस्कृतिक संदर्भ
नारी शक्ति सम्मेलन में शर्मा ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर, रानी लक्ष्मीबाई, सावित्रीबाई फुले, मीराबाई, पन्ना धाय, हाड़ी रानी, कालीबाई और अमृता देवी जैसी ऐतिहासिक विभूतियों का स्मरण कराते हुए कहा कि राजस्थान में महिलाओं के त्याग, साहस और समर्पण की एक गौरवशाली परंपरा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 वर्षों में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वतंत्रता को मज़बूत करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए हैं।
बुनियादी ढांचे को मिली नई सौगात
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शर्मा ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की 60 एंबुलेंस, 9 आर्टिकुलेटिंग वाटर टावर और 185 ऑटो-टिपर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य और स्वच्छता बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी 2047 तक विकसित भारत और विकसित राजस्थान के विजन को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। राज्य सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में और अधिक महिलाओं को लखपति दीदी के दायरे में लाना है।