राजस्थान में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की उच्च स्तरीय समीक्षा

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राजस्थान में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की उच्च स्तरीय समीक्षा

सारांश

राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने 20 मई को जयपुर में उच्च स्तरीय बैठक कर स्पष्ट किया कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार है। जनता से जमाखोरी न करने की अपील की गई और तेल कंपनियों को दैनिक जिलावार आंकड़े जारी करने के निर्देश दिए गए।

मुख्य बातें

श्रीनिवास ने 20 मई को जयपुर सचिवालय में ईंधन आपूर्ति पर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।
राजस्थान में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध; केंद्र सरकार ने निर्बाध आपूर्ति का आश्वासन दिया।
BPCL, IOCL और HPCL को दैनिक जिलावार आंकड़े सार्वजनिक करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों को ड्रमों में थोक ईंधन बिक्री और कालाबाज़ारी पर कड़ी निगरानी रखने के आदेश।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव अंबरीश कुमार ने विभागीय स्तर पर निरंतर निगरानी की पुष्टि की।
जनता से अपील: अफवाहों पर ध्यान न दें , अनावश्यक जमाखोरी से बचें।

राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बुधवार, 20 मई को जयपुर सचिवालय में ईंधन आपूर्ति पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट किया कि राजस्थान में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आम जनता को घबराकर खरीदारी करने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रमुख पाइपलाइन नेटवर्क के ज़रिए राज्य में ईंधन की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है।

बैठक में क्या हुआ

समीक्षा बैठक में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL), इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ निजी ईंधन आपूर्तिकर्ताओं के प्रतिनिधि, पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य राज्यभर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति एवं वितरण की समग्र स्थिति का आकलन करना था।

केंद्र सरकार का आश्वासन

मुख्य सचिव ने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य प्रशासन को आश्वस्त किया है कि भविष्य में ईंधन और एलपीजी आपूर्ति में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान से जुड़े देश के प्रमुख पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सक्रिय है।

निगरानी और पारदर्शिता के निर्देश

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने तेल एवं गैस कंपनियों को दैनिक जिलावार आंकड़े सार्वजनिक करने का निर्देश दिया, जिसमें पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता तथा वितरण की जानकारी शामिल होगी। उन्होंने अधिकारियों को ड्रमों में खुलेआम पेट्रोल-डीजल की थोक बिक्री पर कड़ी नज़र रखने के भी निर्देश दिए।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव अंबरीश कुमार ने बताया कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की किसी भी अवैध बिक्री या कालाबाज़ारी को रोकने के लिए विभागीय स्तर पर निरंतर निगरानी की जा रही है। गौरतलब है कि भारत-पाकिस्तान सीमा तनाव के बीच ऐसी समीक्षा बैठकें देश के कई राज्यों में आयोजित की जा रही हैं।

जनता से अपील

मुख्य सचिव ने आम नागरिकों से आग्रह किया कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक जमाखोरी से बचें। उन्होंने चेताया कि पर्याप्त ईंधन उपलब्ध होने के बावजूद घबराहट में की गई खरीदारी से आपूर्ति नेटवर्क पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है, जिससे कृत्रिम कमी जैसी स्थिति बन सकती है।

आगे की कार्रवाई

जिला स्तर पर स्टॉक की स्थिति और आपूर्ति तंत्र की दैनिक समीक्षा की जाएगी। निगरानी प्रणालियों को और मज़बूत करने तथा अवैध ईंधन बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन सतर्क बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और किसी भी असामान्य गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सोची-समझी संदेश रणनीति है। दैनिक जिलावार आंकड़े जारी करने का निर्देश पारदर्शिता की दिशा में सकारात्मक कदम है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि ये आंकड़े वास्तव में सार्वजनिक डोमेन में नियमित रूप से आते हैं या नहीं। ड्रमों में थोक बिक्री पर निगरानी का निर्देश संकेत देता है कि ज़मीनी स्तर पर अनियमितताएं पहले से चिह्नित हैं। अफवाह-नियंत्रण और आपूर्ति-प्रबंधन दोनों मोर्चों पर प्रशासन की सक्रियता ज़रूरी है, पर क्रियान्वयन की निरंतरता ही इसकी विश्वसनीयता तय करेगी।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति क्या है?
राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के अनुसार राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। प्रमुख पाइपलाइन नेटवर्क के ज़रिए आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है और केंद्र सरकार ने भी भविष्य में किसी व्यवधान की आशंका से इनकार किया है।
राजस्थान सरकार ने ईंधन जमाखोरी रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
मुख्य सचिव ने तेल कंपनियों को दैनिक जिलावार स्टॉक आंकड़े जारी करने और ड्रमों में थोक ईंधन बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग भी कालाबाज़ारी रोकने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी कर रहा है।
क्या राजस्थान में ईंधन की कोई कमी है?
नहीं, अधिकारियों के अनुसार राज्य में कोई वास्तविक कमी नहीं है। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि जो भी कमी दिखती है वह घबराहट में की गई खरीदारी और जमाखोरी के कारण कृत्रिम रूप से उत्पन्न हो सकती है, इसलिए जनता से अनावश्यक खरीदारी न करने की अपील की गई है।
इस समीक्षा बैठक में कौन-कौन शामिल हुए?
बैठक में BPCL, IOCL और HPCL के वरिष्ठ अधिकारी, निजी ईंधन आपूर्तिकर्ताओं के प्रतिनिधि, पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने की।
आगे ईंधन आपूर्ति की निगरानी कैसे होगी?
जिला स्तर पर स्टॉक की स्थिति और आपूर्ति तंत्र की दैनिक आधार पर समीक्षा की जाएगी। तेल कंपनियों द्वारा जिलावार आंकड़े नियमित रूप से जारी किए जाएंगे और अवैध ईंधन बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी प्रणाली को और मज़बूत किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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