राजस्थान में डेटा सेंटर निवेश: ₹43,000 करोड़ के प्रस्ताव, CM भजनलाल ने बताया AI हब का रोडमैप
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार, 1 जुलाई 2026 को घोषणा की कि राजस्थान को डेटा सेंटर क्षेत्र में ₹43,000 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो राज्य को भारत के डिजिटल परिवर्तन का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है। जयपुर स्थित राजस्थान अंतर्राष्ट्रीय केंद्र (RIC) में ई-गवर्नेंस पर आयोजित 29वें राष्ट्रीय सम्मेलन के बाद की गोलमेज चर्चा में उद्योग जगत के नेताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही।
निवेश प्रस्ताव और प्रमुख कंपनियाँ
मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि STT GDC ने जयपुर में एक AI-रेडी डेटा सेंटर स्थापित कर लिया है। इसके अतिरिक्त HG Akaya, Nayo Bolt और Ztudium सहित कई अन्य कंपनियों ने राजस्थान में निवेश के प्रस्ताव दिए हैं। इन सभी प्रस्तावों की संयुक्त लागत ₹43,000 करोड़ से अधिक है, जो राज्य के डिजिटल बुनियादी ढाँचे में उद्योग के बढ़ते भरोसे को रेखांकित करती है।
डिजिटल इकोसिस्टम और स्टार्टअप ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान अब केवल पर्यटन और विरासत के लिए नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल भविष्य में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता के रूप में पहचाना जा रहा है। राज्य में 100 से अधिक विश्वविद्यालय और लगभग 4,000 कॉलेज हैं, जिन्हें उन्होंने राज्य की सबसे बड़ी ताकत बताया।
सरकार की iStart पहल ने अब तक 8,700 से अधिक स्टार्टअप को बढ़ावा दिया है, जिससे ₹1,000 करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित हुआ है और 48,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। स्टार्टअप को सरकारी परियोजनाओं में भाग लेने में आसानी हो, इसके लिए सार्वजनिक खरीद में अनिवार्य पूर्व अनुभव और न्यूनतम कारोबार की बाधाएँ हटा दी गई हैं।
AI और उभरती प्रौद्योगिकियों की नीति
राज्य सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर, वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC), ड्रोन और भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए प्रगतिशील नीतियाँ विकसित कर रही है। प्रस्तावित AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से उद्योग, स्टार्टअप, शिक्षा जगत और सरकार के बीच सहयोग को और मजबूत करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की प्रचुर हरित ऊर्जा, प्रतिस्पर्धी परिचालन लागत और पारदर्शी शासन इसे निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाते हैं। निवेशकों को पर्याप्त भूमि, बिजली की उपलब्धता और एकल-खिड़की मंजूरी प्रणाली का भी लाभ मिलेगा।
ई-गवर्नेंस और 'विकसित राजस्थान 2047' का विजन
शर्मा ने कहा कि ई-गवर्नेंस ने नागरिक-केंद्रित सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाई है, सेवाओं की त्वरित डिलीवरी सुनिश्चित की है और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'विकसित भारत-विकसित राजस्थान 2047' के विजन को साकार करने के लिए राज्य अपना डिजिटल बुनियादी ढाँचा लगातार मजबूत कर रहा है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री ने उद्यमियों को राजस्थान को निवेश स्थल के रूप में नहीं, बल्कि अनुसंधान, नवाचार, रोजगार सृजन और भविष्य की प्रौद्योगिकियों में दीर्घकालिक भागीदार के रूप में देखने का आमंत्रण दिया। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्य डेटा सेंटर और AI निवेश के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, और राजस्थान की हरित ऊर्जा क्षमता इस दौड़ में उसे एक अलग बढ़त दे सकती है।