3 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजस्थान में प्रमोशन पात्रता में 2 साल की छूट मंजूर, सचिवालय में 149 नए पद सृजित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजस्थान में प्रमोशन पात्रता में 2 साल की छूट मंजूर, सचिवालय में 149 नए पद सृजित

सारांश

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक साथ कई कर्मचारी-हितैषी निर्णय लिए — प्रमोशन में 2 साल की छूट, सचिवालय में 149 नए पद, 29 अनुकंपा मामलों में राहत और फर्जी प्रमाणपत्र रखने वाले 4 कर्मचारियों की बर्खास्तगी। ये फैसले बजट 2026-27 की घोषणाओं को ज़मीन पर उतारने की कोशिश हैं।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 18 जून 2026 को पदोन्नति पात्रता में 2 वर्ष की छूट को मंजूरी दी — बजट 2026-27 की घोषणा के अनुरूप।
DPC के तहत 2023-24 , 2024-25 और 2025-26 में पहले ही छूट ले चुके कर्मचारी इस बार पात्र नहीं होंगे।
राज्य सचिवालय में 149 नए पद सृजित — 15 सहायक शासन सचिव , 67 सहायक अनुभाग अधिकारी , 67 लिपिक ग्रेड-प्रथम ।
अनुकंपा नियुक्ति व सेवा संबंधी 29 मामलों में विशेष छूट; 4 स्थानांतरण मामलों में पत्नी की सुविधा के आधार पर राहत।
सत्यदेव सिंह कृष्णावत , गिरिराज प्रसाद मीणा , योगेंद्र सिंह सिसोदिया और तरुण जोशी — चार हाउसकीपर कर्मचारियों की सेवाएँ फर्जी प्रमाणपत्र के कारण समाप्त।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 18 जून 2026 को सरकारी कर्मचारियों के लिए एक अहम प्रशासनिक निर्णय लेते हुए पदोन्नति की पात्रता शर्तों में दो वर्ष की छूट देने को मंजूरी दी है। राज्य सरकार के बयान के अनुसार, यह कदम बजट 2026-27 में की गई घोषणा के अनुरूप है और इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों को पदोन्नति के नए अवसर मिलेंगे।

मुख्य निर्णय: क्या बदला

इस फैसले के तहत विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन किया जाएगा, जिससे पदोन्नति के लिए निर्धारित अनुभव या सेवा अवधि की अनिवार्यता में दो वर्ष की कमी की जाएगी। हालाँकि, एक महत्वपूर्ण शर्त यह भी रखी गई है कि विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) के तहत 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान इस प्रकार की छूट का लाभ पहले ही उठा चुके कर्मचारी इस सुविधा के पात्र नहीं होंगे।

सचिवालय में 149 नए पदों का सृजन

प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने राज्य सचिवालय में 149 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी है। इनमें 15 सहायक शासन सचिव, 67 सहायक अनुभाग अधिकारी और 67 लिपिक ग्रेड-प्रथम के पद शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इससे न केवल मौजूदा कर्मचारियों के पदोन्नति के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि युवाओं के लिए भी नए रोज़गार के द्वार खुलेंगे।

अनुकंपा नियुक्ति और सेवा मामलों में राहत

एक अन्य कर्मचारी-हितैषी निर्णय में मुख्यमंत्री ने अनुकंपा नियुक्ति और सेवा संबंधी 29 मामलों में विशेष छूट प्रदान की है। इनमें से 16 मामलों में सरकारी कर्मचारियों के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति के आवेदन में हुई देरी को देखते हुए राहत दी गई है। 9 मामलों में आवेदन विलंब के कारण आयु सीमा में छूट प्रदान की गई, जबकि 4 स्थानांतरण मामलों में आश्रित पत्नी की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों की तैनाती उनके घर के निकट करने की अनुमति दी गई।

चार हाउसकीपर कर्मचारियों की सेवाएँ समाप्त

इसी के साथ राज्य सरकार ने विभागीय जाँच में दोषी पाए जाने के बाद सत्यदेव सिंह कृष्णावत, गिरिराज प्रसाद मीणा, योगेंद्र सिंह सिसोदिया और तरुण जोशी — इन चार हाउसकीपर कर्मचारियों की सेवाएँ समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं। जाँच में पाया गया कि इन कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत प्रमाणपत्र और डिप्लोमा संबंधित पदों के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं पात्रता मानकों के अनुरूप नहीं थे।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार प्रशासनिक सुधारों को गति देने पर जोर दे रही है। संशोधित सेवा नियमों की अधिसूचना जारी होने के बाद पात्र कर्मचारी पदोन्नति प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। नए पदों पर भर्ती की समयसीमा और प्रक्रिया सरकार द्वारा शीघ्र स्पष्ट किए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जिन विभागों में पद रिक्त नहीं हैं, वहाँ यह छूट व्यावहारिक रूप से कितनी कारगर होगी। सचिवालय में 149 नए पदों का सृजन प्रशासनिक विस्तार की दिशा में एक ठोस कदम है, पर यह तभी सार्थक होगा जब भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो। फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नियुक्त चार कर्मचारियों की बर्खास्तगी यह भी संकेत देती है कि भर्ती सत्यापन तंत्र में अभी भी खामियाँ हैं जिन पर ध्यान देना ज़रूरी है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान में पदोन्नति पात्रता में 2 साल की छूट का क्या मतलब है?
इसका अर्थ है कि पदोन्नति के लिए जितने वर्षों का अनुभव या सेवा अवधि अनिवार्य थी, उसमें दो वर्ष की कमी की जाएगी। यह संशोधन विभिन्न सेवा नियमों में किया जाएगा और बजट 2026-27 की घोषणा के तहत लागू होगा।
क्या सभी कर्मचारी इस छूट का लाभ उठा सकते हैं?
नहीं। जो कर्मचारी DPC के तहत 2023-24, 2024-25 या 2025-26 में पहले ही इस प्रकार की छूट का लाभ ले चुके हैं, उन्हें यह सुविधा दोबारा नहीं मिलेगी। शेष पात्र कर्मचारी संशोधित नियमों के लागू होने के बाद आवेदन कर सकेंगे।
राजस्थान सचिवालय में नए 149 पदों में कौन-कौन से पद शामिल हैं?
इन 149 पदों में 15 सहायक शासन सचिव, 67 सहायक अनुभाग अधिकारी और 67 लिपिक ग्रेड-प्रथम के पद शामिल हैं। इनका उद्देश्य राज्य सचिवालय की प्रशासनिक कार्यक्षमता को बढ़ाना है।
अनुकंपा नियुक्ति के 29 मामलों में क्या राहत दी गई है?
16 मामलों में कर्मचारी के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति आवेदन में हुई देरी माफ की गई, 9 मामलों में आयु सीमा में छूट दी गई और 4 स्थानांतरण मामलों में आश्रित पत्नी की सुविधा को ध्यान में रखते हुए घर के निकट तैनाती की अनुमति दी गई।
चार हाउसकीपर कर्मचारियों को क्यों बर्खास्त किया गया?
विभागीय जाँच में पाया गया कि सत्यदेव सिंह कृष्णावत, गिरिराज प्रसाद मीणा, योगेंद्र सिंह सिसोदिया और तरुण जोशी द्वारा प्रस्तुत प्रमाणपत्र और डिप्लोमा निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं पात्रता मानकों के अनुरूप नहीं थे। इसके आधार पर राज्य सरकार ने उनकी सेवाएँ समाप्त करने के आदेश जारी किए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले