राजस्थान में प्रमोशन पात्रता में 2 साल की छूट मंजूर, सचिवालय में 149 नए पद सृजित
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 18 जून 2026 को सरकारी कर्मचारियों के लिए एक अहम प्रशासनिक निर्णय लेते हुए पदोन्नति की पात्रता शर्तों में दो वर्ष की छूट देने को मंजूरी दी है। राज्य सरकार के बयान के अनुसार, यह कदम बजट 2026-27 में की गई घोषणा के अनुरूप है और इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों को पदोन्नति के नए अवसर मिलेंगे।
मुख्य निर्णय: क्या बदला
इस फैसले के तहत विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन किया जाएगा, जिससे पदोन्नति के लिए निर्धारित अनुभव या सेवा अवधि की अनिवार्यता में दो वर्ष की कमी की जाएगी। हालाँकि, एक महत्वपूर्ण शर्त यह भी रखी गई है कि विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) के तहत 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान इस प्रकार की छूट का लाभ पहले ही उठा चुके कर्मचारी इस सुविधा के पात्र नहीं होंगे।
सचिवालय में 149 नए पदों का सृजन
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने राज्य सचिवालय में 149 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी है। इनमें 15 सहायक शासन सचिव, 67 सहायक अनुभाग अधिकारी और 67 लिपिक ग्रेड-प्रथम के पद शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इससे न केवल मौजूदा कर्मचारियों के पदोन्नति के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि युवाओं के लिए भी नए रोज़गार के द्वार खुलेंगे।
अनुकंपा नियुक्ति और सेवा मामलों में राहत
एक अन्य कर्मचारी-हितैषी निर्णय में मुख्यमंत्री ने अनुकंपा नियुक्ति और सेवा संबंधी 29 मामलों में विशेष छूट प्रदान की है। इनमें से 16 मामलों में सरकारी कर्मचारियों के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति के आवेदन में हुई देरी को देखते हुए राहत दी गई है। 9 मामलों में आवेदन विलंब के कारण आयु सीमा में छूट प्रदान की गई, जबकि 4 स्थानांतरण मामलों में आश्रित पत्नी की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों की तैनाती उनके घर के निकट करने की अनुमति दी गई।
चार हाउसकीपर कर्मचारियों की सेवाएँ समाप्त
इसी के साथ राज्य सरकार ने विभागीय जाँच में दोषी पाए जाने के बाद सत्यदेव सिंह कृष्णावत, गिरिराज प्रसाद मीणा, योगेंद्र सिंह सिसोदिया और तरुण जोशी — इन चार हाउसकीपर कर्मचारियों की सेवाएँ समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं। जाँच में पाया गया कि इन कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत प्रमाणपत्र और डिप्लोमा संबंधित पदों के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं पात्रता मानकों के अनुरूप नहीं थे।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार प्रशासनिक सुधारों को गति देने पर जोर दे रही है। संशोधित सेवा नियमों की अधिसूचना जारी होने के बाद पात्र कर्मचारी पदोन्नति प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। नए पदों पर भर्ती की समयसीमा और प्रक्रिया सरकार द्वारा शीघ्र स्पष्ट किए जाने की उम्मीद है।