राजगढ़ में CM मोहन यादव ने दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल और लखपति दीदी समूहों को 11 इलेक्ट्रिक वाहन वितरित किए
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 30 जून 2026 को राजगढ़ जिले का दौरा कर दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल और लखपति दीदी समूहों को 11 इलेक्ट्रिक वाहन वितरित किए। यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण और दिव्यांग कल्याण की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
भैंसवामाता मंदिर में पूजा-अर्चना और हरित संदेश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भैंसवामाता क्षेत्र स्थित पवित्र दूध तलैया में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की। उन्होंने भैंसवामाता एवं माता बिजासन से प्रदेश की सुख, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने हरित भारत का संदेश देते हुए पौधरोपण भी किया और पर्यावरण संरक्षण की अपील की।
मुख्यमंत्री ने भैंसवामाता मंदिर के प्रस्तावित स्वरूप का अवलोकन किया तथा विकास एवं सौंदर्यीकरण से जुड़े प्रस्तावित कार्यों की जानकारी ली। मंदिर के प्रवेश द्वार पर आदिवासी नृत्य दल ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं और बच्चियों ने सिर पर कलश धारण कर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार उनका स्वागत किया।
दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल वितरण
मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल वितरित कर उन्हें आत्मनिर्भरता की शुभकामनाएँ दीं। यह वितरण राज्य सरकार की दिव्यांग कल्याण योजनाओं के अंतर्गत किया गया, जिसका उद्देश्य दिव्यांगजनों की दैनिक गतिशीलता को सुगम बनाना है।
लखपति दीदी समूहों को 11 इलेक्ट्रिक वाहन
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के क्रम में मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी समूहों को 11 इलेक्ट्रिक वाहनों का वितरण किया। यह पहल स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। इलेक्ट्रिक वाहन इन समूहों की व्यावसायिक गतिविधियों को गति देने में सहायक होंगे।
ईको ब्रिक्स मॉडल की सराहना
मुख्यमंत्री ने ब्यावरा की पर्यावरण प्रेमी संरक्षण समिति द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट से तैयार किए जा रहे ईको ब्रिक्स की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण का अनुकरणीय मॉडल है। उन्होंने यह भी कहा कि जल संरक्षण, वृक्षारोपण और स्वच्छता जैसे अभियान जनसहभागिता से ही सफल होंगे।
आगे की दिशा
राजगढ़ दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का यह संदेश स्पष्ट था कि राज्य सरकार दिव्यांग कल्याण, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण को एकसाथ प्राथमिकता दे रही है। लखपति दीदी समूहों को इलेक्ट्रिक वाहन मिलने से उनकी आय और स्वावलंबन में वृद्धि अपेक्षित है।