28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजनाथ सिंह ने तटरक्षक बल के लिए दो नीति सुधार किए घोषित, महिला अधिकारियों को मिलेगी स्थायी नियुक्ति

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजनाथ सिंह ने तटरक्षक बल के लिए दो नीति सुधार किए घोषित, महिला अधिकारियों को मिलेगी स्थायी नियुक्ति

सारांश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तटरक्षक बल के लिए दो अहम सुधार घोषित किए — महिला अधिकारियों को पुरुषों के समान भर्ती और पदोन्नति का अधिकार, और समुद्र में लापता कर्मियों के परिजनों को बिना प्रशासनिक देरी के अनुग्रह राशि। यह घोषणा बल की 2027 स्वर्ण जयंती से पहले आई है।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 जुलाई 2026 को भारतीय तटरक्षक बल (ICG) के लिए दो महत्वपूर्ण नीति सुधारों की घोषणा की।
पहले सुधार के तहत ICG की भर्ती और सेवा व्यवस्था पूरी तरह लैंगिक-तटस्थ बनाई गई; महिला अधिकारियों को लघु सेवा नियुक्ति और स्थायी नियुक्ति दोनों का विकल्प मिलेगा।
दूसरे सुधार के तहत ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता कर्मियों को मृत घोषित करने का अधिकार निर्धारित किया गया, जिससे परिजनों को अनुग्रह राशि शीघ्र मिल सकेगी।
कार्यक्रम में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और ICG महानिदेशक परमेश शिवमणि उपस्थित रहे।
भारतीय तटरक्षक बल वर्ष 2027 में अपनी स्वर्ण जयंती मनाएगा; सरकार ने इसे आधुनिक और भविष्य-सक्षम बनाने की प्रतिबद्धता जताई।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में भारतीय तटरक्षक बल (ICG) के अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए दो महत्वपूर्ण नीति सुधारों की घोषणा की। पहला सुधार भर्ती और सेवा व्यवस्था को पूरी तरह लैंगिक-तटस्थ बनाने से संबंधित है, जबकि दूसरा ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता हुए कर्मियों के परिजनों को शीघ्र अनुग्रह राशि दिलाने की प्रक्रिया को सरल बनाता है।

पहला सुधार: लैंगिक-तटस्थ भर्ती नीति

नई व्यवस्था के तहत भारतीय तटरक्षक बल में अधिकारियों की भर्ती और सेवा शर्तों को पूरी तरह लैंगिक-तटस्थ कर दिया गया है। अब महिला अधिकारियों को पुरुष अधिकारियों के समान लघु सेवा नियुक्ति (Short Service Commission) और स्थायी नियुक्ति (Permanent Commission) दोनों में भर्ती का अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त पुरुष अभ्यर्थियों के लिए भी लघु सेवा नियुक्ति का द्वार खोला गया है।

प्रशिक्षण के प्रारंभिक चरण से ही महिलाओं और पुरुषों को समान अवसर सुनिश्चित किए जाएँगे। जो महिला अधिकारी पहले से स्थायी नियुक्ति पर कार्यरत हैं, वे पात्रता शर्तें पूरी करने पर उच्च पदों पर पदोन्नति के लिए विचार की पात्र होंगी। वर्तमान में लघु सेवा नियुक्ति पर तैनात महिला अधिकारियों को निर्धारित शर्तें पूरी करने पर स्थायी नियुक्ति में परिवर्तित होने का विकल्प भी दिया जाएगा।

रक्षा मंत्री ने कहा कि यह निर्णय नारी शक्ति को बढ़ावा देने और समुद्री सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

दूसरा सुधार: लापता कर्मियों के परिवारों को त्वरित राहत

दूसरी नीति उन तटरक्षक कर्मियों के परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से तैयार की गई है, जो ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता हो जाते हैं। इसके तहत ऐसे कर्मियों को अनुग्रह राशि दिलाने हेतु मृत घोषित करने का अधिकार निर्धारित किया गया है, ताकि परिजनों को वित्तीय लाभ पाने के लिए लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया का इंतजार न करना पड़े।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस सुधार से अनुग्रह राशि और सेवा समाप्ति से जुड़े अन्य वित्तीय लाभ देने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और सरल हो जाएगी। कठिन परिस्थितियों में परिवारों को शीघ्र आर्थिक सहायता सुनिश्चित करना इस नीति का मूल उद्देश्य है।

तटरक्षक बल की स्वर्ण जयंती और सरकार की प्रतिबद्धता

राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर पिछले पाँच दशकों में भारतीय तटरक्षक बल के समुद्री सुरक्षा, खोज एवं बचाव अभियानों तथा तटीय निगरानी में उल्लेखनीय योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये नई नीतियाँ बल का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ उसकी ऑपरेशनल क्षमता को भी सुदृढ़ करेंगी।

उल्लेखनीय है कि भारतीय तटरक्षक बल वर्ष 2027 में अपनी स्वर्ण जयंती मनाने की ओर अग्रसर है। सरकार ने इसे एक आधुनिक, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार समुद्री सुरक्षा बल के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई है।

कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी

इन नीति सुधारों की घोषणा के कार्यक्रम में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह आयोजन नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन-2 में हुआ।

इन दोनों सुधारों के क्रियान्वयन से तटरक्षक बल में सेवा की शर्तें अधिक समावेशी और कर्मियों के परिवारों के लिए अधिक संवेदनशील बनने की उम्मीद है — एक ऐसा बदलाव जो बल की दीर्घकालिक परिचालन तत्परता पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की गति होगी — सशस्त्र बलों में महिलाओं के लिए स्थायी नियुक्ति की नीतियाँ अतीत में भी घोषित होती रही हैं, पर उनका विस्तार धीमा रहा है। लापता कर्मियों के लिए 'मृत घोषित करने के अधिकार' का प्रावधान एक संवेदनशील और व्यावहारिक कदम है, जो परिवारों को वर्षों की कानूनी उलझन से बचाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब ICG 2027 की स्वर्ण जयंती की ओर बढ़ रहा है और बल को आधुनिक बनाने का दबाव बढ़ रहा है। सवाल यह है कि क्या ये नीतियाँ केवल घोषणाओं तक सीमित रहेंगी या इनके लिए स्पष्ट समयसीमा और जवाबदेही तंत्र भी तय किया जाएगा।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजनाथ सिंह ने तटरक्षक बल के लिए कौन से दो नीति सुधार घोषित किए?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 28 जुलाई 2026 को दो सुधार घोषित किए — पहला, ICG की भर्ती और सेवा व्यवस्था को लैंगिक-तटस्थ बनाना, जिससे महिला अधिकारियों को स्थायी और लघु सेवा नियुक्ति दोनों का विकल्प मिलेगा; दूसरा, ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता कर्मियों के परिजनों को शीघ्र अनुग्रह राशि दिलाने की प्रक्रिया को सरल बनाना।
तटरक्षक बल में महिला अधिकारियों को अब क्या नए अधिकार मिलेंगे?
नई नीति के तहत महिला अधिकारी अब पुरुष अधिकारियों के समान लघु सेवा नियुक्ति और स्थायी नियुक्ति दोनों में शामिल हो सकेंगी। पहले से स्थायी नियुक्ति पर कार्यरत महिला अधिकारी उच्च पदों पर पदोन्नति के लिए पात्र होंगी, और लघु सेवा नियुक्ति पर तैनात महिलाएँ निर्धारित शर्तें पूरी करने पर स्थायी नियुक्ति में परिवर्तित हो सकेंगी।
समुद्र में लापता तटरक्षक कर्मियों के परिवारों को अब कैसे मिलेगी मदद?
नई नीति के तहत ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता हुए कर्मियों को अनुग्रह राशि दिलाने के उद्देश्य से उन्हें मृत घोषित करने का अधिकार निर्धारित किया गया है। इससे परिजनों को लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया का इंतजार किए बिना वित्तीय सहायता शीघ्र मिल सकेगी।
भारतीय तटरक्षक बल की स्वर्ण जयंती कब है और इसका इन सुधारों से क्या संबंध है?
भारतीय तटरक्षक बल वर्ष 2027 में अपनी स्वर्ण जयंती मनाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर बल को आधुनिक, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, और ये नीति सुधार उसी दिशा में उठाए गए कदम हैं।
इन सुधारों की घोषणा कहाँ और किनकी उपस्थिति में हुई?
इन नीति सुधारों की घोषणा नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन-2 में हुई। कार्यक्रम में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले