राजनाथ सिंह ने तटरक्षक बल के लिए दो नीति सुधार किए घोषित, महिला अधिकारियों को मिलेगी स्थायी नियुक्ति
सारांश
मुख्य बातें
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में भारतीय तटरक्षक बल (ICG) के अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए दो महत्वपूर्ण नीति सुधारों की घोषणा की। पहला सुधार भर्ती और सेवा व्यवस्था को पूरी तरह लैंगिक-तटस्थ बनाने से संबंधित है, जबकि दूसरा ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता हुए कर्मियों के परिजनों को शीघ्र अनुग्रह राशि दिलाने की प्रक्रिया को सरल बनाता है।
पहला सुधार: लैंगिक-तटस्थ भर्ती नीति
नई व्यवस्था के तहत भारतीय तटरक्षक बल में अधिकारियों की भर्ती और सेवा शर्तों को पूरी तरह लैंगिक-तटस्थ कर दिया गया है। अब महिला अधिकारियों को पुरुष अधिकारियों के समान लघु सेवा नियुक्ति (Short Service Commission) और स्थायी नियुक्ति (Permanent Commission) दोनों में भर्ती का अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त पुरुष अभ्यर्थियों के लिए भी लघु सेवा नियुक्ति का द्वार खोला गया है।
प्रशिक्षण के प्रारंभिक चरण से ही महिलाओं और पुरुषों को समान अवसर सुनिश्चित किए जाएँगे। जो महिला अधिकारी पहले से स्थायी नियुक्ति पर कार्यरत हैं, वे पात्रता शर्तें पूरी करने पर उच्च पदों पर पदोन्नति के लिए विचार की पात्र होंगी। वर्तमान में लघु सेवा नियुक्ति पर तैनात महिला अधिकारियों को निर्धारित शर्तें पूरी करने पर स्थायी नियुक्ति में परिवर्तित होने का विकल्प भी दिया जाएगा।
रक्षा मंत्री ने कहा कि यह निर्णय नारी शक्ति को बढ़ावा देने और समुद्री सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
दूसरा सुधार: लापता कर्मियों के परिवारों को त्वरित राहत
दूसरी नीति उन तटरक्षक कर्मियों के परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से तैयार की गई है, जो ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता हो जाते हैं। इसके तहत ऐसे कर्मियों को अनुग्रह राशि दिलाने हेतु मृत घोषित करने का अधिकार निर्धारित किया गया है, ताकि परिजनों को वित्तीय लाभ पाने के लिए लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया का इंतजार न करना पड़े।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस सुधार से अनुग्रह राशि और सेवा समाप्ति से जुड़े अन्य वित्तीय लाभ देने की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और सरल हो जाएगी। कठिन परिस्थितियों में परिवारों को शीघ्र आर्थिक सहायता सुनिश्चित करना इस नीति का मूल उद्देश्य है।
तटरक्षक बल की स्वर्ण जयंती और सरकार की प्रतिबद्धता
राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर पिछले पाँच दशकों में भारतीय तटरक्षक बल के समुद्री सुरक्षा, खोज एवं बचाव अभियानों तथा तटीय निगरानी में उल्लेखनीय योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये नई नीतियाँ बल का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ उसकी ऑपरेशनल क्षमता को भी सुदृढ़ करेंगी।
उल्लेखनीय है कि भारतीय तटरक्षक बल वर्ष 2027 में अपनी स्वर्ण जयंती मनाने की ओर अग्रसर है। सरकार ने इसे एक आधुनिक, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार समुद्री सुरक्षा बल के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई है।
कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
इन नीति सुधारों की घोषणा के कार्यक्रम में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह आयोजन नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन-2 में हुआ।
इन दोनों सुधारों के क्रियान्वयन से तटरक्षक बल में सेवा की शर्तें अधिक समावेशी और कर्मियों के परिवारों के लिए अधिक संवेदनशील बनने की उम्मीद है — एक ऐसा बदलाव जो बल की दीर्घकालिक परिचालन तत्परता पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।