राजनाथ सिंह ने सियोल में कोरियाई वीरों को दी श्रद्धांजलि, भारत-दक्षिण कोरिया रक्षा साझेदारी होगी और मजबूत

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राजनाथ सिंह ने सियोल में कोरियाई वीरों को दी श्रद्धांजलि, भारत-दक्षिण कोरिया रक्षा साझेदारी होगी और मजबूत

सारांश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का सियोल दौरा महज औपचारिकता नहीं — यह भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति की व्यावहारिक अभिव्यक्ति है। नेशनल सेमेट्री में श्रद्धांजलि से लेकर रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक के साथ द्विपक्षीय वार्ता तक, यह यात्रा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत-दक्षिण कोरिया रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने की कोशिश है।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 20 मई 2025 को सियोल के नेशनल सेमेट्री ऑफ कोरिया में दक्षिण कोरिया के वीर सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की।
यह तीन दिवसीय आधिकारिक दौरा 19 से 21 मई 2025 तक चलेगा।
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक के साथ सैन्य सहयोग, रक्षा उद्योग, समुद्री सुरक्षा और प्रौद्योगिकी साझेदारी पर द्विपक्षीय वार्ता होगी।
यात्रा का उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत-दक्षिण कोरिया रणनीतिक समन्वय को और मजबूत करना है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह दौरा भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और 'आत्मनिर्भर भारत' लक्ष्य दोनों को बल देता है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 20 मई 2025 को सियोल स्थित नेशनल सेमेट्री ऑफ कोरिया (राष्ट्रीय समाधि स्थल) पर पुष्पांजलि अर्पित कर दक्षिण कोरिया के उन वीर सैनिकों को नमन किया, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया। यह यात्रा 19 मई से शुरू हुई तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे का हिस्सा है, जो 21 मई 2025 तक जारी रहेगी। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और कोरिया गणराज्य के बीच रक्षा सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समन्वय को और सुदृढ़ करना है।

समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि — कूटनीतिक संदेश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नेशनल सेमेट्री ऑफ कोरिया में पुष्प अर्पित करते हुए कहा कि इन वीर जवानों का साहस, समर्पण और देशभक्ति की भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत, कोरिया गणराज्य के साथ उसके वीर नायकों की विरासत का सम्मान करने और उनके बलिदान को स्मरण करने में पूरी एकजुटता के साथ खड़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह श्रद्धांजलि केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और शांति के प्रति प्रतिबद्धता का भी संकेत है।

द्विपक्षीय वार्ता का एजेंडा

राजनाथ सिंह इस दौरे में दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक के साथ व्यापक द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस बैठक में दोनों देश रक्षा साझेदारी की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करेंगे और सैन्य सहयोग, रक्षा उद्योग, समुद्री सुरक्षा, प्रौद्योगिकी साझेदारी तथा क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषयों पर नई पहलों पर चर्चा की जाएगी। साझा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होने की उम्मीद है।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ता सहयोग

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब भारत और दक्षिण कोरिया के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा और रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हुई है। दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। गौरतलब है कि रक्षा उत्पादन और तकनीकी साझेदारी के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर लगातार उभर रहे हैं।

विशेषज्ञों की राय

रणनीतिक मामलों के जानकारों का मानना है कि राजनाथ सिंह की यह यात्रा भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति को व्यावहारिक धरातल पर आगे ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार, दक्षिण कोरिया के साथ रक्षा-औद्योगिक सहयोग भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' लक्ष्य को भी बल दे सकता है। यह दौरा भारत-कोरिया संबंधों को नई गति और दिशा देने का अवसर माना जा रहा है।

आगे क्या

दौरे के समापन तक दोनों पक्षों के बीच रक्षा सहयोग पर संयुक्त बयान या समझौतों की घोषणा की संभावना है। 21 मई 2025 को यात्रा के समाप्त होने के बाद दोनों देशों के बीच आगामी सहयोग की रूपरेखा स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

मिसाइल प्रणाली और अर्धचालक प्रौद्योगिकी में — लेकिन अब तक ठोस संयुक्त उत्पादन समझौते सीमित रहे हैं। श्रद्धांजलि की प्रतीकात्मक शक्ति निर्विवाद है, पर मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर छोड़ देती है वह यह है कि भारत-कोरिया रक्षा व्यापार अभी भी अपनी वास्तविक क्षमता से काफी नीचे है। असली कसौटी यह होगी कि इस दौरे से कोई ठोस रक्षा-औद्योगिक ढांचा उभरता है या यह केवल कूटनीतिक सद्भावना तक सिमट जाता है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजनाथ सिंह दक्षिण कोरिया यात्रा पर क्यों गए हैं?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 19 से 21 मई 2025 तक तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर दक्षिण कोरिया में हैं। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और कोरिया गणराज्य के बीच रक्षा सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समन्वय को मजबूत करना है।
नेशनल सेमेट्री ऑफ कोरिया में राजनाथ सिंह ने क्या किया?
राजनाथ सिंह ने 20 मई 2025 को सियोल स्थित नेशनल सेमेट्री ऑफ कोरिया में पुष्पांजलि अर्पित कर दक्षिण कोरिया के उन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि इन जवानों का साहस और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगी।
राजनाथ सिंह की दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री से किन विषयों पर वार्ता होगी?
राजनाथ सिंह दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक के साथ सैन्य सहयोग, रक्षा उद्योग, समुद्री सुरक्षा, प्रौद्योगिकी साझेदारी और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे। साझा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होगा।
भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रक्षा संबंध कैसे हैं?
पिछले कुछ वर्षों में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रक्षा और रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हुई है। दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं और रक्षा उत्पादन व तकनीकी सहयोग के नए अवसर उभर रहे हैं।
राजनाथ सिंह की दक्षिण कोरिया यात्रा कब समाप्त होगी और आगे क्या होगा?
यह दौरा 21 मई 2025 को समाप्त होगा। यात्रा के अंत तक दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग पर संयुक्त बयान या नई पहलों की घोषणा की संभावना जताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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