5 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिग्विजय सिंह ने हमेशा हिंदुओं को बदनाम किया: भाजपा विधायक राम कदम का तीखा हमला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिग्विजय सिंह ने हमेशा हिंदुओं को बदनाम किया: भाजपा विधायक राम कदम का तीखा हमला

सारांश

भाजपा विधायक राम कदम ने एक साथ तीन मोर्चे खोले — दिग्विजय सिंह पर हिंदू-विरोधी विचारों का आरोप, ठाकरे मोर्चे को 'फैंसी ड्रेस' बताना और एमपीएससी आंदोलन को शरद पवार गुट की राजनीति से प्रेरित करार देना। महाराष्ट्र की सियासत में यह बयान बड़ी हलचल मचाने वाला है।

मुख्य बातें

भाजपा विधायक राम कदम ने 5 अक्टूबर 2026 को मुंबई में दिग्विजय सिंह पर हिंदू धर्म को बदनाम करने का सीधा आरोप लगाया।
राम कदम ने भगवा को आतंकवाद से जोड़ने और अयोध्या राम मंदिर पर सवाल उठाने का भी हवाला दिया।
ठाकरे बंधुओं के 'गर्जना' मोर्चे को 'फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता' बताया; ईवीएम पर 30 वर्षों की जीत का हवाला दिया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एमपीएससी छात्रों की शत-प्रतिशत माँगें मानीं, लेकिन राम कदम ने आंदोलन को शरद पवार गुट प्रायोजित बताया।
छात्रों की कुछ माँगें राज्य सरकार के अधिकार-क्षेत्र से बाहर, राष्ट्रपति के अधिकार में हैं — यह राम कदम का तर्क।

भाजपा विधायक राम कदम ने 5 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा हिंदू धर्म को बदनाम करने का प्रयास किया है। राम कदम ने ठाकरे बंधुओं के 'गर्जना' विरोध प्रदर्शन, एमपीएससी छात्रों के आंदोलन और उत्तर प्रदेश में दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित पदयात्रा — तीनों मुद्दों पर एक साथ प्रतिक्रिया दी।

दिग्विजय सिंह पर सीधा आरोप

राम कदम ने कहा, 'यह वही दिग्विजय सिंह हैं, जिन्होंने हमेशा हिंदू को बदनाम करने का प्रयास किया। हमारे पवित्र भगवा को आतंकवाद के साथ जोड़ने वाले यही दिग्विजय सिंह हैं।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय मूर्ति के स्वरूप पर सवाल उठाने वाले और राम मंदिर निर्माण के पक्ष में न्यायिक फैसले में अड़चन चाहने वाले भी यही नेता थे। राम कदम के अनुसार, 'ऐसे हिंदू-विरोधी विचार कांग्रेस नेताओं के थे, अभी भी हैं।'

ठाकरे बंधुओं के 'गर्जना' मोर्चे पर कटाक्ष

भाजपा विधायक ने उद्धव ठाकरे और उनके भाइयों के 'गर्जना' विरोध प्रदर्शन को 'फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता' बताते हुए कहा कि मंच पर नेता एक-दूसरे से बड़ा झूठ बोलने की होड़ में थे। उन्होंने याद दिलाया कि नवंबर 2025 में इन्हीं दलों ने सड़क पर उतरकर मतदाता सूची में फर्जी नाम हटाने की माँग की थी — और आज वही काम चुनाव आयोग कर रहा है। राम कदम ने कहा कि जिस ईवीएम को लेकर अब विरोध हो रहा है, वह कांग्रेस के कार्यकाल में ही आई थी, और उद्धव ठाकरे उसी ईवीएम पर 30 वर्षों तक महानगरपालिका के चुनाव जीतते रहे।

एमपीएससी आंदोलन पर भाजपा का रुख

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के छात्र पुणे और नागपुर सहित राज्य के कई हिस्सों में पेपर लीक, भर्ती में देरी और परीक्षा पैटर्न में बदलाव के विरोध में सत्याग्रह कर रहे हैं। राम कदम ने कहा कि छात्रों की सभी माँगें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्वीकार कर ली हैं। हालाँकि, उन्होंने आरोप लगाया कि शरद पवार गुट के नेता जानबूझकर अपने कार्यकर्ताओं को छात्रों की आड़ में घुसाकर राजनीतिक स्वार्थ साध रहे हैं।

विधिक सीमा का तर्क

राम कदम ने स्पष्ट किया कि छात्र जिस माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, उसका अधिकार महाराष्ट्र सरकार के पास नहीं, बल्कि राष्ट्रपति के पास है। इसलिए राज्य सरकार उस माँग को सीधे नहीं मान सकती। उन्होंने इस आंदोलन को 'छात्रों का नहीं, शरद पवार गुट का' करार दिया। यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र में विपक्ष सरकार पर कई मोर्चों से दबाव बना रहा है और राज्य में राजनीतिक माहौल गर्म है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ठाकरे मोर्चे को हास्यास्पद बताना और एमपीएससी आंदोलन को शरद पवार गुट की साजिश कहना — ये तीनों एक ही राजनीतिक रेखा पर हैं। उल्लेखनीय यह है कि एमपीएससी छात्रों की माँगों पर सरकार ने स्वीकृति तो दी, लेकिन राम कदम ने खुद माना कि कुछ माँगें राज्य के अधिकार में ही नहीं हैं — यह विरोधाभास सरकारी दावों की सीमा को उजागर करता है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम कदम ने दिग्विजय सिंह पर क्या आरोप लगाए?
भाजपा विधायक राम कदम ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने हमेशा हिंदू धर्म को बदनाम करने का प्रयास किया है। उन्होंने भगवा को आतंकवाद से जोड़ने और अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के समय मूर्ति पर सवाल उठाने का उदाहरण दिया।
ठाकरे बंधुओं के 'गर्जना' मोर्चे पर राम कदम की क्या राय है?
राम कदम ने इस मोर्चे को 'फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता' करार दिया और कहा कि मंच पर नेता झूठ बोलने की होड़ में थे। उन्होंने याद दिलाया कि नवंबर 2025 में इन्हीं दलों ने मतदाता सूची से फर्जी नाम हटाने की माँग की थी, जो अब चुनाव आयोग कर रहा है।
एमपीएससी छात्रों के विरोध प्रदर्शन का कारण क्या है?
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के छात्र पुणे और नागपुर सहित राज्य के कई हिस्सों में पेपर लीक, भर्ती में देरी और परीक्षा पैटर्न में बदलाव के विरोध में सत्याग्रह कर रहे हैं। राम कदम का दावा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने छात्रों की सभी माँगें स्वीकार कर ली हैं।
राम कदम ने एमपीएससी आंदोलन को किसकी साजिश बताया?
राम कदम ने इस आंदोलन को छात्रों का नहीं, बल्कि शरद पवार गुट का बताया। उनका आरोप है कि पवार गुट के नेता अपने कार्यकर्ताओं को छात्रों की आड़ में घुसाकर राजनीतिक स्वार्थ साध रहे हैं।
क्या महाराष्ट्र सरकार एमपीएससी छात्रों की सभी माँगें मान सकती है?
राम कदम के अनुसार, छात्रों की कुछ माँगें महाराष्ट्र सरकार के अधिकार-क्षेत्र से बाहर हैं और वे राष्ट्रपति के अधिकार में आती हैं। इसलिए राज्य सरकार उन विशेष माँगों को सीधे स्वीकार करने में सक्षम नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले