DUSU चुनाव पर रामकृपाल यादव का वार: 'कांग्रेस के 60 साल में छात्रों को सबसे ज़्यादा मुश्किलें'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने 20 सितंबर 2026 को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव परिणामों और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 60 वर्षों के शासन में देश के छात्रों को सर्वाधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
DUSU चुनाव परिणाम पर यादव की प्रतिक्रिया
मंत्री रामकृपाल यादव ने DUSU चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की जीत पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'सबसे पहले, उन सभी छात्रों को बधाई, जिन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के चुनाव लड़े और ABVP के लिए चार में से तीन सीटें जीतीं। मेरी ओर से सभी चुने गए उम्मीदवारों को शुभकामनाएं। पार्टी की नीतियों के अनुसार छात्रों के कल्याण के लिए ये सभी लोग कार्य करेंगे।'
'छात्रों की गूंज' पर सीधा हमला
राहुल गांधी के इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की आलोचना करते हुए यादव ने कहा, 'पूरे देश में 'छात्रों की गूंज' सुनने वाला कोई नहीं है। जब उन्हें मौका मिला, तो उन्होंने छात्रों की चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया। अगर छात्र चाहते हैं कि उनकी बात सुनी जाए, तो उन्हें जगह-जगह भटकना पड़ता है।' उन्होंने आगे जोड़ा कि 60 वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने छात्रों के हितों की उपेक्षा की।
आपातकाल और छात्र आंदोलन का संदर्भ
यादव ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए याद दिलाया कि बिहार से उठे छात्र आंदोलन ने कई राज्यों सहित केंद्र में कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था। उन्होंने कहा, 'सबको याद होगा कि कांग्रेस की सरकार में इमरजेंसी लगाई गई थी। छात्रों पर सबसे अधिक जुर्म करने वाली पार्टी है।' गौरतलब है कि 1975 में लगाई गई आपातकाल को आज भी भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक विवादास्पद अध्याय माना जाता है, और भारतीय जनता पार्टी (BJP) इसे कांग्रेस के विरुद्ध नियमित रूप से उठाती रही है।
कांग्रेस पर भरोसे की कमी का दावा
यादव ने कहा कि जनता का कांग्रेस के नेताओं, नीतियों और कार्यशैली पर से भरोसा उठ चुका है। उन्होंने कहा, 'अब, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पिछले 12 सालों से देश और राष्ट्र की सेवा कर रही है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस छात्र वर्ग तक पहुँचने की कोशिश में 'छात्रों की गूंज' जैसे कार्यक्रम आयोजित कर रही है, और DUSU जैसे चुनावी मंच पर उसे लगातार ABVP से कड़ी चुनौती मिलती रही है।
आगे क्या
DUSU में ABVP की जीत और रामकृपाल यादव जैसे सत्तापक्ष के नेताओं के आक्रामक बयानों के बीच कांग्रेस की छात्र राजनीति की रणनीति आने वाले दिनों में और परखी जाएगी। विश्लेषकों के अनुसार, छात्र संगठनों की राजनीति अक्सर राष्ट्रीय दलों के लिए युवा वोट-बैंक को प्रभावित करने की बड़ी प्रयोगशाला बनती है।