राम मंदिर में आस्था की चोरी हुई, पैसों की नहीं; पेपर लीक रोकने को सिस्टम सुधार ज़रूरी: वेद प्रकाश
सारांश
मुख्य बातें
एनसीईआरटी के पूर्व अंडर सेक्रेटरी वेद प्रकाश ने 28 जून को नई दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था, अयोध्या राम मंदिर में हुई चोरी, देशव्यापी पेपर लीक संकट और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों पर अपने स्पष्ट विचार रखे। उन्होंने पाठ्यक्रम सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और राष्ट्रीय मुद्दों पर संतुलित नज़रिए की ज़रूरत पर बल दिया।
शिक्षा नीति और पाठ्यक्रम सुधार
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में हो रहे बदलावों पर वेद प्रकाश ने कहा कि नई नीति में तय किया गया था कि किताबें 'कॉम्पिटेंस बेस्ड' होंगी। उन्होंने कहा, 'इस बार सोशल स्टडी की किताब में छह चैप्टर डालकर बहुत सी जानकारी देने की कोशिश की गई है।' उनके अनुसार बच्चों को देश के संगठनों के बारे में जागरूक करना ज़रूरी है और आजकल का बच्चा इतना समझदार है कि वह जानकारी का उपयोग स्वयं तय कर सकता है।
राम मंदिर प्रकरण: आस्था पर चोट
अयोध्या राम मंदिर में हुई चोरी पर गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए वेद प्रकाश ने कहा, 'यह बहुत ही खराब हुआ, जो नहीं होना चाहिए था। यह आस्था का प्रश्न है, न कि पैसे का — यह आस्था की चोरी है।' उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों से मिलकर काम करने की अपील की और कहा कि भविष्य में ऐसी घटना न दोहराई जाए, इसके लिए पुख्ता तैयारी करनी होगी। उनका मानना है कि ट्रस्ट के प्रबंधन में कहीं न कहीं चूक रही।
पेपर लीक संकट: सिस्टम में सुधार की दरकार
देशभर में पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए वेद प्रकाश ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में ठोस सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने अपने अनुभव का हवाला देते हुए कहा, 'नेशनल टैलेंट सर्च परीक्षा में कभी पेपर लीक होने की खबर नहीं आई।' उनके अनुसार प्रशासन और पुलिस दोनों को सतर्क रहना होगा, अन्यथा बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ता रहेगा। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में एक से अधिक राष्ट्रीय परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, जिससे लाखों परीक्षार्थी प्रभावित हुए हैं।
PM मोदी के विदेश दौरे: देशहित में सकारात्मक कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों की सराहना करते हुए वेद प्रकाश ने कहा कि जब भी प्रधानमंत्री विदेश जाते हैं, वे देश के लिए कुछ न कुछ लाभकारी लेकर आते हैं। उन्होंने कहा, 'चाहे सम्मान मिले, बिजनेस डील हों या ट्रेड एग्रीमेंट — ये सभी देश के हित में होते हैं। ऐसे में इन दौरों पर संशय करना उचित नहीं।'
आगे क्या
वेद प्रकाश के ये विचार ऐसे समय में आए हैं जब देश में शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा दोनों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पेपर लीक रोकने के लिए डिजिटल निगरानी और विकेंद्रीकृत परीक्षा प्रणाली को अपनाना अब अनिवार्य हो गया है।