10 जुलाई 2026
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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: सुप्रिया श्रीनेत का BJP-RSS पर हमला, 40 दिन में 70 बार चोरी का आरोप

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: सुप्रिया श्रीनेत का BJP-RSS पर हमला, 40 दिन में 70 बार चोरी का आरोप

सारांश

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने चंडीगढ़ में BJP और RSS पर सीधा हमला बोला — राम मंदिर में 40 दिन में 70 बार कथित चोरी को 'महापाप' बताया, PM मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए और CBI जाँच की माँग की। ट्रस्ट को RTI से बाहर रखने पर पारदर्शिता का मुद्दा भी उठाया।

मुख्य बातें

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने 10 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर BJP और RSS को राम मंदिर चढ़ावा विवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया।
आरोप: 40 दिनों के भीतर मंदिर का चढ़ावा कथित तौर पर 70 बार चोरी हुआ।
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को RTI के दायरे से बाहर रखे जाने पर पारदर्शिता पर सवाल।
ट्रस्ट महासचिव चंपत राय पर निजी सुरक्षा एजेंसी नियुक्ति को लेकर सवाल, कथित BJP संबंध का आरोप।
PM नरेंद्र मोदी से जवाब की माँग; पूरे मामले की CBI जाँच की अपील।
कांग्रेस ने 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव गुरुनानक देव जी और राम के आदर्शों के इर्द-गिर्द लड़ने का ऐलान किया।

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने 10 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को सीधे कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला महज आर्थिक अनियमितता नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर सीधा प्रहार है।

मुख्य आरोप और दावे

श्रीनेत ने दावा किया कि केवल 40 दिनों के भीतर राम मंदिर का चढ़ावा कथित तौर पर 70 बार चोरी हुआ। उन्होंने इसे 'महापाप' करार देते हुए कहा कि इसकी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी BJP और RSS की है, क्योंकि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के संचालन में उनके करीबी लोग शामिल रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मुंह में राम और बगल में छुरी' जैसी स्थिति पैदा की गई है — जो स्वयं को हिंदुत्व का रक्षक बताने वालों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

प्रधानमंत्री मोदी से जवाब की माँग

कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उनका तर्क था कि प्रधानमंत्री ने मंदिर की आधारशिला, उद्घाटन और प्राण-प्रतिष्ठा का श्रेय लिया था, इसलिए कथित अनियमितताओं पर उनका मौन 'समझ से परे' है। श्रीनेत ने पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जाँच कराने की माँग की।

ट्रस्ट की पारदर्शिता पर सवाल

श्रीनेत ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा गठित राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया है, जिससे पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगते हैं। उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर भी निशाना साधा और पूछा कि केंद्रीय व राज्य सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बावजूद एक निजी सुरक्षा एजेंसी क्यों नियुक्त की गई, जिसका संबंध कथित तौर पर एक BJP नेता से बताया जा रहा है।

पंजाब राजनीति और 2027 चुनाव

प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजा वड़िंग की मौजूदगी में श्रीनेत ने घोषणा की कि कांग्रेस 2027 का पंजाब विधानसभा चुनाव श्री गुरुनानक देव जी की शिक्षाओं और भगवान राम के आदर्शों को केंद्र में रखकर लड़ेगी। पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर उन्होंने कहा कि मतभेद होना स्वाभाविक है, परंतु चुनाव के समय सभी नेता एकजुट होते हैं। फिल्म 'सतलुज' विवाद पर BJP की चुप्पी को भी उन्होंने संदेहास्पद बताया।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब राम मंदिर से जुड़े प्रशासनिक सवाल पहले से चर्चा में हैं। कांग्रेस की CBI जाँच की माँग और ट्रस्ट प्रबंधन में बदलाव की अपील पर सरकार या BJP की ओर से अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। श्रीनेत ने स्पष्ट किया कि जब तक निष्पक्ष जाँच नहीं होती, करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ न्याय नहीं होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार तर्क की धार तेज है — RTI से ट्रस्ट को बाहर रखना और निजी सुरक्षा एजेंसी का कथित राजनीतिक संबंध, ये दोनों बिंदु प्रशासनिक जवाबदेही के ठोस सवाल उठाते हैं। विडंबना यह है कि जिस मंदिर को BJP ने अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धि के रूप में पेश किया, उसी के प्रबंधन पर सवाल अब उसी की साख को चुनौती दे रहे हैं। सरकार की चुप्पी इस आख्यान को और मजबूत करती है। असली परीक्षा यह है कि क्या कोई स्वतंत्र जाँच तंत्र सामने आएगा, या यह विवाद भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ जाएगा।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
यह विवाद अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़ा है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत के अनुसार, 40 दिनों के भीतर मंदिर का चढ़ावा कथित तौर पर 70 बार चोरी हुआ, जिसे उन्होंने 'महापाप' बताया।
सुप्रिया श्रीनेत ने BJP और RSS पर क्या आरोप लगाए?
श्रीनेत ने आरोप लगाया कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के संचालन में BJP और RSS के करीबी लोग शामिल हैं, इसलिए इस कथित अनियमितता की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी उन्हीं पर है। उन्होंने कहा कि 'मुंह में राम और बगल में छुरी' जैसी स्थिति बनाई गई है।
कांग्रेस ने इस मामले में क्या माँग की है?
कांग्रेस ने पूरे मामले की CBI से जाँच कराने और ट्रस्ट प्रबंधन में जिम्मेदार लोगों के तत्काल इस्तीफे की माँग की है। साथ ही, निष्पक्ष और साफ-सुथरी छवि वाले लोगों को ट्रस्ट की जिम्मेदारी सौंपने की अपील की गई है।
राम जन्मभूमि ट्रस्ट को RTI से बाहर रखने का क्या मतलब है?
सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर होने का अर्थ है कि आम नागरिक ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन या प्रशासनिक निर्णयों की जानकारी RTI के माध्यम से नहीं माँग सकते। श्रीनेत के अनुसार, यह व्यवस्था ट्रस्ट की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
इस विवाद का पंजाब राजनीति से क्या संबंध है?
सुप्रिया श्रीनेत ने चंडीगढ़ में राजा वड़िंग की मौजूदगी में 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव को गुरुनानक देव जी और राम के आदर्शों के इर्द-गिर्द लड़ने का ऐलान किया। यह कांग्रेस की कोशिश है कि राम मंदिर विवाद को BJP की कथित विफलता के रूप में पंजाब के मतदाताओं तक पहुँचाया जाए।
राष्ट्र प्रेस
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