राम मंदिर शुद्धिकरण अनुष्ठान आज पूर्णाहुति के साथ संपन्न, महंत दिनेंद्र दास बोले — दर्शन में कोई बाधा नहीं
सारांश
मुख्य बातें
अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में करीब एक सप्ताह से जारी विशेष प्रायश्चित एवं शुद्धिकरण अनुष्ठान 24 जुलाई, शुक्रवार को पूर्णाहुति के साथ विधिवत संपन्न हो रहा है। सुबह 11 बजे मंदिर परिसर स्थित यज्ञ कुंड में आहुति दी जाएगी, जिसमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज स्वयं उपस्थित रहेंगे।
अनुष्ठान की पृष्ठभूमि
यह विशेष धार्मिक आयोजन मंदिर में चढ़ावे और दान राशि से जुड़ी अनियमितताओं की घटना के बाद मंदिर की पवित्रता को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया था। गौरतलब है कि करीब एक सप्ताह तक चले इस अनुष्ठान के दौरान प्रतिदिन वाल्मीकि रामायण का पाठ किया गया और कम से कम 251 बार विष्णु सहस्रनाम का जाप कराया गया।
मुख्य घटनाक्रम
इस धार्मिक कार्यक्रम को संपन्न कराने में करीब 70 वैदिक आचार्यों और अयोध्या के स्थानीय संतों ने सक्रिय भूमिका निभाई। वैष्णव परंपरा के अनुसार भगवान श्री राम की शिव आराधना भी इस अनुष्ठान का अभिन्न अंग रही। अयोध्या के साधु-संतों को भी इस पवित्र कार्यक्रम में विशेष रूप से सम्मिलित किया गया।
महंत दिनेंद्र दास का बयान
महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन और पूजा-पाठ की सभी व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से चल रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, 'भक्तों के दर्शन में किसी प्रकार की कोई कमी या परेशानी नहीं है और श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।' महंत ने यह भी कहा कि अयोध्या की पारंपरिक धार्मिक परंपराओं को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
आम जनता और श्रद्धालुओं पर असर
पूर्णिमा के शुभ अवसर के कारण 24 जुलाई को मंदिर में विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान राम के दर्शन एवं पूजा के लिए पहुँच रहे हैं। महंत दिनेंद्र दास ने आश्वस्त किया कि अब श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
आगे क्या
शुक्रवार को पूर्णाहुति के साथ यह विशेष अनुष्ठान अपने समापन पर पहुँच रहा है। इस धार्मिक प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद मंदिर प्रशासन की ओर से सामान्य दर्शन व्यवस्था पूर्ण रूप से बहाल रहने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर से श्रद्धालुओं का अयोध्या आगमन लगातार जारी है।