रामलिंगम हत्याकांड: एनआईए ने पीएफआई के 4 पूर्व सदस्यों पर फरार आरोपियों को शरण देने का आरोप लगाते हुए चार्जशीट दाखिल की
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने तमिलनाडु के बहुचर्चित रामलिंगम हत्याकांड में एक अहम कदम उठाते हुए शनिवार, 6 जून 2026 को चेन्नई के पूनमल्ली स्थित विशेष एनआईए अदालत में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के चार पूर्व सदस्यों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इन आरोपियों पर हत्याकांड में शामिल फरार अपराधियों को जानबूझकर शरण देने का आरोप है। यह मामला सांप्रदायिक तनाव फैलाने और आतंक का माहौल बनाने की कथित बड़ी साजिश से जुड़ा बताया जा रहा है।
चार्जशीट में किन्हें बनाया गया आरोपी
एनआईए की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस चार्जशीट में के. मोहिदीन, मोहम्मद इमरान, थमीम अंसारी और असमत को आरोपी बनाया गया है। एजेंसी का आरोप है कि इन चारों ने हत्याकांड में सीधे शामिल दो फरार आरोपियों — मोहम्मद बुरहानुद्दीन और मोहम्मद नबील हसन — को उनके अपराध की पूरी जानकारी होने के बावजूद लगभग छह वर्षों तक शरण दी।
मामले की पृष्ठभूमि: रामलिंगम की हत्या
जांच एजेंसी के अनुसार, 5 फरवरी 2019 को रामलिंगम की निर्मम हत्या कर दी गई थी। कथित तौर पर घटना उस समय हुई जब रामलिंगम ने तिरुभुवनम के पक्कू विनायकम थोप्पु इलाके में पीएफआई सदस्यों द्वारा कथित जबरन धर्मांतरण की कोशिश का विरोध किया था, जिसके बाद विवाद बढ़ने पर उनकी हत्या कर दी गई। यह ऐसे समय में आया है जब पीएफआई पर देशभर में कई आपराधिक और आतंकी गतिविधियों के आरोप लगे हैं और संगठन पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।
किन धाराओं के तहत दर्ज हुए आरोप
एनआईए ने चारों आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) और धारा 249 के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 19 के तहत आरोप तय किए हैं। यूएपीए की धारा 19 विशेष रूप से आतंकवादी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों को शरण देने या सहयोग करने के अपराध से संबंधित है।
इस मामले में अब तक की जांच
गौरतलब है कि इस मामले में एनआईए पहले ही 18 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिनमें छह फरार घोषित अपराधी भी शामिल थे। बाद में एजेंसी ने इनमें से चार फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके अतिरिक्त, फरार आरोपियों को शरण देने के आरोप में मोहम्मद अली जिन्ना और इम्ताथुल्ला को भी गिरफ्तार किया गया था, जिनके खिलाफ क्रमशः मई 2025 और फरवरी 2026 में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। यह नवीनतम चार्जशीट इस मामले में जांच की निरंतरता को दर्शाती है।
आगे क्या होगा
विशेष एनआईए अदालत अब चार्जशीट पर संज्ञान लेने और आगे की सुनवाई की तारीख तय करने की प्रक्रिया में आगे बढ़ेगी। फरार घोषित अपराधियों मोहम्मद बुरहानुद्दीन और मोहम्मद नबील हसन की गिरफ्तारी अभी भी एजेंसी की प्राथमिकता बनी हुई है। यह मामला तमिलनाडु में सांप्रदायिक हिंसा और प्रतिबंधित संगठनों की गतिविधियों को लेकर चल रही व्यापक जांच का हिस्सा है।