ऑडियो क्लिप विवाद: रामदास कदम का BJP पर निशाना, एकनाथ शिंदे को बदनाम करने की साजिश का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को मुंबई पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया कि मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल द्वारा जारी विवादित ऑडियो रिकॉर्डिंग की जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल (SIT) गठित किया जाए। इन रिकॉर्डिंग में ₹500 करोड़ के कथित लेन-देन के गंभीर आरोप शामिल हैं। यह मामला अब महाराष्ट्र के सत्ताधारी महायुति गठबंधन के भीतर तीखी आंतरिक खींचतान का रूप लेता दिख रहा है।
ऑडियो क्लिप में क्या है
विवादित ऑडियो क्लिप में यह दावा किया गया है कि शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल को ₹500 करोड़ दिए गए। मनोज जरांगे पाटिल ने इस ऑडियो सामग्री को प्रमाणिक बताया और साथ ही यह जानने की माँग की कि सार्वजनिक होने से पहले कुछ नेताओं को इसकी जानकारी कैसे हो गई। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि SIT को राजनीतिक हस्तक्षेप के बिना स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए और जाँच में पूर्ण सहयोग देने की पेशकश की।
रामदास कदम का BJP पर सीधा हमला
वरिष्ठ शिवसेना नेता रामदास कदम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। कदम ने सवाल उठाया कि सत्ताधारी गठबंधन में कौन मुख्यमंत्री के खिलाफ काम कर रहा है और BJP नेतृत्व से स्पष्टीकरण माँगा।
अपने आरोपों को पुष्ट करने के लिए रामदास कदम ने BJP नेता प्रसाद लाड और मनोज जरांगे पाटिल की एक साथ भोजन करते हुए तस्वीरें भी सार्वजनिक कीं। इसके अलावा कदम ने दावा किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और RSS प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर इस मामले की उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है।
उदय सामंत की प्रतिक्रिया
राज्य के उद्योग मंत्री और शिवसेना नेता उदय सामंत ने कोल्हापुर में इन्हीं चिंताओं को दोहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP से जुड़े लोग इस ऑडियो क्लिप की बातचीत में शामिल थे। सामंत ने कहा कि यह रिकॉर्डिंग उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा है, जिन्होंने मराठा आरक्षण मुद्दे को हमेशा संवेदनशीलता से संभाला है।
BJP का पलटवार
वरिष्ठ BJP नेता और विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर ने कदम के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'हम सत्ताधारी गठबंधन के सहयोगी हैं। सरकार में रहते हुए लगातार अपने ही सहयोगी पर हमला करना महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति के अनुरूप नहीं है।' दरेकर ने चेतावनी दी कि अगर मनगढ़ंत विवादों में BJP को खलनायक के रूप में पेश किया गया तो पार्टी चुप नहीं रहेगी। BJP एमएलसी प्रसाद लाड ने भी कदम को महायुति गठबंधन को नुकसान पहुँचाने वाले बयानों से बचने की चेतावनी दी।
फडणवीस का सवाल और आगे की राह
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह भी सवाल उठाया कि दो साल से अधिक पुरानी यह बातचीत इस समय क्यों सामने आई। उन्होंने आश्वासन दिया कि SIT जाँच से इस मामले में शामिल लोगों और उनके इरादों की पूरी सच्चाई सामने आएगी। यह ऐसे समय में आया है जब मराठा आरक्षण का मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से संवेदनशील बना हुआ है और महायुति गठबंधन के भीतर आंतरिक तनाव एक बार फिर उभरता दिख रहा है।