सिद्धिविनायक मंदिर में दान अनियमितताओं पर एकनाथ शिंदे का उद्धव ठाकरे पर सीधा हमला
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र विधानसभा में 11 जुलाई 2026 को तीखी राजनीतिक बहस उस वक्त छिड़ गई जब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना-यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे पर सीधा निशाना साधा। शिंदे ने ठाकरे के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान मुंबई के प्रतिष्ठित सिद्धिविनायक मंदिर में कथित दान अनियमितताओं पर उनकी चुप्पी को लेकर जवाब माँगा।
मुख्य आरोप और विधानसभा में टकराव
सदन को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री शिंदे ने ठाकरे पर चुनिंदा हिंदुत्व का पालन करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उद्धव ठाकरे के राजनीतिक सहयोगियों को सिद्धिविनायक मंदिर की दानपेटी लूटते हुए कथित तौर पर पकड़ा गया, तो तत्कालीन मुख्यमंत्री ने जाँच का आदेश क्यों नहीं दिया।
शिंदे ने दावा किया कि उनके पास ठाकरे सरकार के कार्यकाल में हुए कुप्रबंधन के दस्तावेजी प्रमाण हैं, जिन्हें उन्होंने सदन में प्रदर्शित भी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान मंदिर में व्यापक धन की हेराफेरी हुई।
अयोध्या विवाद की पृष्ठभूमि
यह राजनीतिक टकराव ऐसे समय में हुआ जब अयोध्या के राम मंदिर में दान की गई धनराशि और कीमती सामान की चोरी तथा गंभीर अनियमितताओं को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर विवाद चल रहा है। शिंदे ने अयोध्या मंदिर में सामने आई सुरक्षा और वित्तीय खामियों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने देश भर में लाखों राम भक्तों की भावनाओं को गहरा आघात पहुँचाया है।
एसआईटी जाँच और जवाबदेही का आश्वासन
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने पुष्टि की कि अयोध्या मामले में एक विशेष जाँच दल (एसआईटी) पहले ही गिरफ्तारियाँ कर चुका है और सक्रिय रूप से जाँच जारी है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसमें शामिल किसी को भी नहीं बख्शेंगे और दोषियों को जेल भेजा जाएगा।
महा विकास अघाड़ी सरकार पर निशाना
शिंदे ने अयोध्या प्रकरण के बाद तुरंत ध्यान महाराष्ट्र की ओर मोड़ा और पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार को कटघरे में खड़ा किया। गौरतलब है कि यह बहस ऐसे राजनीतिक माहौल में हुई जब भाजपा-शिंदे गुट और शिवसेना-यूबीटी के बीच पहले से ही तनाव बना हुआ है।
आगे क्या
विधानसभा में उठे इन आरोपों के बाद अब देखना होगा कि उद्धव ठाकरे सिद्धिविनायक मंदिर में कथित अनियमितताओं पर क्या जवाब देते हैं। शिंदे के दस्तावेजी दावों की जाँच की माँग भी उठ सकती है, जो आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति को और गर्म कर सकती है।