रामकृपाल यादव ने कांग्रेस को किया बेनकाब, कहा- पार्टी का अस्तित्व समाप्त
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस की स्थिति पर सवाल उठाया गया है।
- रामकृपाल यादव का बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना।
- ममता बनर्जी पर भी आरोप लगे हैं।
- कांग्रेस के भीतर असंतोष के संकेत मिल रहे हैं।
- राजद प्रवक्ता ने पलटवार किया है।
पटना, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। असम सहित देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव की घोषणा हो चुकी है, जिसके चलते राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रियंका गांधी को असम का प्रभारी नियुक्त किया गया है, फिर भी वहां के कांग्रेस नेता पार्टी छोड़ रहे हैं। इस संदर्भ में, बिहार के कृषि मंत्री और भाजपा नेता रामकृपाल यादव ने शनिवार को कांग्रेस पर तीखा हमला किया।
रामकृपाल यादव ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "कांग्रेस के अंदर कुछ भी नहीं बचा है। यह पार्टी पूरी तरह से डूब चुकी है। कांग्रेस का अस्तित्व समाप्त हो चुका है। ऐसे में कोई भी कांग्रेस में नहीं रहना चाहता। लोग अपने भविष्य को खतरे में क्यों डालेंगे? कांग्रेसी कार्यकर्ता और विधायक सतर्क हो गए हैं, जिसके कारण वे पार्टी छोड़ रहे हैं।"
उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा, जिन्होंने राज्य की एससी/एसटी महिलाओं को 1700 रुपये मासिक सहायता देने की घोषणा की। भाजपा मंत्री ने कहा, "ममता बनर्जी अब तक कहां थीं? उन्हें एससी-एसटी की याद अब क्यों आई है? उन्होंने लोगों का दोहन किया है और गरीबों का शोषण किया है, उन्हें लूटने का काम किया है। ममता बनर्जी जो भी कहें, लेकिन लोग अब उन पर विश्वास नहीं करेंगे।"
दूसरी ओर, राजद प्रवक्ता मृत्यंजय तिवारी ने प्रियंका गांधी के असम चुनाव की कमान संभालने के बावजूद पार्टी नेताओं द्वारा पार्टी छोड़ने के दावे को गलत बताया। उन्होंने कहा, "जो जाने वाले हैं, उन्हें कौन रोक सकता है? लेकिन बहुत से अच्छे लोग कांग्रेस पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर हमारे साथ जुड़ रहे हैं। जो लोग नकारात्मकता फैला रहे हैं, वो बेबुनियाद हैं।"
चुनाव आयोग ने 15 मार्च को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पश्चिम बंगाल और असम सहित चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव की घोषणा की है। पश्चिम बंगाल की कुल 294 विधानसभा सीटों के लिए मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगा। वहीं, असम की 126 सीटों के लिए 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि सभी राज्यों के नतीजे एक साथ 4 मई को सामने आएंगे।