रांची में ₹284.17 करोड़ की मेडिको सिटी को मंजूरी, 5,000 बेड से बदलेगी झारखंड की स्वास्थ्य तस्वीर
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड की राजधानी रांची में 5,000 बेड की क्षमता वाली मेडिको सिटी के निर्माण को हरी झंडी मिल गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर 2026 को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस परियोजना के लिए ₹284 करोड़ 17 लाख की स्वीकृति दी गई। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य झारखंड में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार कर मरीजों को उच्च-स्तरीय चिकित्सा सेवाएँ सुलभ कराना है।
मुख्य घटनाक्रम
कैबिनेट बैठक में विकास और जनसुविधाओं से जुड़े कुल 62 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। स्वास्थ्य क्षेत्र में एक अन्य महत्त्वपूर्ण निर्णय के तहत जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल में 500 बेड के नए अस्पताल के निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे अस्पताल की क्षमता और मरीजों के इलाज की व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट से निपटने के लिए चापाकल लगाने की योजना पर करीब ₹96 करोड़ खर्च करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी। इससे पेयजल की कमी से जूझ रहे गाँवों के निवासियों को राहत मिलने की संभावना है।
खनन और निर्माण क्षेत्र में सख्ती
सरकारी निर्माण कार्यों में लघु खनिजों के उपयोग को लेकर कड़े प्रावधान किए गए हैं। वैध चालान के बिना बालू, पत्थर और अन्य लघु खनिजों की आपूर्ति या उपयोग करने पर संबंधित ठेकेदारों से खनिज के मूल्य के साथ स्वामित्व शुल्क की दोगुनी राशि जुर्माने के रूप में वसूली जाएगी। इसके अतिरिक्त जिला खनिज फाउंडेशन और पर्यावरण से जुड़े मदों में अतिरिक्त देनदारियाँ भी निर्धारित होंगी। गौरतलब है कि झारखंड में अवैध खनन लंबे समय से एक गंभीर समस्या रही है, और यह प्रावधान उसे नियंत्रित करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
शिक्षा और पुलिस प्रशासन में सुधार
राज्य के राजकीय विश्वविद्यालयों में स्वास्थ्य इकाइयाँ स्थापित करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी। इसके तहत विद्यार्थियों को प्राथमिक चिकित्सा और परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। विश्वविद्यालयों को अपने कुल बजट का दो प्रतिशत स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही राज्य के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।
दैनिक वेतनभोगी कर्मियों से जुड़े प्रावधानों में संशोधन के लिए 11 विभागों के नियमों में बदलाव किया गया है। राज्यकर्मियों के वेतन में एकरूपता लाने के लिए एक नई समिति का गठन करने का भी निर्णय लिया गया।
श्रम कानून और पशुपालन क्षेत्र
श्रम कानूनों में संशोधन के तहत निर्धारित सीमा से अधिक काम कराने पर अतिरिक्त मेहनताना देय होगा। प्रतिदिन 10 घंटे और सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम करने की स्थिति में अतिरिक्त भुगतान का प्रावधान किया गया है। पशुपालन को प्रोत्साहन देने के लिए गोड्डा में प्रतिदिन 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले पशु आहार कारखाने की स्थापना को भी मंजूरी दी गई।
आगे क्या होगा
विभिन्न विभागों में अध्ययन और अनुसंधान के लिए विशेषज्ञों की सेवाएँ लेने तथा झारखंड आयुष भर्ती सेवा नियमावली के गठन से संबंधित प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में स्वास्थ्य अवसंरचना की माँग लगातार बढ़ रही है और राज्य के कई ज़िलों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है। मेडिको सिटी परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद झारखंड की चिकित्सा सेवाओं में बड़ा परिवर्तन आने की उम्मीद है।