रांची में बिजली-पानी संकट: भाजपा का सड़क पर हल्ला बोल, अर्जुन मुंडा और आदित्य साहू समेत बड़े नेता उतरे
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड की राजधानी रांची में गहराते जल संकट और अघोषित बिजली कटौती के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार, 12 मई को जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी के वरिष्ठ नेता शहीद चौक से जुलूस की शक्ल में समाहरणालय तक पहुँचे और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
प्रदर्शन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची सांसद संजय सेठ तथा रांची विधायक सीपी सिंह समेत पार्टी के बड़े नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने शहीद चौक से समाहरणालय तक मार्च निकाला और सरकार पर जनविरोधी होने का आरोप लगाया।
नेताओं की प्रतिक्रिया
आदित्य साहू ने कहा कि गर्मी की शुरुआत होते ही राजधानी में बिजली और पानी की स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर घंटों बिजली कटौती से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है, वहीं दूसरी ओर पानी के लिए लोगों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। साहू ने स्पष्ट कहा कि जो सरकार जनता को बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएँ तक उपलब्ध नहीं करा सकती, उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि जिस राजधानी में पूरी सरकार बैठती है, वहाँ बिजली और पानी का संकट इतना गंभीर है, तो राज्य के सुदूर इलाकों की आबादी कितनी विकट परिस्थितियों से गुजर रही होगी, यह समझना मुश्किल नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने आरोप लगाया कि प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है और जनता त्राहिमाम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनसमस्याओं के प्रति संवेदनहीन हो चुकी है।
विधायक सीपी सिंह ने बिजली विभाग और जलापूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए और कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता आम जनता की आवाज बनकर इन बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा।
आम जनता पर असर
गर्मी के मौसम में रांची के नागरिकों को घंटों अघोषित बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल आपूर्ति में भी भारी व्यवधान की खबरें हैं, जिससे शहरी इलाकों में रहने वाले लोग खासे परेशान हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पूरे उत्तर और मध्य भारत में भीषण गर्मी की लहर जारी है।
क्या होगा आगे
भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह केवल प्रतीकात्मक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि जनता के अधिकारों की लड़ाई है जो आगे भी जारी रहेगी। पार्टी ने राज्य सरकार को चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।