पलामू में BJP का बड़ा प्रदर्शन: बिजली-पानी संकट पर राज्य सरकार को घेरा, अमर बाउरी के नेतृत्व में उतरे कार्यकर्ता
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के पलामू जिले में बिजली और पेयजल संकट को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 6 मई 2026 को जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। पार्टी नेता अमर बाउरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और झारखंड की राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। BJP का आरोप है कि सरकार बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रही है।
मुख्य घटनाक्रम
प्रदर्शन के दौरान BJP नेताओं ने कहा कि राज्य की राजधानी में ही प्रतिदिन 10 से 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है, जिससे ग्रामीण इलाकों की दुर्दशा का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। पार्टी का यह भी कहना है कि 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का चुनावी वादा महज दिखावा साबित हुआ है।
अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और आम जनता बिजली-पानी के लिए तरस रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी चुनाव में जनता इसका जवाब देगी।
नेताओं की प्रतिक्रिया
प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह ने पलामू में गंभीर जल संकट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। विधायक आलोक चौरसिया ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अधिकारी बेलगाम हो गए हैं और राज्य में अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है।
BJP जिलाध्यक्ष अमित तिवारी ने कहा कि आम जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर है और सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा।
BJP की प्रमुख माँगें
प्रदर्शन के दौरान पार्टी ने कई माँगें सामने रखीं, जिनमें शामिल हैं:
— बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना।
— बढ़ी हुई बिजली दरें वापस लेना।
— जले हुए ट्रांसफॉर्मर शीघ्र बदलना।
— बिजली बिलों की निष्पक्ष जाँच कराना।
— खराब चापाकलों की मरम्मत और नल-जल योजना को जल्द पूरा करना।
— अस्पतालों और छात्रावासों में बिजली-पानी की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना।
केंद्र की राशि के उपयोग पर सवाल
BJP नेताओं ने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार ने राज्य को पेयजल योजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये उपलब्ध कराए, लेकिन राज्य सरकार उनका समुचित उपयोग नहीं कर सकी। पार्टी के अनुसार, कई जिलों में नल-जल योजना का क्रियान्वयन बेहद धीमा है और बड़ी संख्या में चापाकल खराब पड़े हैं।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब झारखंड में गर्मी का मौसम चरम पर है और बिजली-पानी की माँग सर्वाधिक होती है। BJP ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने इन माँगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा।