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भाजपा ने महिला आरक्षण के समर्थन में रांची में 25 अप्रैल को 'महाक्रांति मार्च' का किया ऐलान

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भाजपा ने महिला आरक्षण के समर्थन में रांची में 25 अप्रैल को 'महाक्रांति मार्च' का किया ऐलान

सारांश

रांची में 25 अप्रैल को भाजपा द्वारा आयोजित 'महाक्रांति मार्च' महिला आरक्षण के समर्थन में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम है। इस मार्च में हजारों महिलाएं शामिल होंगी, जो कांग्रेस और इंडी गठबंधन के विरोध के खिलाफ अपनी आवाज उठाएंगी।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण पर चल रही राजनीति ने एक नई चर्चा को जन्म दिया है।
25 अप्रैल को रांची में होने वाला आक्रोश मार्च महत्वपूर्ण है।
भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर तीखी प्रतिस्पर्धा है।

रांची, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में महिला आरक्षण पर कांग्रेस और अन्य इंडी गठबंधन दलों के विरोधी रुख के चलते देश भर में राजनीतिक स्थिति गर्म हो गई है। इसी संदर्भ में झारखंड की राजधानी रांची में 25 अप्रैल को भाजपा के नेतृत्व में एक महाक्रांति मार्च का आयोजन किया जाएगा। यह मार्च मोरहाबादी मैदान से शुरू होकर मेन रोड तक जाएगा, जिसमें हजारों महिलाएं शामिल होंगी।

भाजपा के प्रदेश कार्यालय में रविवार को प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें इस आक्रोश मार्च की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि रांची महानगर, रांची पूर्वी, रांची पश्चिमी, रामगढ़, खूंटी और लोहरदगा जिलों से बड़ी संख्या में माताएं और बहनें इस मार्च में भाग लेंगी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर कड़ा प्रहार किया।

उन्होंने कहा कि संसद में महिला आरक्षण का विरोध कर इन दलों ने देश की नारी शक्ति के साथ गंभीर अन्याय किया है। उनके अनुसार, कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के प्रति नकारात्मक रहा है, और जब-जब उन्हें मौका मिला, पार्टी ने नारी सशक्तीकरण को कमजोर करने का प्रयास किया है।

उन्होंने शाहबानो केस का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति के कारण सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को पलटकर कानून बनाया। इसके अतिरिक्त, तीन तलाक कानून का विरोध और राष्ट्रपति का विरोध करने जैसे मुद्दों को भी उन्होंने कांग्रेस के महिला विरोधी चरित्र के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।

साहू ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल गांधी परिवार की महिलाओं को ही राजनीति में बढ़ावा देना चाहती है और अन्य महिलाओं के सशक्तीकरण में बाधा उत्पन्न करती रही है। उन्होंने कहा कि इसी सोच के चलते संसद में महिला आरक्षण का विरोध किया गया, जिससे देशभर की महिलाओं में आक्रोश फैला है।

उन्होंने आम जनता, विशेषकर महिलाओं से 25 अप्रैल को होने वाले आक्रोश मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।

इस बैठक में संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष नीलकंठ सिंह मुंडा, गीता कोड़ा, भानु प्रताप शाही, मुनेश्वर साहू, मुख्य सचेतक नवीन जयसवाल, रांची विधायक सीपी सिंह, प्रदेश मंत्री सुनीता सिंह, अमरदीप यादव, रांची महानगर अध्यक्ष वरुण साहू, सत्यनारायण सिंह, रमेश सिंह समेत छह जिलों के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को भी दर्शाता है। क्या यह मार्च सच में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करेगा? यह सवाल अनुत्तरित है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण क्या है?
महिला आरक्षण का उद्देश्य संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण प्रदान करना है।
इस मार्च में कौन भाग लेगा?
इस मार्च में झारखंड के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में महिलाएं भाग लेंगी।
यह मार्च कब और कहाँ होगा?
यह मार्च 25 अप्रैल को रांची के मोरहाबादी मैदान से शुरू होगा।
भाजपा इस मार्च का आयोजन क्यों कर रही है?
भाजपा महिला आरक्षण पर कांग्रेस और इंडी गठबंधन के विरोधी रुख के खिलाफ अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए यह मार्च आयोजित कर रही है।
इस मार्च का क्या उद्देश्य है?
इसका उद्देश्य महिलाओं के सशक्तीकरण को बढ़ावा देना और महिला आरक्षण के समर्थन में एकजुटता प्रदर्शित करना है।
राष्ट्र प्रेस
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