रांची में मेडिकल छात्रा के साथ गैंगरेप: भाजपा का एसएसपी कार्यालय के बाहर बड़ा प्रदर्शन
सारांश
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रांची, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड की राजधानी रांची में डेंटल सर्जरी (एमडीएस) की छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले ने राज्य में राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया है। पीड़िता को त्वरित न्याय दिलाने और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग को लेकर सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने रांची एसएसपी कार्यालय का घेराव किया।
भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि यदि मामले में स्पीडी ट्रायल और कठोर सजा नहीं दी गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि राज्य में बहू-बेटियों की अस्मत को खुलेआम लूटा जा रहा है, और राज्य सरकार इस पर असंवेदनशील बनी हुई है।
इससे पहले रविवार की शाम, भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर रांची में मशाल जुलूस निकाला था। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए एसएसपी कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सिटी एसपी ने बताया कि कार्यकर्ताओं को कार्यालय के बाहर ही रोक दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की गई है, और सभी आरोपी सलाखों के पीछे हैं।
यह गैंगरेप की घटना 9 अप्रैल को लालपुर थाना क्षेत्र स्थित गोकुल वाटिका अपार्टमेंट में हुई थी। पीड़िता को उसकी एक सहेली ने जन्मदिन की पार्टी के बहाने बुलाया था। आरोप है कि पूर्व नियोजित साजिश के तहत पहले जन्मदिन का केक और फिर पिज्जा में नशीला पदार्थ मिलाकर छात्रा को बेहोश किया गया। इसके बाद मुख्य आरोपी मो दानिश ने उसके साथ दुष्कर्म किया। अगली सुबह, पीड़िता की हालत बिगड़ने और अत्यधिक रक्तस्राव होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
इस मामले में रांची पुलिस की एसआईटी ने तकनीकी सेल की मदद से मुख्य आरोपी मो. दानिश और उसके सहयोगी फहद मल्लिक को पश्चिम बंगाल के खड़गपुर से गिरफ्तार किया। साजिश में शामिल पीड़िता की सहेली को पहले ही रांची से गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। गिरोह का चौथा फरार सदस्य शादाब, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी, ने शनिवार को अदालत में सरेंडर कर दिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जेल भेजे गए शादाब को जल्द ही रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि उससे पूछताछ के माध्यम से वारदात की पूरी कड़ियाँ जोड़ी जा सकें। पुलिस का कहना है कि मामले में साक्ष्य जुटा लिए गए हैं और स्पीडी ट्रायल के जरिए दोषियों को सजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।