रांची: कोषागार में फिर से घोटाला, 3 करोड़ की अवैध निकासी का मामला सामने आया

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रांची: कोषागार में फिर से घोटाला, 3 करोड़ की अवैध निकासी का मामला सामने आया

सारांश

रांची में कोषागार से 3 करोड़ रुपए की अवैध निकासी का मामला सामने आया है। हजारीबाग और बोकारो के बाद यह तीसरा मामला है, जिसमें दो कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लग रहे हैं। जानिए पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • रांची ट्रेजरी में 3 करोड़ रुपए की अवैध निकासी का मामला
  • कर्मियों पर वेतन मद में हेरफेर का आरोप
  • पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
  • राज्य सरकार ने सभी ट्रेजरी की जांच के आदेश दिए
  • अवैध निकासी की कुल राशि 50 करोड़ रुपए से अधिक हो सकती है

रांची, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में कोषागारों से फर्जी निकासी के एक और बड़े मामले का खुलासा हुआ है। हजारीबाग और बोकारो के बाद अब रांची ट्रेजरी से भी लगभग 3 करोड़ रुपए की अवैध निकासी की पुष्टि हुई है। कांके स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल हेल्थ एंड प्रोडक्शन के दो कर्मचारियों पर वेतन मद में हेरफेर कर 2.94 करोड़ रुपए निकालने का आरोप लगाया गया है।

रांची के उपायुक्त के निर्देश पर कार्यकारी मजिस्ट्रेट मो. जफर हसनात ने कोतवाली थाने में मंगलवार को इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों कर्मचारियों को हिरासत में लिया है।

जांच रिपोर्ट के अनुसार, संस्थान के अकाउंटेंट मुनिन्द्र कुमार और कर्मचारी संजीव कुमार ने आपसी सहयोग से इस गबन को अंजाम दिया। उन पर आरोप है कि मुनिन्द्र कुमार ने अपने दो अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1.52 करोड़ रुपए और संजीव कुमार ने अपने खाते में 1.41 करोड़ रुपए अवैध रूप से स्थानांतरित किए।

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान 'कुबेर पोर्टल' पर वेतन बिल में छेड़छाड़ कर दोनों ने अपने वेतन को कृत्रिम रूप से बढ़ाया और निर्धारित सीमा से अधिक राशि जिला कोषागार से निकाल ली। इस मामले की जांच के लिए गठित टीम ने 13 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट पेश की है, जिसमें 67 पन्नों के दस्तावेजी साक्ष्य शामिल हैं।

रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आरोपियों ने सरकारी नियमों की अनदेखी कर सुनियोजित तरीके से करोड़ों रुपए का गबन किया। कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने पुलिस को दिए आवेदन में जालसाजी और सरकारी धन के दुरुपयोग के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है।

यह ध्यान देने योग्य है कि राज्य में हाल के दिनों में कोषागारों से फर्जी निकासी के कई मामले सामने आए हैं। इससे पहले बोकारो ट्रेजरी में एक सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी को दोबारा सेवा में दिखाकर 4.29 करोड़ रुपए की निकासी और हजारीबाग कोषागार से लगभग 27 करोड़ रुपए के गबन का मामला उजागर हो चुका है।

बोकारो और हजारीबाग के मामलों में अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। लगातार सामने आ रहे इन मामलों के मद्देनजर राज्य सरकार ने सभी 33 ट्रेजरी और सब-ट्रेजरी की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि अवैध निकासी की कुल राशि 50 करोड़ रुपए से अधिक हो सकती है। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने इसे प्रशासनिक निगरानी की गंभीर विफलता करार देते हुए सभी जिलों के उपायुक्तों को वित्तीय अनुशासन सख्त करने और विस्तृत ऑडिट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

Point of View

NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

रांची ट्रेजरी में कितनी राशि की अवैध निकासी हुई है?
रांची ट्रेजरी में लगभग 3 करोड़ रुपए की अवैध निकासी हुई है।
इस घोटाले में किस-किस पर आरोप हैं?
इस घोटाले में इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल हेल्थ एंड प्रोडक्शन के दो कर्मियों पर आरोप हैं।
क्या पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की है?
जी हां, पुलिस ने दो कर्मचारियों को हिरासत में लिया है और एफआईआर दर्ज की है।
सरकार ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
राज्य सरकार ने सभी ट्रेजरी की व्यापक जांच के आदेश दिए हैं।
क्या इससे पहले भी ऐसे मामले उजागर हुए हैं?
जी हां, इससे पहले बोकारो और हजारीबाग के ट्रेजरी में भी फर्जी निकासी के मामले सामने आए थे।
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