28 जून 2026
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राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस 29 जून: प्रो. पीसी महालनोबिस की विरासत और 2026 की थीम

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राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस 29 जून: प्रो. पीसी महालनोबिस की विरासत और 2026 की थीम

सारांश

29 जून सिर्फ एक तारीख नहीं — यह उस वैज्ञानिक की जयंती है जिन्होंने बाढ़ के आँकड़ों से बाँध बनवाए और एक प्रयोगशाला से विश्वस्तरीय संस्थान खड़ा किया। 2026 में 20वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस की थीम प्रशासनिक डेटा को नीति-निर्माण का आधार बनाने की महालनोबिस की उसी सोच को आगे ले जाती है।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस प्रतिवर्ष 29 जून को प्रो.
प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती पर मनाया जाता है।
महालनोबिस का जन्म 29 जून 1893 को कोलकाता में हुआ था; वे 'भारतीय सांख्यिकी के जनक' कहलाते हैं।
भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI) की स्थापना उन्होंने 17 दिसंबर 1931 को कोलकाता के प्रेसिडेंसी कॉलेज में की थी।
1931 की बाढ़ के उनके सांख्यिकीय विश्लेषण ने हीराकुंड बांध और दुर्गापुर बैराज के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।
2026 के 20वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस की थीम है — 'प्रशासनिक डेटा की क्षमता को अनलॉक करना' ।

भारत में हर साल 29 जून को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस मनाया जाता है। यह दिन 'भारतीय सांख्यिकी के जनक' के रूप में विख्यात प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती को समर्पित है, जिनका जन्म 29 जून 1893 को कलकत्ता (वर्तमान कोलकाता) में हुआ था। 29 जून 2026 को 20वाँ राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस मनाया जाएगा, जिसकी आधिकारिक थीम 'प्रशासनिक डेटा की क्षमता को अनलॉक करना' निर्धारित की गई है।

महालनोबिस का नाम — इतिहास की गवाही

प्रोफेसर महालनोबिस के उपनाम की उत्पत्ति स्वयं डेटा प्रबंधन की ऐतिहासिक परंपरा से जुड़ी है। मुगलकाल में प्रशासनिक राजस्व इकाइयों को 'महल' कहा जाता था, और उनके लेखा-जोखा रखने वाले को फ़ारसी में 'नवीस' — अर्थात लेखक। इन दोनों शब्दों के संयोजन से 'महालनोबिस' उपनाम बना, जिसका अर्थ है भूमि अभिलेख रखने वाला मुंशी। यह संयोग नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक संकेत प्रतीत होता है कि वे स्वतंत्र भारत के सामाजिक-आर्थिक आँकड़ों के प्रमुख संकलनकर्ता बनेंगे।

कैंब्रिज से सांख्यिकी तक — एक संयोग जो इतिहास बना

जून 1913 में लंदन जाने वाली ट्रेन छूट जाने के कारण महालनोबिस कैंब्रिज विश्वविद्यालय के किंग्स कॉलेज पहुँचे, जहाँ उन्होंने भौतिकी और गणित में उच्च शिक्षा प्राप्त की। जुलाई 1915 में भारत लौटने की तैयारी के दौरान प्रथम विश्व युद्ध के कारण समुद्री यात्रा में विलंब हुआ। इस अवधि में किंग्स कॉलेज के पुस्तकालय में उन्होंने सांख्यिकी पत्रिका 'बायोमेट्रिका' के अंकों का गहन अध्ययन किया — और यही अध्ययन उनके जीवन की दिशा बदल गया।

लोक कल्याण में सांख्यिकी का उपयोग

महालनोबिस का मानना था कि सांख्यिकी का अंतिम उद्देश्य लोक कल्याण होना चाहिए। दार्शनिक ब्रजेंद्रनाथ सील के मार्गदर्शन में उन्होंने परीक्षा परिणामों का पहला सांख्यिकीय विश्लेषण किया। साल 1931 में बंगाल और ओडिशा में आई विनाशकारी बाढ़ के उनके सांख्यिकीय अध्ययनों ने देश के दो बड़े जल-परियोजनाओं — ओडिशा के हीराकुंड बांध और पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर बैराज — के निर्माण की नींव रखी।

भारतीय सांख्यिकी संस्थान की स्थापना

भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI) की स्थापना 17 दिसंबर 1931 को प्रोफेसर महालनोबिस ने कोलकाता के प्रेसिडेंसी कॉलेज में एक छोटी प्रयोगशाला के रूप में की थी। आज यह संस्थान सांख्यिकी, कंप्यूटर विज्ञान और मात्रात्मक अर्थशास्त्र के क्षेत्र में विश्व के अग्रणी अनुसंधान केंद्रों में गिना जाता है।

2026 की थीम और आगे की राह

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा आयोजित इस वर्ष के 20वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस की थीम — 'प्रशासनिक डेटा की क्षमता को अनलॉक करना' — सरकारी विभागों द्वारा संकलित आँकड़ों की गुणवत्ता, सुगमता और अंतर-संचालनीयता को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य साक्ष्य-आधारित नीतिगत निर्णयों को सशक्त करना है — वह लक्ष्य जो महालनोबिस ने नौ दशक पहले सँजोया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

उनके नाम पर मनाए जाने वाले दिवस की थीम यदि बुनियादी डेटा-साझाकरण पर केंद्रित हो, तो यह उपलब्धि कम, चुनौती अधिक दर्शाता है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस 29 जून को ही क्यों मनाया जाता है?
29 जून को प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोबिस का जन्मदिन है, जिनका जन्म 1893 में कोलकाता में हुआ था। उनके भारतीय सांख्यिकी और नियोजन में ऐतिहासिक योगदान के सम्मान में सरकार ने इस तिथि को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस घोषित किया।
प्रो. पीसी महालनोबिस ने भारत को क्या दिया?
महालनोबिस ने 1931 में भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI) की स्थापना की और बाढ़ विश्लेषण से हीराकुंड बांध व दुर्गापुर बैराज के निर्माण का आधार तैयार किया। वे स्वतंत्र भारत के आर्थिक नियोजन ढाँचे के प्रमुख वास्तुकारों में से एक थे।
2026 के राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस की थीम क्या है?
2026 के 20वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस की थीम 'प्रशासनिक डेटा की क्षमता को अनलॉक करना' है। यह थीम सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा निर्धारित की गई है और सरकारी आँकड़ों की गुणवत्ता व अंतर-संचालनीयता सुधारने पर केंद्रित है।
भारतीय सांख्यिकी संस्थान (ISI) की स्थापना कब और कहाँ हुई?
ISI की स्थापना 17 दिसंबर 1931 को प्रो. महालनोबिस ने कोलकाता के प्रेसिडेंसी कॉलेज में एक छोटी प्रयोगशाला के रूप में की थी। आज यह सांख्यिकी, कंप्यूटर विज्ञान और मात्रात्मक अर्थशास्त्र में विश्व के शीर्ष अनुसंधान केंद्रों में गिना जाता है।
महालनोबिस सांख्यिकी की ओर कैसे आए?
1913 में लंदन की ट्रेन छूटने के कारण वे कैंब्रिज के किंग्स कॉलेज पहुँचे, जहाँ भौतिकी-गणित पढ़ा। 1915 में प्रथम विश्व युद्ध के कारण स्वदेश लौटने में विलंब हुआ और उस दौरान उन्होंने सांख्यिकी पत्रिका 'बायोमेट्रिका' का गहन अध्ययन किया, जिसने उनकी दिशा बदल दी।
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