रवनीत बिट्टू ने लुधियाना में भगवंत मान के काफिले के सामने किया विरोध, पुलिस ने हिरासत में लिया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को शनिवार, 19 सितंबर 2026 को लुधियाना में पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जब उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के काफिले के सामने विरोध प्रदर्शन किया। बिट्टू के हाथों में टमाटर, अंडे और शराब की एक छोटी बोतल थी। यह घटना उनके खुद के काफिले पर एक दिन पहले हुए कथित हमले के ठीक बाद हुई, जिसने पंजाब में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
रवनीत सिंह बिट्टू अपने समर्थकों के साथ पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) गेट के पास जमा हुए, जहाँ से मुख्यमंत्री भगवंत मान का काफिला एक कार्यक्रम में जाने के लिए गुजरने वाला था। बिट्टू ने काफिले के गुजरने के दौरान टमाटर और शराब की बोतल सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें और उनके समर्थकों को काफिले की ओर बढ़ने से रोका और काफी देर तक हंगामा होता रहा।
मुख्यमंत्री का काफिला गुजर जाने के बाद पुलिस ने बिट्टू को औपचारिक रूप से हिरासत में ले लिया। बिट्टू ने कहा कि उन्होंने यह सब मुख्यमंत्री तक पहुँचाने की कोशिश की — और चेतावनी दी कि BJP के कार्यकर्ता अन्य राज्यों में भी आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं का इसी तरह विरोध करेंगे।
एक दिन पहले बटाला में काफिले पर कथित हमला
इस विरोध की पृष्ठभूमि में शुक्रवार, 18 सितंबर को बटाला के घासीतपुर गाँव के पास हुई एक घटना है। बिट्टू नशे के खिलाफ BJP की यात्रा में शामिल होने जा रहे थे, तभी कथित तौर पर उनके काफिले पर अंडे और टमाटर फेंके गए। बिट्टू ने दावा किया कि इस हमले में उनकी गाड़ी के शीशे भी टूटे और कुछ हमलावरों के पास हथियार भी थे। उन्होंने कहा कि तीन हमलावरों को उनके समर्थकों ने पकड़ा।
बिट्टू ने इस हमले के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि एक धार्मिक कार्यक्रम की आड़ में यह हमला किया गया। हालाँकि, AAP की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
बिट्टू का पलटवार और कानूनी पहलू
हिरासत में लिए जाने के बाद बिट्टू ने कहा कि वह किसी भी केस से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यदि बटाला हमले के आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं हुआ, तो उनके खिलाफ भी केस नहीं बनता। यह ऐसे समय में आया है जब BJP और AAP के बीच पंजाब में राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता जा रहा है।
गौरतलब है कि बिट्टू का यह विरोध प्रदर्शन महज एक व्यक्तिगत प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि भाजपा की व्यापक रणनीति का हिस्सा दिखता है — नशे के मुद्दे पर AAP सरकार को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर घेरने की कोशिश।
आम जनता और राजनीतिक असर
इस पूरे घटनाक्रम ने लुधियाना में क्षणिक तनाव की स्थिति पैदा की। सार्वजनिक मार्गों पर हंगामे और सुरक्षा व्यवस्था के चलते आम नागरिकों को असुविधा हुई। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, दोनों पार्टियों के बीच यह टकराव आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले पंजाब की राजनीति को और गर्म कर सकता है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस बटाला हमले की जाँच में किस निष्कर्ष पर पहुँचती है और क्या बिट्टू के खिलाफ औपचारिक एफआईआर दर्ज की जाती है।