कोडुंगैयूर सीवेज संकट: 60 से अधिक महिलाओं ने पेराम्बुर में CM विजय के MLA कार्यालय का घेराव किया
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के पेराम्बुर स्थित विधायक कार्यालय के बाहर 17 अगस्त 2026 (सोमवार) को 60 से अधिक महिलाओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कोडुंगैयूर के वेदांत मुरुगप्पा स्ट्रीट में सड़क पर बह रहे सीवेज और बुनियादी नागरिक सुविधाओं की घोर उपेक्षा के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की माँग की। बार-बार शिकायत के बाद भी कोई समाधान न मिलने से क्षुब्ध निवासियों ने आखिरकार सड़क पर उतरकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री विजय पेराम्बुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनका निर्वाचन क्षेत्र कार्यालय व्यासरपाडी के शर्मा नगर, फर्स्ट स्ट्रीट पर स्थित है। महिलाओं ने कार्यालय परिसर का घेराव करते हुए अधिकारियों से माँग की कि अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम की तत्काल मरम्मत की जाए और सड़क पर सीवेज का बहाव रोका जाए। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए स्पष्ट किया कि खराब साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण इलाके के परिवारों को गंभीर स्वास्थ्य जोखिम का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायत तंत्र होने के बावजूद उपेक्षा का आरोप
गौरतलब है कि सरकार ने निवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप लॉन्च किया था, जिसके माध्यम से कोई भी नागरिक सीधे मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकता है। कार्यालय में 10 कर्मचारियों की एक समर्पित टीम प्रतिदिन शिकायतों पर काम करती है और विशेष कंप्यूटर प्रणाली भी स्थापित है। इसके बावजूद कोडुंगैयूर के निवासियों का आरोप है कि सीवेज की समस्या को लेकर बार-बार शिकायत दर्ज कराने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया पर सवाल
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, अधिकारियों ने इलाके में बुनियादी ढाँचे का काम न हो पाने का कारण न्यायालय में विचाराधीन एक मामले को बताया। निवासियों ने इस तर्क को अस्वीकार करते हुए सवाल किया कि जब तक कानूनी विवाद नहीं सुलझता, तब तक बुनियादी साफ-सफाई और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएँ क्यों नहीं दी जा सकतीं। यह ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु वेलाई वाइप्पु कट्सी (TVK) ने सत्ता में आने पर दीर्घकालिक नागरिक समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने का वादा किया था।
तनाव और समझौता
विरोध प्रदर्शन के दौरान TVK के पदाधिकारी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे। प्रदर्शनकारियों ने उनसे सीवेज समस्या के समाधान के लिए एक निश्चित समय-सीमा की माँग की और देरी को लेकर कड़े सवाल पूछे। अंततः TVK प्रतिनिधियों ने निवासियों को आश्वस्त किया कि नागरिक सुविधाएँ बहाल करने और सीवेज समस्या के समाधान के लिए तत्काल कदम उठाए जाएँगे। इस आश्वासन के बाद महिलाओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया। स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक पुलिसकर्मी विधायक कार्यालय के आसपास तैनात रहे।
आगे की राह
निवासियों का कहना है कि वे TVK के दिए गए आश्वासन की निगरानी करेंगे और यदि समय पर काम नहीं हुआ तो फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाने से नहीं हिचकेंगे। कोडुंगैयूर की यह घटना तमिलनाडु के शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे की उपेक्षा और जन-शिकायत तंत्र की प्रभावशीलता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।