आरजी कर रेप-मर्डर केस: सीबीआई की नई SIT ने परिवार को सूचना देने वाली महिला कर्मचारी का मोबाइल जब्त किया
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की नई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, कोलकाता की उस महिला कर्मचारी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जिसने 9 अगस्त 2024 को जूनियर डॉक्टर की हत्या और यौन उत्पीड़न की घटना की जानकारी सबसे पहले पीड़िता के परिजनों को दी थी। जब्त मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है, जिससे जांचकर्ता कॉल रिकॉर्ड और संभावित डिलीट किए गए डेटा की पड़ताल कर सकें।
मोबाइल जब्ती की वजह
सूत्रों के अनुसार, पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया था कि उस महिला कर्मचारी ने थोड़े ही समय के अंतराल में किए गए कई फोन कॉल्स में घटना के बारे में अलग-अलग और परस्पर विरोधाभासी जानकारियाँ दी थीं। इन्हीं आरोपों की पुष्टि के लिए सीबीआई की नई SIT ने महिला कर्मचारी का मोबाइल फोन अपने कब्ज़े में लिया।
जांच अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पीड़िता के परिवार से संपर्क करने से पहले और बाद में उस महिला कर्मचारी ने किन नंबरों पर कॉल किए और किन नंबरों से उसे कॉल आए।
फोरेंसिक जांच का दायरा
सूत्रों के मुताबिक, फोरेंसिक विशेषज्ञ मोबाइल से डिलीट किए गए डेटा को पुनः प्राप्त करने का प्रयास करेंगे। इसके अलावा, कॉल लॉग के अतिरिक्त अन्य डिजिटल कम्युनिकेशन — जैसे मैसेज, चैट और ऐप डेटा — की भी जांच की जाएगी। जांच अधिकारियों का मानना है कि इन रिकॉर्ड्स से इस जघन्य अपराध के पीछे की संभावित बड़ी साजिश के अहम सुराग मिल सकते हैं।
किसके निर्देश पर हुआ संपर्क — जांच का केंद्र
सीबीआई की नई SIT की जांच का एक अहम पहलू यह है कि आरजी कर की उस महिला कर्मचारी ने किसके कहने पर पीड़िता के परिवार से संपर्क किया था। यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 9 अगस्त 2024 की सुबह सेमिनार रूम में शव मिलने के तुरंत बाद की गई यह कॉल, पूरे घटनाक्रम की जानकारी-शृंखला की पहली कड़ी थी।
गौरतलब है कि यह मामला पिछले एक वर्ष से अधिक समय से न्यायिक और जन-चर्चा के केंद्र में रहा है। सीबीआई की नई SIT का गठन इस संकेत के साथ हुआ है कि जांच में कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं की अभी तक पर्याप्त पड़ताल नहीं हुई थी।
पश्चिम बंगाल सरकार का आदेश
इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने रविवार को राज्य पुलिस को निर्देश दिया कि वह उस विवादित घटना की दोबारा जांच करे, जिसमें अगस्त 2024 में पीड़िता का अंतिम संस्कार कथित तौर पर जल्दबाजी में किया गया था। परिजनों ने इस पर भी सवाल उठाए थे।
आगे क्या होगा
फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद सीबीआई की SIT महिला कर्मचारी से विस्तृत पूछताछ कर सकती है। जांचकर्ता कॉल रिकॉर्ड के आधार पर अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका भी खंगाल सकते हैं। यह मामला न केवल न्यायिक दृष्टि से, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी देश भर में गहरी पड़ताल का विषय बना हुआ है।