10 अगस्त 2026
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आरजी कर रेप-मर्डर केस: सीबीआई की नई SIT ने परिवार को सूचना देने वाली महिला कर्मचारी का मोबाइल जब्त किया

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आरजी कर रेप-मर्डर केस: सीबीआई की नई SIT ने परिवार को सूचना देने वाली महिला कर्मचारी का मोबाइल जब्त किया

सारांश

आरजी कर रेप-मर्डर केस में सीबीआई की नई SIT ने उस महिला कर्मचारी का मोबाइल जब्त किया जिसने पीड़िता के परिवार को सबसे पहले सूचना दी थी। परिजनों के अनुसार उसने कई कॉल में परस्पर विरोधाभासी जानकारियाँ दीं। फोरेंसिक जांच से बड़ी साजिश के सुराग मिलने की उम्मीद है।

मुख्य बातें

सीबीआई की नई SIT ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज की उस महिला कर्मचारी का मोबाइल जब्त किया जिसने 9 अगस्त 2024 को पीड़िता के परिजनों को पहली सूचना दी थी।
पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया था कि महिला कर्मचारी ने कई कॉल में परस्पर विरोधाभासी जानकारियाँ दीं।
जब्त मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया; डिलीट डेटा और कॉल लॉग की पड़ताल होगी।
जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि महिला कर्मचारी ने किसके निर्देश पर परिजनों से संपर्क किया।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने राज्य पुलिस को पीड़िता के जल्दबाजी में हुए अंतिम संस्कार की दोबारा जांच का आदेश दिया।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की नई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, कोलकाता की उस महिला कर्मचारी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जिसने 9 अगस्त 2024 को जूनियर डॉक्टर की हत्या और यौन उत्पीड़न की घटना की जानकारी सबसे पहले पीड़िता के परिजनों को दी थी। जब्त मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है, जिससे जांचकर्ता कॉल रिकॉर्ड और संभावित डिलीट किए गए डेटा की पड़ताल कर सकें।

मोबाइल जब्ती की वजह

सूत्रों के अनुसार, पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया था कि उस महिला कर्मचारी ने थोड़े ही समय के अंतराल में किए गए कई फोन कॉल्स में घटना के बारे में अलग-अलग और परस्पर विरोधाभासी जानकारियाँ दी थीं। इन्हीं आरोपों की पुष्टि के लिए सीबीआई की नई SIT ने महिला कर्मचारी का मोबाइल फोन अपने कब्ज़े में लिया।

जांच अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि पीड़िता के परिवार से संपर्क करने से पहले और बाद में उस महिला कर्मचारी ने किन नंबरों पर कॉल किए और किन नंबरों से उसे कॉल आए।

फोरेंसिक जांच का दायरा

सूत्रों के मुताबिक, फोरेंसिक विशेषज्ञ मोबाइल से डिलीट किए गए डेटा को पुनः प्राप्त करने का प्रयास करेंगे। इसके अलावा, कॉल लॉग के अतिरिक्त अन्य डिजिटल कम्युनिकेशन — जैसे मैसेज, चैट और ऐप डेटा — की भी जांच की जाएगी। जांच अधिकारियों का मानना है कि इन रिकॉर्ड्स से इस जघन्य अपराध के पीछे की संभावित बड़ी साजिश के अहम सुराग मिल सकते हैं।

किसके निर्देश पर हुआ संपर्क — जांच का केंद्र

सीबीआई की नई SIT की जांच का एक अहम पहलू यह है कि आरजी कर की उस महिला कर्मचारी ने किसके कहने पर पीड़िता के परिवार से संपर्क किया था। यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 9 अगस्त 2024 की सुबह सेमिनार रूम में शव मिलने के तुरंत बाद की गई यह कॉल, पूरे घटनाक्रम की जानकारी-शृंखला की पहली कड़ी थी।

गौरतलब है कि यह मामला पिछले एक वर्ष से अधिक समय से न्यायिक और जन-चर्चा के केंद्र में रहा है। सीबीआई की नई SIT का गठन इस संकेत के साथ हुआ है कि जांच में कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं की अभी तक पर्याप्त पड़ताल नहीं हुई थी।

पश्चिम बंगाल सरकार का आदेश

इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने रविवार को राज्य पुलिस को निर्देश दिया कि वह उस विवादित घटना की दोबारा जांच करे, जिसमें अगस्त 2024 में पीड़िता का अंतिम संस्कार कथित तौर पर जल्दबाजी में किया गया था। परिजनों ने इस पर भी सवाल उठाए थे।

आगे क्या होगा

फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद सीबीआई की SIT महिला कर्मचारी से विस्तृत पूछताछ कर सकती है। जांचकर्ता कॉल रिकॉर्ड के आधार पर अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका भी खंगाल सकते हैं। यह मामला न केवल न्यायिक दृष्टि से, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी देश भर में गहरी पड़ताल का विषय बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

कब और किसके कहने पर परिजनों को फोन किया, इस मामले में संभावित साजिश की परतें उघाड़ सकता है। गौरतलब है कि एक वर्ष से अधिक समय बाद भी इस केस में कई बुनियादी सवालों के जवाब अधूरे हैं — यह जांच की गति और प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। पश्चिम बंगाल सरकार का अंतिम संस्कार की जांच का आदेश देर से आया, लेकिन यह दबाव में जवाबदेही का संकेत है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीआई ने आरजी कर की महिला कर्मचारी का मोबाइल क्यों जब्त किया?
पीड़िता के परिजनों के आरोपों के आधार पर सीबीआई की नई SIT ने यह कदम उठाया। परिजनों का कहना था कि उस महिला कर्मचारी ने 9 अगस्त 2024 को थोड़े समय के अंतराल में किए गए कई कॉल में घटना के बारे में परस्पर विरोधाभासी जानकारियाँ दी थीं।
जब्त मोबाइल से जांचकर्ता क्या पता लगाना चाहते हैं?
फोरेंसिक जांच के ज़रिए जांचकर्ता कॉल रिकॉर्ड, डिलीट किया गया डेटा और अन्य डिजिटल कम्युनिकेशन की पड़ताल करेंगे। इसका मकसद यह जानना है कि महिला कर्मचारी ने किसके निर्देश पर परिवार से संपर्क किया और क्या इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश थी।
आरजी कर रेप-मर्डर केस क्या है?
यह कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में 9 अगस्त 2024 को एक जूनियर डॉक्टर के साथ हुए यौन उत्पीड़न और हत्या का मामला है। शव सेमिनार रूम में मिला था और इस केस ने पूरे देश में व्यापक विरोध-प्रदर्शन को जन्म दिया था।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने क्या आदेश दिया है?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने रविवार को राज्य पुलिस को आदेश दिया कि वह अगस्त 2024 में पीड़िता के कथित तौर पर जल्दबाजी में किए गए अंतिम संस्कार की दोबारा जांच करे। परिजनों ने इस पर भी आपत्ति जताई थी।
सीबीआई की नई SIT का गठन क्यों किया गया?
आरजी कर केस की नए सिरे से जांच के लिए सीबीआई ने नई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम गठित की है। यह कदम इस बात का संकेत है कि मामले के कुछ अहम पहलुओं की पहले पर्याप्त पड़ताल नहीं हुई थी और जांच में नई दिशाएँ तलाशी जा रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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