10 अगस्त 2026
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आरजी कर रेप-मर्डर केस: सीबीआई ने दो निलंबित आईपीएस अधिकारियों से पूछताछ, पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत गोयल को नोटिस

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आरजी कर रेप-मर्डर केस: सीबीआई ने दो निलंबित आईपीएस अधिकारियों से पूछताछ, पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत गोयल को नोटिस

सारांश

आरजी कर हत्याकांड की जांच में सीबीआई ने पहली बार निलंबित आईपीएस अधिकारियों अभिषेक गुप्ता और इंदिरा मुखर्जी से सीधे पूछताछ की और पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत गोयल को नोटिस भेजा — संकेत है कि एजेंसी अब प्रशासनिक लापरवाही से आगे बड़ी साजिश की तह तक पहुँचना चाहती है।

मुख्य बातें

सीबीआई ने 19 जून 2026 को निलंबित आईपीएस अधिकारियों अभिषेक गुप्ता (तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर, उत्तर डिवीजन) और इंदिरा मुखर्जी (तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर, सेंट्रल डिवीजन) से पूछताछ की।
पूर्व कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत कुमार गोयल को पूछताछ के लिए अलग नोटिस भेजा गया।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने तीनों अधिकारियों को निलंबित कर विभागीय जांच के निर्देश दिए और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भूमिका की समीक्षा का भी संकेत दिया।
मामला 9 अगस्त 2024 को आर.जी.
कर मेडिकल कॉलेज परिसर में जूनियर महिला डॉक्टर का शव मिलने से शुरू हुआ था।
मुख्य आरोपी संजय रॉय को पुलिस और सीबीआई दोनों ने चिह्नित किया है; एजेंसी बड़ी साजिश की संभावना की भी जांच कर रही है।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 19 जून 2026 को आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या मामले में दो निलंबित भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों से पूछताछ की। साथ ही, पूर्व कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत कुमार गोयल को भी इसी सिलसिले में पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया है।

किन अधिकारियों से हुई पूछताछ

शुक्रवार दोपहर सीबीआई ने जिन दो अधिकारियों से पूछताछ की, उनमें तत्कालीन उत्तर डिवीजन के डिप्टी कमिश्नर अभिषेक गुप्ता और सेंट्रल डिवीजन की तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर इंदिरा मुखर्जी शामिल हैं। सीबीआई अधिकारियों ने पूछताछ के दौरान उठाए गए सवालों या जांच के बिंदुओं का सार्वजनिक खुलासा नहीं किया।

सूत्रों के अनुसार, एजेंसी ने पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत कुमार गोयल को भी इसी मामले में पूछताछ के लिए अलग से नोटिस जारी किया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश और विभागीय जांच

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इन तीनों आईपीएस अधिकारियों को निलंबित करने के साथ-साथ आर.जी. कर रेप-मर्डर मामले की फाइलों को दोबारा खोलने का आदेश दिया था। उन्होंने इनके खिलाफ विभागीय जांच के भी निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी।

अधिकारी ने यह भी कहा था कि राज्य सरकार की समानांतर जांच से सीबीआई की जांच प्रभावित नहीं होगी।

मामले की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 9 अगस्त 2024 की सुबह कोलकाता स्थित सरकारी आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर से एक जूनियर महिला डॉक्टर का शव बरामद हुआ था। प्रारंभिक जांच कोलकाता पुलिस ने की थी, जिस दौरान इन निलंबित आईपीएस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे थे।

बाद में कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई ने मामले की जांच अपने हाथ में ली। पुलिस और सीबीआई दोनों ने संजय रॉय को दुष्कर्म और हत्या का मुख्य आरोपी माना है।

बड़ी साजिश की जांच जारी

केंद्रीय एजेंसी अब भी इस जघन्य अपराध के पीछे किसी बड़ी साजिश की संभावना की जांच कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल लगातार उठते रहे हैं। आने वाले दिनों में पूर्व पुलिस आयुक्त गोयल की पूछताछ के बाद जांच की दिशा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस प्रशासनिक श्रृंखला की जांच है जिसने शुरुआती घंटों में मामले को संभाला — और कथित तौर पर लीपापोती की कोशिश की। निलंबित अधिकारियों से पूछताछ और पूर्व पुलिस आयुक्त को नोटिस यह संकेत देता है कि एजेंसी अब व्यक्तिगत अपराध से आगे संस्थागत विफलता की परतें उघाड़ने की कोशिश में है। सवाल यह है कि क्या यह जांच राजनीतिक दबाव से स्वतंत्र रह पाएगी, खासकर जब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद समानांतर विभागीय जांच भी चल रही है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आरजी कर रेप-मर्डर केस में सीबीआई ने किन अधिकारियों से पूछताछ की?
सीबीआई ने 19 जून 2026 को निलंबित आईपीएस अधिकारियों अभिषेक गुप्ता (तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर, उत्तर डिवीजन) और इंदिरा मुखर्जी (तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर, सेंट्रल डिवीजन) से पूछताछ की। साथ ही पूर्व कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत कुमार गोयल को नोटिस भेजा गया।
आरजी कर मामला क्या है और यह कब शुरू हुआ?
9 अगस्त 2024 को कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में एक जूनियर महिला डॉक्टर का शव बरामद हुआ था। पुलिस और सीबीआई दोनों ने संजय रॉय को मुख्य आरोपी माना है, लेकिन सीबीआई बड़ी साजिश की संभावना की भी जांच कर रही है।
सीबीआई ने इस मामले की जांच कैसे शुरू की?
शुरुआती जांच कोलकाता पुलिस ने की थी, जिस दौरान निलंबित आईपीएस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे। इसके बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई ने मामले की जांच अपने हाथ में ली।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने तीनों आईपीएस अधिकारियों को निलंबित किया, मामले की फाइलें दोबारा खोलने का आदेश दिया और विभागीय जांच के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भूमिका की समीक्षा की जाएगी और राज्य की जांच सीबीआई की जांच को प्रभावित नहीं करेगी।
क्या इस मामले में किसी बड़ी साजिश की जांच हो रही है?
सीबीआई ने मुख्य आरोपी संजय रॉय की पहचान तो की है, लेकिन एजेंसी अब भी इस अपराध के पीछे किसी बड़ी साजिश की संभावना की जांच कर रही है। निलंबित अधिकारियों से पूछताछ इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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