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क्या सहजन का पेड़ साधारण है या बेहद चमत्कारी?

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क्या सहजन का पेड़ साधारण है या बेहद चमत्कारी?

सारांश

जानें सहजन या मोरिंगा के अद्भुत औषधीय गुणों के बारे में, जो इसे 'मिरेकल ट्री' बनाते हैं। इसके हर हिस्से में छिपा है सेहत का खजाना।

मुख्य बातें

सहजन में उच्च पोषक तत्व होते हैं।
यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
सहजन का पाउडर एंटी-कैंसर गुणों से भरपूर है।
यह पाचन में सहायक है।
सहजन का सेवन वजन घटाने में मदद करता है।

नई दिल्ली, 19 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। सहजन, जिसे ड्रमस्टिक या मोरिंगा के नाम से भी जाना जाता है, भारत की भूमि पर उगने वाला एक साधारण-सा पेड़ है, लेकिन इसके औषधीय गुण इसे असाधारण बनाते हैं। इसे पूरी दुनिया में 'मिरेकल ट्री' के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इसकी पत्तियां, फलियां, फूल, बीज और छाल सभी किसी न किसी औषधीय गुण से भरपूर हैं।

आयुर्वेद में सहजन का उपयोग प्राचीन काल से विभिन्न रोगों के उपचार में किया जाता रहा है। यह पेड़ न केवल स्वाद बढ़ाने वाला है, बल्कि सेहत की सुरक्षा का भी बड़ा साधन है।

सहजन को कफ-नाशक और वातहर माना गया है। यह शरीर में जमा विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसकी पत्तियां और फलियां पाचन को दुरुस्त रखने, रक्त को शुद्ध करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक हैं।

सहजन की खासियत यह है कि इसमें अन्य सब्जियों और फलों की तुलना में कई गुना अधिक पोषक तत्व पाए जाते हैं। उदाहरण के लिए, इसमें संतरे की तुलना में सात गुना अधिक विटामिन सी और गाजर से चार गुना अधिक विटामिन ए पाया जाता है। इसके अलावा, इसमें दूध से ज्यादा कैल्शियम और केले से अधिक पोटैशियम होता है। यही वजह है कि सहजन को 'ट्री ऑफ लाइफ' भी कहा जाता है।

सहजन में एंटी-कैंसर गुण भी पाए जाते हैं। सहजन का पाउडर या बीजों का सेवन शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालकर रक्त शुद्धिकरण करता है। इसके अतिरिक्त, यह शरीर को एनर्जी देने और थकान दूर करने में भी कारगर है। सहजन का नियमित सेवन पाचन तंत्र को मजबूत करता है, ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है और वजन घटाने में भी मदद करता है। यही नहीं, इसमें मौजूद विटामिन बी6 मस्तिष्क को सक्रिय रखने और मानसिक स्वास्थ्य सुधारने में भी सहायक है।

आयुर्वेद में सहजन के कई घरेलू नुस्खों का उल्लेख मिलता है। सहजन की पत्तियों का रस प्रतिदिन 1-2 चम्मच लेने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और मौसमी बीमारियों से बचाव होता है। सहजन की फलियों की सब्जी खाने से पाचन शक्ति मजबूत होती है और ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है।

वहीं, सहजन की पत्तियों को सरसों के तेल में मिलाकर मालिश करने से दर्द और सूजन में राहत मिलती है। इसके अलावा, सहजन का काढ़ा गले की खराश और खांसी-जुकाम जैसी समस्याओं में बहुत उपयोगी है। सहजन की पत्तियों का पेस्ट त्वचा पर लगाने से मुंहासे और अन्य त्वचा रोगों में लाभ मिलता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सहजन के क्या फायदे हैं?
सहजन में उच्च पोषक तत्व होते हैं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं।
क्या सहजन का सेवन सुरक्षित है?
जी हां, सहजन का सेवन सामान्यतः सुरक्षित है, लेकिन कुछ मामलों में डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
सहजन का पाउडर कैसे बनाते हैं?
सहजन की पत्तियों को सुखाकर उनका पाउडर बनाया जाता है, जिसे विभिन्न व्यंजनों में उपयोग किया जा सकता है।
सहजन का सेवन कैसे करें?
सहजन की पत्तियों का रस, सब्जी या पाउडर के रूप में सेवन किया जा सकता है।
क्या सहजन वजन घटाने में मदद करता है?
हां, सहजन का सेवन वजन घटाने में सहायक होता है क्योंकि यह मेटाबोलिज्म को बढ़ाता है।
राष्ट्र प्रेस
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