8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

संभल शाही जामा मस्जिद का मुख्य द्वार गिरने की कगार पर, कमेटी ने ASI को लिखा आपातकालीन पत्र

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
संभल शाही जामा मस्जिद का मुख्य द्वार गिरने की कगार पर, कमेटी ने ASI को लिखा आपातकालीन पत्र

सारांश

संभल की शाही जामा मस्जिद का मुख्य द्वार गिरने की कगार पर है और एक दीवार पहले ही ढह चुकी है। कमेटी ने ASI को रजिस्ट्री पत्र भेजकर चेताया — जवाब अब तक नहीं। कमेटी ने कहा: हादसा हुआ तो जिम्मेदारी ASI की होगी।

मुख्य बातें

संभल की शाही जामा मस्जिद का मुख्य प्रवेश द्वार पूरी तरह जर्जर, कभी भी गिरने का खतरा।
मस्जिद परिसर की एक दीवार बंदरों द्वारा क्षतिग्रस्त होकर पहले ही गिर चुकी है।
कमेटी प्रमुख जफर अली ने 16 मई 2026 को ASI के मेरठ कार्यालय को रजिस्ट्री पत्र भेजा।
पत्र भेजे जाने के बाद भी अब तक ASI की ओर से कोई जवाब या कार्रवाई नहीं।
कमेटी ने चेतावनी दी — भविष्य में हादसा होने पर संपूर्ण जिम्मेदारी ASI की होगी।

उत्तर प्रदेश के संभल स्थित ऐतिहासिक शाही जामा मस्जिद का मुख्य प्रवेश द्वार अत्यंत जर्जर अवस्था में पहुँच गया है और कभी भी ढह सकता है — यह चेतावनी मस्जिद की प्रबंधन कमेटी ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को दी है। कमेटी ने 16 मई 2026 को मेरठ स्थित पुरातत्व विभाग के कार्यालय को रजिस्ट्री पत्र भेजकर तत्काल मरम्मत की माँग की, परंतु अब तक विभाग की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

मुख्य घटनाक्रम

शाही जामा मस्जिद कमेटी के प्रमुख जफर अली ने बताया कि मस्जिद का मुख्य द्वार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है और उसके गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है। उन्होंने कहा, 'मुख्य द्वार पूरी तरह जर्जर हो चुका है — यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।' इसके अतिरिक्त, मस्जिद परिसर से सटी एक दीवार पहले ही बंदरों द्वारा क्षतिग्रस्त होकर गिर चुकी है, जिससे परिसर की समग्र सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ उत्पन्न हो गई हैं।

ASI की जिम्मेदारी और कमेटी की दलील

कमेटी प्रमुख जफर अली ने स्पष्ट किया कि शाही जामा मस्जिद ASI के अधीन एक संरक्षित स्मारक है, अतः इसकी देखरेख, रख-रखाव और मरम्मत की संपूर्ण जिम्मेदारी पुरातत्व विभाग की है। उन्होंने कहा कि कमेटी ने समय पर विभाग को लिखित रूप से सूचित किया, किंतु अब तक न कोई जवाब आया और न ही कोई कार्रवाई हुई।

हादसे की आशंका और कमेटी की चेतावनी

कमेटी ने ASI को स्पष्ट शब्दों में आगाह किया है कि यदि भविष्य में मुख्य द्वार या क्षतिग्रस्त दीवार के कारण कोई दुर्घटना होती है और जानमाल का नुकसान होता है, तो उसकी पूरी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी ASI की होगी। कमेटी ने गिरी हुई दीवार और मुख्य द्वार — दोनों की शीघ्र मरम्मत की माँग दोहराई है।

ऐतिहासिक महत्व और संदर्भ

गौरतलब है कि संभल की शाही जामा मस्जिद एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर है जो ASI की संरक्षित स्मारकों की सूची में शामिल है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब देशभर में ASI-संरक्षित स्मारकों की रख-रखाव व्यवस्था और उनके जीर्णोद्धार को लेकर सवाल उठते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संरक्षित स्मारकों में समय पर निवारक रख-रखाव न होने से बड़े संरचनात्मक नुकसान का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।

आगे क्या होगा

कमेटी के पत्र के बाद अब यह देखना होगा कि ASI का मेरठ कार्यालय इस मामले में कब तक कार्रवाई करता है। यदि विभाग शीघ्र हस्तक्षेप नहीं करता, तो कमेटी उच्च अधिकारियों और अदालत का दरवाज़ा खटखटाने पर विचार कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रशासनिक तंत्र हरकत में नहीं आता — और तब तक नुकसान अपूरणीय हो चुका होता है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संभल की शाही जामा मस्जिद की वर्तमान स्थिति क्या है?
मस्जिद का मुख्य प्रवेश द्वार अत्यंत जर्जर हो चुका है और कभी भी गिर सकता है। परिसर से सटी एक दीवार बंदरों द्वारा क्षतिग्रस्त होकर पहले ही ढह चुकी है।
मस्जिद कमेटी ने ASI को कब और कैसे सूचित किया?
कमेटी प्रमुख जफर अली ने 16 मई 2026 को मेरठ स्थित ASI कार्यालय को रजिस्ट्री पत्र भेजकर मुख्य द्वार की खस्ताहाल स्थिति की जानकारी दी और तत्काल मरम्मत की माँग की।
मरम्मत की जिम्मेदारी किसकी है?
शाही जामा मस्जिद ASI के अधीन एक संरक्षित स्मारक है, इसलिए इसकी देखरेख और मरम्मत की पूरी जिम्मेदारी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की है।
ASI की ओर से अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
पत्र भेजे जाने के बाद भी ASI की ओर से अब तक कोई जवाब या कार्रवाई नहीं हुई है। कमेटी ने इस पर गहरी नाराज़गी जताई है।
यदि हादसा हुआ तो जिम्मेदारी किसकी होगी?
कमेटी प्रमुख जफर अली ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में मुख्य द्वार या क्षतिग्रस्त दीवार के कारण कोई दुर्घटना होती है और जानमाल का नुकसान होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी ASI की होगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले