11 अगस्त 2026
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शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी का रामभद्राचार्य पर पलटवार: 'एक मस्जिद खोई, दूसरी-तीसरी नहीं खोएंगे'

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शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी का रामभद्राचार्य पर पलटवार: 'एक मस्जिद खोई, दूसरी-तीसरी नहीं खोएंगे'

सारांश

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बरेली में तीन मुद्दों पर एक साथ मोर्चा खोला — रामभद्राचार्य के मथुरा-काशी-संभल दावे, सिद्धार्थनगर का वायरल वीडियो और अन्नामलाई का उत्तर भारतीय विवाद। उनका संदेश साफ था: बाबरी के बाद अब कोई और मस्जिद नहीं।

मुख्य बातें

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने 17 जून 2026 को बरेली में कथावाचक रामभद्राचार्य के मथुरा, काशी और संभल संबंधी बयान को 'ख्वाब-ख्याल' करार दिया।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों ने बाबरी मस्जिद के रूप में एक मस्जिद खोई है — दूसरी और तीसरी खोना स्वीकार नहीं होगा।
सिद्धार्थनगर के वायरल वीडियो में मुसलमान को भंडारे से पहले 'जय श्रीराम' के नारे लगवाने की घटना को उन्होंने सांप्रदायिकता और नफरत फैलाने वाला बताया।
तमिलनाडु BJP के पूर्व नेता के.
अन्नामलाई के उत्तर भारतीय प्रवासियों संबंधी बयान को उन्होंने उत्तर भारतीयों का 'अपमान' कहा।
मौलाना ने मुसलमानों से अपील की कि वे इस तरह के 'जलील करने वाले' आयोजनों में शामिल न हों।

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने 17 जून 2026 को बरेली में कथावाचक रामभद्राचार्य के मथुरा, काशी और संभल संबंधी बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुसलमानों ने बाबरी मस्जिद के रूप में एक मस्जिद खोई है, लेकिन अब दूसरी और तीसरी मस्जिद खोना स्वीकार नहीं होगा।

रामभद्राचार्य के बयान पर प्रतिक्रिया

मौलाना बरेलवी ने कहा कि कथावाचक रामभद्राचार्य का यह कहना कि 'हम मथुरा, काशी और संभल लेकर रहेंगे' — महज एक ख्वाब और ख्याल है। उनके अनुसार, 'ख्वाब-ख्याल जमीन पर नहीं उतरते।' उन्होंने कहा, 'भारत के मुसलमानों ने सीने पर पत्थर रखकर बाबरी मस्जिद राम जन्मभूमि के हवाले कर दी। हमने एक मस्जिद को खोया है, अब दूसरी और तीसरी नहीं खो सकते।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब धार्मिक स्थलों को लेकर देश में बहस तेज़ है।

सिद्धार्थनगर वायरल वीडियो पर आपत्ति

एक वायरल वीडियो का हवाला देते हुए मौलाना बरेलवी ने कहा कि सिद्धार्थनगर में एक मुसलमान को भंडारे का खाना देने से पहले 'जय श्रीराम' के नारे लगवाए गए। उन्होंने इसे भाईचारे और कौमी एकता के विरुद्ध बताया। उनके अनुसार, 'यह नफरत को बढ़ावा देना है और मोहब्बत के पैमाने को तोड़ना है।' मौलाना ने कहा कि इस तरह के आयोजन मुसलमानों को जलील करने और रुसवा करने की कोशिश हैं, और ऐसी सोच फिरकापरस्ती और सांप्रदायिकता को बढ़ावा देती है। उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि वे इस तरह के आयोजनों में शामिल न हों।

अन्नामलाई के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया

तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व नेता के. अन्नामलाई द्वारा उत्तर भारतीय प्रवासियों पर दिए गए बयान पर भी मौलाना बरेलवी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अपराध, अपराध होता है — चाहे वह तमिलनाडु में हो या उत्तर प्रदेश-बिहार में। उनके अनुसार, 'जो अपराधी है, चाहे वह हिंदू हो या मुसलमान, उसे अपराधी की श्रेणी में रखा जाना चाहिए और कानून के अनुसार सज़ा मिलनी चाहिए।' मौलाना ने आरोप लगाया कि अन्नामलाई उत्तर भारतीयों को टारगेट करके यूपी, बिहार और बंगाल के लोगों को अपराधी साबित करने की कोशिश कर रहे हैं, जो उत्तर भारतीयों का अपमान है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि बाबरी मस्जिद विवाद के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद से धार्मिक स्थलों को लेकर देश में बयानबाज़ी का दौर जारी है। मौलाना बरेलवी का यह बयान मुस्लिम समुदाय की उस व्यापक चिंता को सामने रखता है जो धार्मिक स्थलों पर भविष्य के दावों को लेकर बनी हुई है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान — चाहे किसी भी पक्ष से आएं — सामाजिक तनाव को बढ़ाने का काम करते हैं।

आगे की स्थिति

मौलाना बरेलवी के इस बयान पर विभिन्न धार्मिक और राजनीतिक संगठनों की प्रतिक्रिया आने की संभावना है। धार्मिक स्थलों पर विवाद और सांप्रदायिक सौहार्द का मुद्दा आने वाले समय में राजनीतिक विमर्श के केंद्र में बना रह सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सिद्धार्थनगर वीडियो और अन्नामलाई — को एक साथ उठाना रणनीतिक संदेश देने की कोशिश है। हालाँकि, इस तरह के बयान — चाहे किसी भी पक्ष से आएं — सामाजिक ध्रुवीकरण को कम करने के बजाय बहस को और तीखा बनाने का जोखिम उठाते हैं। असली सवाल यह है कि क्या धार्मिक और राजनीतिक नेतृत्व संवाद की जगह बयानबाज़ी को प्राथमिकता देता रहेगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने क्या बयान दिया?
मौलाना बरेलवी ने 17 जून 2026 को बरेली में कहा कि मुसलमानों ने बाबरी मस्जिद के रूप में एक मस्जिद खोई है, लेकिन अब दूसरी और तीसरी मस्जिद खोना स्वीकार नहीं होगा। यह बयान उन्होंने कथावाचक रामभद्राचार्य के मथुरा, काशी और संभल संबंधी दावों के जवाब में दिया।
रामभद्राचार्य ने मथुरा-काशी-संभल पर क्या कहा था?
कथावाचक रामभद्राचार्य ने कथित तौर पर कहा था कि 'हम मथुरा, काशी और संभल लेकर रहेंगे।' मौलाना बरेलवी ने इसे 'ख्वाब और ख्याल' करार देते हुए कहा कि ऐसे ख्याल जमीन पर नहीं उतरते।
सिद्धार्थनगर के वायरल वीडियो में क्या हुआ था?
वायरल वीडियो में कथित तौर पर एक मुसलमान को भंडारे का खाना देने से पहले 'जय श्रीराम' के नारे लगवाए गए। मौलाना बरेलवी ने इसे भाईचारे और कौमी एकता के विरुद्ध बताते हुए इसे सांप्रदायिकता फैलाने की कोशिश कहा।
के. अन्नामलाई के बयान पर मौलाना की क्या प्रतिक्रिया थी?
तमिलनाडु BJP के पूर्व नेता के. अन्नामलाई के उत्तर भारतीय प्रवासियों संबंधी बयान पर मौलाना बरेलवी ने कहा कि अपराध किसी क्षेत्र विशेष से नहीं जुड़ा होता। उन्होंने आरोप लगाया कि अन्नामलाई यूपी, बिहार और बंगाल के लोगों को अपराधी साबित करने की कोशिश कर रहे हैं, जो उत्तर भारतीयों का अपमान है।
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात क्या है?
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात एक राष्ट्रीय मुस्लिम संगठन है जिसके राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी हैं। यह संगठन मुस्लिम समुदाय से जुड़े धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर समय-समय पर अपना पक्ष रखता है।
राष्ट्र प्रेस
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