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ताजमहल में भजन-कीर्तन वीडियो वायरल: मौलाना रजवी ने ASI और प्रशासन से माँगा जवाब

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ताजमहल में भजन-कीर्तन वीडियो वायरल: मौलाना रजवी ने ASI और प्रशासन से माँगा जवाब

सारांश

ताजमहल परिसर में कथित भजन-कीर्तन का वायरल वीडियो नया विवाद बन गया है। मौलाना रजवी ने इसे 'शरारती हरकत' करार देते हुए ASI और प्रशासन से जवाबदेही माँगी है और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की माँग की है।

मुख्य बातें

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने 27 मई को ताजमहल में कथित भजन-कीर्तन के वायरल वीडियो पर कड़ी आपत्ति जताई।
उन्होंने इसे 'शरारती हरकत' बताते हुए संलिप्त लोगों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की माँग की।
ASI और ताजमहल प्रबंधन पर नियमों के पालन में प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया गया।
मौलाना ने कथित पाकिस्तान-संचालित सोशल मीडिया चैनलों पर निगरानी और प्रतिबंध की माँग भी की।
ताजमहल सुरक्षा में तैनात अधिकारियों की भूमिका की जाँच की माँग की गई।

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने ताजमहल परिसर में कथित भजन-कीर्तन के वायरल वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए 27 मई को बरेली में कहा कि यदि इस संरक्षित स्मारक में ऐसी गतिविधि हुई है, तो सबसे पहला सवाल यह है कि इसकी अनुमति किसने और किस आधार पर दी। उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और ताजमहल प्रबंधन पर नियमों के पालन में चूक का आरोप लगाया।

मौलाना रजवी का मुख्य आरोप

मौलाना रजवी ने कहा कि ताजमहल जैसे ऐतिहासिक और कानूनी रूप से संरक्षित स्थल पर किसी भी धार्मिक आयोजन की अनुमति नहीं होती। उनके अनुसार, जब पहले से ही अनेक गतिविधियों पर प्रतिबंध लागू है, तब इस तरह का आयोजन होना स्पष्ट रूप से प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।

उन्होंने इसे एक 'शरारती हरकत' बताते हुए माँग की कि इसमें संलिप्त लोगों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी विवादित गतिविधि किसी ऐतिहासिक स्थल पर न दोहराई जा सके।

सांप्रदायिक तनाव की आशंका

मौलाना रजवी ने चेतावनी दी कि यदि आज इस तरह की गतिविधि को अनदेखा किया गया, तो कल कोई और उकसावे वाला कदम उठाया जा सकता है। उनका कहना था कि कुछ सांप्रदायिक सोच वाले तत्व जानबूझकर ऐसे कदम उठाते हैं ताकि समाज में तनाव और अशांति का माहौल बने। उन्होंने ताजमहल की सुरक्षा में तैनात ASI अधिकारियों की भूमिका की भी जाँच की माँग की।

सोशल मीडिया और भ्रामक सामग्री पर चिंता

मौलाना रजवी ने सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक सामग्री को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उनके अनुसार इंटरनेट के माध्यम से विशेष रूप से मुस्लिम युवाओं को उकसाने के लिए भड़काऊ वीडियो और पोस्ट वायरल किए जाते हैं।

उन्होंने कथित तौर पर पाकिस्तान से संचालित कुछ सोशल मीडिया चैनलों और विदेशों में बैठे व्यक्तियों का उल्लेख किया, जो भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान प्रसारित करते हैं। उन्होंने सरकार से माँग की कि ऐसे चैनलों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें प्रतिबंधित किया जाए।

देश की एकता पर बल

मौलाना रजवी ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि देश की एकता और सामाजिक शांति के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। नफरत फैलाने वाली ताकतों को प्रारंभिक चरण में ही रोकना राष्ट्रहित में अनिवार्य है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि ASI और उत्तर प्रदेश प्रशासन इस वायरल वीडियो मामले में क्या कदम उठाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र जाँच हुई या नहीं। बिना सत्यापन के किसी वीडियो पर इतनी तीखी प्रतिक्रिया स्वयं सोशल मीडिया की उस समस्या का हिस्सा बन जाती है जिसका मौलाना ने खुद उल्लेख किया। ASI की चुप्पी इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा सवालिया निशान है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ताजमहल में भजन-कीर्तन का वायरल वीडियो क्या है?
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें कथित तौर पर ताजमहल परिसर के भीतर भजन-कीर्तन होते दिखाया गया है। इस वीडियो की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक ASI द्वारा नहीं की गई है।
मौलाना रजवी ने इस मामले में क्या माँग की है?
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने माँग की है कि वायरल वीडियो में दिख रहे लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई हो, ASI अधिकारियों की भूमिका की जाँच हो और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएँ।
क्या ताजमहल में धार्मिक गतिविधियाँ प्रतिबंधित हैं?
ASI के नियमों के अनुसार ताजमहल जैसे संरक्षित स्मारकों में किसी भी प्रकार की धार्मिक या विवादित गतिविधि की अनुमति नहीं होती। मौलाना रजवी ने इसी आधार पर प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया है।
मौलाना रजवी ने सोशल मीडिया को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के ज़रिए भड़काऊ सामग्री फैलाई जा रही है, विशेष रूप से मुस्लिम युवाओं को उकसाने के लिए। उन्होंने कथित रूप से पाकिस्तान से संचालित चैनलों पर निगरानी और प्रतिबंध की माँग की।
इस विवाद का व्यापक सामाजिक प्रभाव क्या हो सकता है?
मौलाना रजवी ने चेतावनी दी कि यदि ऐसी घटनाओं पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है। उनके अनुसार कुछ तत्व जानबूझकर ऐसे कदम उठाते हैं ताकि समाज में अशांति का माहौल बने।
राष्ट्र प्रेस
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