29 अक्टूबर 2026
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जदयू के संजय झा का कांग्रेस पर हमला: 'पटना छोड़ो, कर्नाटक छोड़ो' का संदेश दे रही जनता

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जदयू के संजय झा का कांग्रेस पर हमला: 'पटना छोड़ो, कर्नाटक छोड़ो' का संदेश दे रही जनता

सारांश

जदयू के संजय झा ने कांग्रेस के 'दिल्ली चलो' अभियान पर करारा व्यंग्य किया — जनता बिहार में 'पटना छोड़ो' और कर्नाटक में 'कर्नाटक छोड़ो' का संदेश दे रही है। बैलेट पेपर से हुए चुनावों में 28 में से 16 सीटें NDA को मिलीं, और कांग्रेस की हार ने ईवीएम विरोधी तर्क को कमज़ोर किया।

मुख्य बातें

जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने 29 अक्टूबर 2026 को पटना में कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
28 सीटों के चुनाव में NDA ने 16 सीटें जीतीं; बिहार और कर्नाटक दोनों में कांग्रेस को हार।
झा ने कहा — कांग्रेस दिल्ली चलने की बात कर रही है, जनता 'पटना छोड़ो' और 'कर्नाटक छोड़ो' का संदेश दे रही है।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू की जीत को नीतीश कुमार व सम्राट चौधरी के कामकाज की स्वीकृति बताया।
झा ने कांग्रेस पर ईवीएम की जगह चुनाव आयोग पर दोष मढ़ने और अनुचित रणनीति अपनाने का आरोप लगाया।

जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने 29 अक्टूबर 2026 को पटना में मीडिया से बातचीत में कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर से संपन्न चुनावों में भी मतदाताओं ने कांग्रेस को सिरे से नकार दिया है, इसलिए पार्टी को चुनाव आयोग (ECI) पर उँगली उठाने की बजाय अपनी रणनीतिक कमज़ोरियों पर आत्ममंथन करना चाहिए।

मुख्य घटनाक्रम

झा ने बताया कि हाल ही में संपन्न हुए 28 सीटों के चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने 16 सीटों पर जीत दर्ज की। उन्होंने रेखांकित किया कि बिहार और कर्नाटक — दोनों जगह कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू की जीत को उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों की स्वीकृति बताया।

झा के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यह सवाल उठाया है कि जब बैलेट पेपर से हुए चुनावों में जनता ने विपक्ष को अस्वीकार किया, तो कांग्रेस अब किसे दोषी ठहराएगी।

कांग्रेस के 'दिल्ली चलो' अभियान पर तंज

झा ने कांग्रेस के 'दिल्ली चलो' अभियान को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो पार्टी दिल्ली पहुँचने का सपना देख रही है, उसे बिहार में 'पटना छोड़ो' और कर्नाटक में 'कर्नाटक छोड़ो' का जनादेश मिल रहा है। उन्होंने जोर दिया कि चाहे चुनाव बैलेट पेपर से हो या ईवीएम से, सत्ता की राह जनता के वोट से ही निकलती है।

झा ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी नीतियों में बदलाव किए बिना लगातार हार झेल रही है और जनसमर्थन के अभाव में सत्ता हासिल करने के लिए कथित तौर पर अराजकता और भ्रामक प्रचार का सहारा ले रही है।

कांग्रेस पर वैचारिक हमला

जदयू नेता ने कांग्रेस पर ऐसे तत्वों के साथ खड़े होने का भी आरोप लगाया जिनकी विचारधारा को उन्होंने देशहित के विरुद्ध बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को मतदाता लगातार समर्थन दे रहे हैं, लेकिन कांग्रेस इस वास्तविकता को स्वीकार करने में विफल रह रही है। इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर राजनीतिक विरोध में व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर अनुचित टिप्पणियाँ करने का आरोप लगाया।

जदयू में अनुशासन पर जोर

पार्टी अनुशासन के प्रश्न पर झा ने स्पष्ट किया कि जदयू में सभी निर्णय सामूहिक सहमति से लिए जाते हैं और उन पर अंतिम मुहर नीतीश कुमार लगाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई नेता पार्टी के फ़ैसले से असहमत होकर उसके विपरीत आचरण करता है, तो पार्टी अपने नियमों के अनुसार कार्रवाई करने में नहीं हिचकेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के सुचारु संचालन के लिए अनुशासन की नींव अनिवार्य है।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में अगले विधानसभा चुनाव की दिशा में सभी दल अपनी-अपनी स्थिति मज़बूत करने में जुटे हैं। गौरतलब है कि पटना स्नातक सीट पर जीत को NDA ने बिहार में अपनी राजनीतिक पकड़ के संकेत के रूप में पेश किया है, और आने वाले समय में इस नतीजे के राजनीतिक निहितार्थ और गहरे होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मतदाता वर्ग और NDA के भीतर सीट-बँटवारे को नज़रअंदाज़ करता है — जिनकी पड़ताल ज़रूरी है। गौरतलब है कि पटना स्नातक जैसी सीटों में शिक्षित-शहरी मतदाता होते हैं जो सत्ताधारी दल के प्रति ऐतिहासिक रूप से झुके रहते हैं, इसलिए इसे व्यापक जनमत का प्रतीक मानना सरलीकरण होगा। जदयू का यह आक्रामक बयानबाज़ी-अभियान बिहार के आगामी चुनावी चक्र की तैयारी की ओर संकेत करता है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय झा ने कांग्रेस को 'पटना छोड़ो' का संदेश क्यों दिया?
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि कांग्रेस 'दिल्ली चलो' का नारा दे रही है, जबकि बिहार और कर्नाटक में बैलेट पेपर से हुए चुनावों में जनता ने उसे नकार दिया। उनके अनुसार यह नतीजा साबित करता है कि कांग्रेस की विफलता ईवीएम नहीं, बल्कि उसकी अपनी नीतियाँ हैं।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव परिणाम क्या रहा?
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने जीत हासिल की। संजय झा ने इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कामकाज और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों का जनसमर्थन बताया।
हाल के चुनावों में NDA का प्रदर्शन कैसा रहा?
संजय झा के अनुसार 28 सीटों पर संपन्न हुए चुनाव में NDA ने 16 सीटों पर जीत दर्ज की। बिहार और कर्नाटक — दोनों राज्यों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।
जदयू में अनुशासन को लेकर संजय झा ने क्या कहा?
झा ने स्पष्ट किया कि जदयू में निर्णय सामूहिक सहमति से लिए जाते हैं और अंतिम मुहर नीतीश कुमार लगाते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के फ़ैसले के विरुद्ध जाने पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि अनुशासन किसी भी दल के सुचारु संचालन की आधारशिला है।
कांग्रेस पर संजय झा के मुख्य आरोप क्या हैं?
झा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव दर चुनाव हार रही है, फिर भी रणनीति नहीं बदल रही और कथित तौर पर अराजकता फैलाने व भ्रामक प्रचार का सहारा ले रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता राजनीतिक विरोध में व्यक्तिगत एवं पारिवारिक स्तर पर अनुचित टिप्पणियाँ करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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