26 जुलाई 2026
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धर्मेंद्र प्रधान का विरोध पिछड़ों का विरोध है — संजय निषाद का राहुल-अखिलेश पर सीधा हमला

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धर्मेंद्र प्रधान का विरोध पिछड़ों का विरोध है — संजय निषाद का राहुल-अखिलेश पर सीधा हमला

सारांश

संजय निषाद ने सीधा आरोप लगाया — धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा माँगना पिछड़ों के नेतृत्व पर हमला है। राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष पिछड़ों के नाम पर वोट माँगता है, लेकिन उन्हें सत्ता में नहीं देखना चाहता।

मुख्य बातें

संजय निषाद ने 26 जुलाई को कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का विरोध दरअसल पिछड़े वर्ग के नेतृत्व का विरोध है।
प्रह्लाद जोशी के केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनने पर निषाद ने उन्हें बधाई दी और नई टीम पर भरोसा जताया।
निषाद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में पेपर लीक पर बहस से इसलिए बच रहे हैं क्योंकि कांग्रेस का नाम सामने आ सकता है।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में नई एसआईटी गठित; सरकार ने निष्पक्ष जाँच का आश्वासन दिया।
निषाद ने विधानसभा में नकल माफिया पर विस्तृत बहस की माँग की, योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन किया।

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने 26 जुलाई को लखनऊ में स्पष्ट आरोप लगाया कि पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग दरअसल पिछड़े वर्ग के नेतृत्व के विरुद्ध एक सुनियोजित राजनीतिक अभियान था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी (SP) अध्यक्ष अखिलेश यादव पिछड़ों का नाम लेकर वोट माँगते हैं, लेकिन उन्हें सत्ता और नेतृत्व की भूमिका में नहीं देखना चाहते।

प्रह्लाद जोशी को शुभकामनाएँ, नई टीम पर भरोसा

संजय निषाद ने प्रह्लाद जोशी के केंद्रीय शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभालने पर उन्हें बधाई दी और विश्वास जताया कि वे अपनी जिम्मेदारियाँ कुशलता से निभाएँगे। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए नई टीम पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।

राहुल गांधी पर तीखा पलटवार

राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री से जनता से माफी माँगने की माँग पर निषाद ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उनके अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान पिछड़े वर्ग से आते हैं और इसी कारण विपक्ष उनके इस्तीफे पर अड़ा रहा। निषाद ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में पेपर लीक जैसे संवेदनशील मुद्दों पर खुली बहस से इसलिए बच रहे हैं, क्योंकि उन्हें आशंका है कि चर्चा होने पर उनकी पार्टी का नाम सामने आ सकता है।

नकल माफिया और विधानसभा में बहस की माँग

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान का समर्थन करते हुए — जिसमें उन्होंने नकल माफिया को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की देन बताया था — संजय निषाद ने कहा कि इस पूरे विषय पर विधानसभा में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। उनका तर्क था कि सदन में बहस से यह स्पष्ट हो जाएगा कि नकल माफिया, पेपर माफिया, सेंटर माफिया और शिक्षा माफिया को किस सरकार के कार्यकाल में संरक्षण मिला। उन्होंने कहा कि विपक्ष चर्चा से बचने के लिए सड़क पर राजनीति कर रहा है, जबकि वर्तमान सरकार ऐसे माफियाओं के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रही है।

अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में नई एसआईटी

अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर नई एसआईटी के गठन पर मंत्री ने कहा कि न्यायालय के आदेशों का पालन करना सरकार का संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने अदालत के निर्देशों के अनुरूप नई एसआईटी का गठन किया है और निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित की जाएगी।

अखिलेश यादव पर आरोप और मोदी की तारीफ

अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए निषाद ने दावा किया कि उनका एकमात्र उद्देश्य पिछड़े वर्ग के शिक्षा मंत्री को पद से हटाना था। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान पर कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं था और उनके पास लंबा प्रशासनिक अनुभव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए निषाद ने कहा कि मोदी वंचित और पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाने के लिए अवसर प्रदान कर रहे हैं, जबकि विपक्ष इस प्रक्रिया का विरोध कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब पेपर लीक और शिक्षा भ्रष्टाचार के मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति में केंद्र में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि उनकी जाति पर — इस तथ्य को बयान में दरकिनार किया गया। विपक्ष को 'पिछड़ा-विरोधी' साबित करने की कोशिश और मोदी को 'पिछड़ों के मसीहा' के रूप में स्थापित करना — यह ध्रुवीकरण की उसी राजनीति की अगली कड़ी है जो उत्तर प्रदेश में चुनावी गणित को प्रभावित करती है। असली सवाल यह है कि पेपर लीक की जवाबदेही किसकी है — यह बहस जातिगत आरोपों की आड़ में दब न जाए।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संजय निषाद ने धर्मेंद्र प्रधान के विरोध को पिछड़ों का विरोध क्यों बताया?
संजय निषाद का तर्क है कि धर्मेंद्र प्रधान पिछड़े वर्ग से आते हैं और इसीलिए विपक्ष उनके इस्तीफे की माँग पर अड़ा रहा। उनके अनुसार, यह विरोध व्यक्तिगत नहीं बल्कि पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को कमज़ोर करने की कोशिश है।
प्रह्लाद जोशी ने कौन-सा पद संभाला है?
प्रह्लाद जोशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभाला है। संजय निषाद ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि नई टीम देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्धता से काम करेगी।
अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में नई एसआईटी क्यों बनाई गई?
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में नई एसआईटी का गठन किया है। संजय निषाद ने कहा कि न्यायालय के आदेशों का पालन करना सरकार का दायित्व है और निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित की जाएगी।
संजय निषाद ने पेपर लीक मामले पर विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
निषाद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में पेपर लीक पर बहस से इसलिए बच रहे हैं क्योंकि चर्चा होने पर कांग्रेस का नाम सामने आ सकता है। उन्होंने विधानसभा में नकल माफिया, पेपर माफिया और सेंटर माफिया पर विस्तृत बहस की माँग की।
अखिलेश यादव पर संजय निषाद का क्या आरोप है?
संजय निषाद ने दावा किया कि अखिलेश यादव का एकमात्र उद्देश्य पिछड़े वर्ग के शिक्षा मंत्री को पद से हटाना था। उनके अनुसार, समाजवादी पार्टी पिछड़ों के नाम पर राजनीति करती है लेकिन उन्हें नेतृत्व की भूमिका में नहीं देखना चाहती।
राष्ट्र प्रेस
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