9 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

डॉ. मेधा कुलकर्णी को लगातार दूसरे वर्ष 'संसद रत्न पुरस्कार', महाराष्ट्र के 5 सांसद सम्मानित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
डॉ. मेधा कुलकर्णी को लगातार दूसरे वर्ष 'संसद रत्न पुरस्कार', महाराष्ट्र के 5 सांसद सम्मानित

सारांश

राज्यसभा सांसद डॉ. मेधा कुलकर्णी को लगातार दूसरे वर्ष 'संसद रत्न पुरस्कार' मिला — महिला सुरक्षा, ग्रामीण विकास और शिक्षा जैसे मुद्दों पर उनकी सक्रियता को राष्ट्रीय मान्यता। महाराष्ट्र से इस बार 5 सांसद सम्मानित हुए।

मुख्य बातें

मेधा विश्राम कुलकर्णी को 24 मई 2026 को लगातार दूसरे वर्ष 'संसद रत्न पुरस्कार' से सम्मानित किया गया।
महाराष्ट्र से कुल 5 सांसद इस पुरस्कार के लिए चुने गए — BJP के हेमंत सावरा व स्मिता वाघ , शिवसेना के डॉ.
श्रीकांत शिंदे व नरेश म्हस्के भी शामिल।
यह पुरस्कार प्राइम पॉइंट फाउंडेशन द्वारा लोकसभा और राज्यसभा में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है।
कुलकर्णी ने संसद में महिला सुरक्षा , स्वास्थ्य सेवा , ग्रामीण विकास , शिक्षा और वर्षा जल संचयन सहित कई जन-केंद्रित मुद्दे उठाए।
यह उपलब्धि पुणे और महाराष्ट्र के लिए गर्व का विषय बताई जा रही है।

राज्यसभा सांसद प्रोफेसर डॉ. मेधा विश्राम कुलकर्णी को संसद में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए लगातार दूसरे वर्ष प्रतिष्ठित 'संसद रत्न पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है। 24 मई 2026 को की गई इस घोषणा के साथ, महाराष्ट्र से कुल 5 सांसद इस बार इस पुरस्कार के लिए चुने गए हैं। यह पुरस्कार प्राइम पॉइंट फाउंडेशन द्वारा प्रतिवर्ष लोकसभा और राज्यसभा में अनुकरणीय प्रदर्शन करने वाले सांसदों को दिया जाता है।

पुरस्कार विजेता और चयन प्रक्रिया

इस वर्ष महाराष्ट्र से सम्मानित होने वाले सांसदों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हेमंत सावरा और स्मिता वाघ, तथा शिवसेना के डॉ. श्रीकांत शिंदे और नरेश म्हस्के भी शामिल हैं। प्राइम पॉइंट फाउंडेशन सांसदों की उपस्थिति, प्रश्नकाल में भागीदारी, बहसों में हस्तक्षेप और जन-केंद्रित मुद्दों को उठाने के आधार पर यह मूल्यांकन करता है।

डॉ. मेधा कुलकर्णी की संसदीय सक्रियता

राज्यसभा में अपने पहले ही कार्यकाल में डॉ. मेधा कुलकर्णी ने रेल सेवाएँ, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, ग्रामीण विकास, शिक्षा, सामाजिक न्याय और कॉरपोरेट जिहाद जैसे महत्वपूर्ण विषयों को लगातार उठाया है। उन्होंने विशेष सत्रों, शून्यकाल, प्रश्नकाल और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर बहसों में सक्रिय भागीदारी की है।

हाल ही में समाप्त हुए संसद सत्र में उन्होंने महिला सुरक्षा, बीमा संरक्षण, वर्षा जल संचयन, आधार प्रमाणीकरण, आरटीई प्रवेश प्रक्रिया और कृषि भूमि से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सदन के समक्ष रखा। गौरतलब है कि यह लगातार दूसरा वर्ष है जब उनकी संसदीय सक्रियता को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है।

डॉ. कुलकर्णी की प्रतिक्रिया

पुरस्कार की घोषणा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ. मेधा कुलकर्णी ने कहा, 'लगातार दूसरे वर्ष संसद रत्न पुरस्कार प्राप्त करना मेरे लिए सम्मान और जिम्मेदारी दोनों है। यह सम्मान केवल मेरा नहीं है, बल्कि संसद में जनता की आकांक्षाओं का प्रभावी प्रतिनिधित्व करने के लिए किए गए सच्चे प्रयासों को श्रद्धांजलि है।' उन्होंने आगे कहा कि 'लोकतंत्र में, एक जन प्रतिनिधि की सच्ची पहचान उसकी प्रतिबद्धता और कार्य में निहित होती है। यह जनता के आशीर्वाद और विश्वास का प्रतिबिंब है।'

महाराष्ट्र और पुणे के लिए गौरव

यह उपलब्धि महाराष्ट्र और विशेष रूप से पुणे के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है। यह ऐसे समय में आई है जब संसदीय जवाबदेही और सांसदों की सक्रियता को लेकर राष्ट्रीय बहस तेज़ है। डॉ. कुलकर्णी ने स्पष्ट किया कि वे दृढ़ विश्वास और समर्पण के साथ जनहित के मुद्दों को उठाना जारी रखेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि राजनीतिक संबद्धता पर — इसीलिए एक ही राज्य से अलग-अलग दलों के सांसदों का चुना जाना उल्लेखनीय है। डॉ. कुलकर्णी का पहले ही कार्यकाल में लगातार दो बार सम्मानित होना दर्शाता है कि संसदीय सक्रियता और जन-केंद्रित एजेंडा मतदाताओं और मूल्यांकनकर्ताओं दोनों को प्रभावित करता है। हालाँकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि ऐसे पुरस्कारों की कोई सरकारी मान्यता नहीं होती — इनकी असली कसौटी यह है कि उठाए गए मुद्दे नीतिगत बदलाव में कितने परिणत होते हैं।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'संसद रत्न पुरस्कार' क्या है और यह किसे दिया जाता है?
'संसद रत्न पुरस्कार' प्राइम पॉइंट फाउंडेशन द्वारा प्रतिवर्ष उन सांसदों को दिया जाता है जिन्होंने लोकसभा या राज्यसभा में उपस्थिति, प्रश्नकाल, बहसों और जन-केंद्रित मुद्दों में उत्कृष्ट योगदान दिया हो। यह पुरस्कार संसदीय जवाबदेही को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दिया जाता है।
डॉ. मेधा कुलकर्णी को यह पुरस्कार किस आधार पर मिला?
डॉ. मेधा कुलकर्णी को राज्यसभा में निरंतर उपस्थिति, बहसों में सार्थक हस्तक्षेप और महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, शिक्षा व वर्षा जल संचयन जैसे जन-केंद्रित मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए यह सम्मान दिया गया। यह उनके राज्यसभा के पहले कार्यकाल में लगातार दूसरा वर्ष है जब उन्हें यह पुरस्कार मिला है।
2026 में महाराष्ट्र से कौन-से सांसद 'संसद रत्न पुरस्कार' के लिए चुने गए?
2026 में महाराष्ट्र से कुल 5 सांसद चुने गए — राज्यसभा सांसद डॉ. मेधा कुलकर्णी, BJP के हेमंत सावरा और स्मिता वाघ, तथा शिवसेना के डॉ. श्रीकांत शिंदे और नरेश म्हस्के।
डॉ. मेधा कुलकर्णी ने संसद में कौन-से प्रमुख मुद्दे उठाए हैं?
उन्होंने रेल सेवाएँ, महिला सुरक्षा, बीमा संरक्षण, स्वास्थ्य सेवा, ग्रामीण विकास, शिक्षा, सामाजिक न्याय, वर्षा जल संचयन, आधार प्रमाणीकरण, आरटीई प्रवेश प्रक्रिया और कृषि भूमि से जुड़े मुद्दे संसद में उठाए हैं। हाल के सत्र में भी उन्होंने इन विषयों पर सक्रिय भागीदारी की।
प्राइम पॉइंट फाउंडेशन कौन सी संस्था है?
प्राइम पॉइंट फाउंडेशन एक स्वतंत्र संस्था है जो प्रतिवर्ष सांसदों के संसदीय प्रदर्शन का मूल्यांकन कर 'संसद रत्न पुरस्कार' प्रदान करती है। इसका उद्देश्य संसदीय लोकतंत्र में जवाबदेही और सक्रियता को प्रोत्साहित करना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले