सपा विधायक कमाल अख्तर ने छोड़ा मुख्य सचेतक पद, बोले — अखिलेश यादव के निर्देश पर लिया निर्णय
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ विधायक कमाल अख्तर ने 30 जून 2026 को उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) के पद से इस्तीफा दे दिया। मुरादाबाद की कांठ विधानसभा सीट से विधायक अख्तर ने स्पष्ट किया कि यह कदम सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रत्यक्ष निर्देश पर उठाया गया है। उनके इस्तीफे के बाद पार्टी के भीतर संगठनात्मक फेरबदल और नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें तेज़ हो गई हैं।
कमाल अख्तर का बयान
अख्तर ने किसी भी प्रकार की नाराज़गी या विवाद से पूरी तरह इनकार किया। उन्होंने कहा, 'मैंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आदेश पर अपना इस्तीफा दिया है। पार्टी के भीतर संगठन और पदों में परिवर्तन की प्रक्रिया समय-समय पर चलती रहती है। किसी से मेरी कोई नाराज़गी नहीं है। मैं समाजवादी पार्टी का एक छोटा कार्यकर्ता हूँ और आगे भी अखिलेश यादव के नेतृत्व में पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ काम करता रहूँगा।'
उन्होंने आगे कहा कि पार्टी में कोई पद स्थायी नहीं होता और जब नेतृत्व का निर्देश हो कि अब किसी अन्य को जिम्मेदारी दी जाए, तो यह स्वाभाविक प्रक्रिया है। 'मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, उसे मैं पूरी तरह निभाऊँगा' — उन्होंने यह भी जोड़ा।
रुचि वीरा से मतभेद की चर्चा
पिछले कुछ दिनों से मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा के साथ अख्तर के मतभेदों की खबरें राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई थीं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच संगठनात्मक समन्वय और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर मतभेद की स्थिति बनी थी। इसके बाद सपा नेतृत्व ने दोनों को लखनऊ बुलाकर बैठक की थी।
हालाँकि अख्तर ने इस मसले पर सीधे टिप्पणी से परहेज़ किया और कहा, 'इस चीज़ से कोई लेना-देना नहीं है। वह अपना काम कर रही हैं, मैं अपना काम कर रहा हूँ।'
लखनऊ बैठक और उसके बाद
पार्टी सूत्रों के अनुसार, लखनऊ में हुई बैठक में अखिलेश यादव ने दोनों नेताओं की बात सुनी और विवाद को समाप्त करने का प्रयास किया। इस बैठक में राज्यसभा सदस्य जावेद अली, पूर्व विधायक यूसुफ अंसारी, जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव और सांसद प्रतिनिधि खुशनूद अली भी मौजूद थे। बैठक के बाद माना जा रहा था कि मामला शांत हो गया है, लेकिन अख्तर के इस्तीफे ने एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी।
पद का इतिहास
गौरतलब है कि कमाल अख्तर को 28 जुलाई 2024 को उत्तर प्रदेश विधानसभा में सपा का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया था। इससे पहले यह जिम्मेदारी विधायक मनोज कुमार पांडेय के पास थी, जिन्होंने राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी लाइन से अलग मतदान करने के बाद यह पद छोड़ा था। अब अख्तर के इस्तीफे के बाद यह देखना होगा कि सपा नेतृत्व इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी किसे सौंपता है।
आगे क्या
सपा के भीतर यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब पार्टी उत्तर प्रदेश में संगठन को मज़बूत करने और आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए तैयारी में जुटी है। नए मुख्य सचेतक की नियुक्ति और मुरादाबाद में पार्टी के आंतरिक समन्वय पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।