30 जून 2026
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सपा विधायक कमाल अख्तर ने छोड़ा मुख्य सचेतक पद, बोले — अखिलेश यादव के निर्देश पर लिया निर्णय

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सपा विधायक कमाल अख्तर ने छोड़ा मुख्य सचेतक पद, बोले — अखिलेश यादव के निर्देश पर लिया निर्णय

सारांश

सपा विधायक कमाल अख्तर का मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा सिर्फ एक संगठनात्मक बदलाव नहीं — यह मुरादाबाद की राजनीति में उभरती दरारों का संकेत है। अखिलेश यादव के 'आदेश' की आड़ में दबाया गया तनाव अब खुलकर सामने आ गया है।

मुख्य बातें

कमाल अख्तर ने 30 जून 2026 को उत्तर प्रदेश विधानसभा में सपा के मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा दिया।
अख्तर ने कहा कि इस्तीफा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रत्यक्ष निर्देश पर दिया गया है।
मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा के साथ मतभेदों की चर्चाओं को अख्तर ने सिरे से नकारा।
पार्टी ने पहले दोनों नेताओं को लखनऊ बुलाकर बैठक की थी, जिसमें राज्यसभा सदस्य जावेद अली समेत कई नेता शामिल थे।
अख्तर को 28 जुलाई 2024 को मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया था; इससे पहले यह पद मनोज कुमार पांडेय के पास था।

समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ विधायक कमाल अख्तर ने 30 जून 2026 को उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) के पद से इस्तीफा दे दिया। मुरादाबाद की कांठ विधानसभा सीट से विधायक अख्तर ने स्पष्ट किया कि यह कदम सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रत्यक्ष निर्देश पर उठाया गया है। उनके इस्तीफे के बाद पार्टी के भीतर संगठनात्मक फेरबदल और नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर अटकलें तेज़ हो गई हैं।

कमाल अख्तर का बयान

अख्तर ने किसी भी प्रकार की नाराज़गी या विवाद से पूरी तरह इनकार किया। उन्होंने कहा, 'मैंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आदेश पर अपना इस्तीफा दिया है। पार्टी के भीतर संगठन और पदों में परिवर्तन की प्रक्रिया समय-समय पर चलती रहती है। किसी से मेरी कोई नाराज़गी नहीं है। मैं समाजवादी पार्टी का एक छोटा कार्यकर्ता हूँ और आगे भी अखिलेश यादव के नेतृत्व में पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ काम करता रहूँगा।'

उन्होंने आगे कहा कि पार्टी में कोई पद स्थायी नहीं होता और जब नेतृत्व का निर्देश हो कि अब किसी अन्य को जिम्मेदारी दी जाए, तो यह स्वाभाविक प्रक्रिया है। 'मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, उसे मैं पूरी तरह निभाऊँगा' — उन्होंने यह भी जोड़ा।

रुचि वीरा से मतभेद की चर्चा

पिछले कुछ दिनों से मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा के साथ अख्तर के मतभेदों की खबरें राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई थीं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच संगठनात्मक समन्वय और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर मतभेद की स्थिति बनी थी। इसके बाद सपा नेतृत्व ने दोनों को लखनऊ बुलाकर बैठक की थी।

हालाँकि अख्तर ने इस मसले पर सीधे टिप्पणी से परहेज़ किया और कहा, 'इस चीज़ से कोई लेना-देना नहीं है। वह अपना काम कर रही हैं, मैं अपना काम कर रहा हूँ।'

लखनऊ बैठक और उसके बाद

पार्टी सूत्रों के अनुसार, लखनऊ में हुई बैठक में अखिलेश यादव ने दोनों नेताओं की बात सुनी और विवाद को समाप्त करने का प्रयास किया। इस बैठक में राज्यसभा सदस्य जावेद अली, पूर्व विधायक यूसुफ अंसारी, जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव और सांसद प्रतिनिधि खुशनूद अली भी मौजूद थे। बैठक के बाद माना जा रहा था कि मामला शांत हो गया है, लेकिन अख्तर के इस्तीफे ने एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी।

पद का इतिहास

गौरतलब है कि कमाल अख्तर को 28 जुलाई 2024 को उत्तर प्रदेश विधानसभा में सपा का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया था। इससे पहले यह जिम्मेदारी विधायक मनोज कुमार पांडेय के पास थी, जिन्होंने राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी लाइन से अलग मतदान करने के बाद यह पद छोड़ा था। अब अख्तर के इस्तीफे के बाद यह देखना होगा कि सपा नेतृत्व इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी किसे सौंपता है।

आगे क्या

सपा के भीतर यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब पार्टी उत्तर प्रदेश में संगठन को मज़बूत करने और आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए तैयारी में जुटी है। नए मुख्य सचेतक की नियुक्ति और मुरादाबाद में पार्टी के आंतरिक समन्वय पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यही इस घटनाक्रम की असली पहेली है। मुरादाबाद में सांसद रुचि वीरा और विधायक कमाल अख्तर के बीच का तनाव पार्टी की उस पुरानी कमज़ोरी को उजागर करता है जहाँ सांसद और विधायक के बीच क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई अक्सर नेतृत्व के लिए सिरदर्द बनती है। अखिलेश यादव ने बैठक कर विवाद 'शांत' करने की कोशिश की, लेकिन इस्तीफे ने साफ़ कर दिया कि मामला उतना सुलझा नहीं जितना दिखाया गया। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह के आंतरिक घर्षण सपा के लिए चुनावी नुकसान का कारण बन सकते हैं।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कमाल अख्तर ने सपा मुख्य सचेतक पद से इस्तीफा क्यों दिया?
कमाल अख्तर ने कहा कि उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर इस्तीफा दिया है। हालाँकि, पार्टी सूत्रों के मुताबिक मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा के साथ संगठनात्मक मतभेद भी इस घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में बताए जा रहे हैं।
कमाल अख्तर कौन हैं और वे कब से मुख्य सचेतक थे?
कमाल अख्तर मुरादाबाद की कांठ विधानसभा सीट से सपा विधायक हैं। उन्हें 28 जुलाई 2024 को उत्तर प्रदेश विधानसभा में समाजवादी पार्टी का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया था, जब विधायक मनोज कुमार पांडेय ने पार्टी लाइन से अलग मतदान के बाद यह पद छोड़ा था।
रुचि वीरा और कमाल अख्तर के बीच क्या विवाद था?
पार्टी सूत्रों के अनुसार, मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा और विधायक कमाल अख्तर के बीच संगठनात्मक समन्वय और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर मतभेद की स्थिति बनी थी। हालाँकि अख्तर ने इसे सार्वजनिक रूप से नकारा और कहा कि उनका वीरा से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है।
लखनऊ बैठक में कौन-कौन शामिल था?
सपा नेतृत्व ने दोनों नेताओं को लखनऊ बुलाकर बैठक की, जिसमें राज्यसभा सदस्य जावेद अली, पूर्व विधायक यूसुफ अंसारी, जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव और सांसद प्रतिनिधि खुशनूद अली उपस्थित थे। बैठक में अखिलेश यादव ने दोनों पक्षों की बात सुनी।
अब सपा का नया मुख्य सचेतक कौन होगा?
कमाल अख्तर के इस्तीफे के बाद सपा नेतृत्व नए मुख्य सचेतक की नियुक्ति करेगा, लेकिन अभी तक किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अख्तर ने स्वयं कहा कि उन्हें विश्वास है कि जिसे यह जिम्मेदारी दी जाएगी, वह पार्टी के लिए अच्छा काम करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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