TMC में फूट पर नकवी का तंज: 'सारे भेद खुल गए, राजदार न रहा'; अभिषेक को बताया कलह की जड़
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने 11 जून 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) में उभरी अंदरूनी फूट पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि जब से अभिषेक बनर्जी को पार्टी में केंद्रीय जिम्मेदारी सौंपी गई है, तब से संगठन में टकराव और भ्रम की स्थिति बनी हुई है। नकवी ने राज कपूर की क्लासिक फिल्म के गीत की पंक्तियाँ उद्धृत करते हुए TMC की दशा पर व्यंग्य किया।
नकवी का कटाक्ष — 'दोस्त-दोस्त न रहा'
नकवी ने कहा, 'दोस्त-दोस्त न रहा, प्यार-प्यार न रहा, सारे भेद खुल गए, राजदार न रहा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जो पार्टी कभी ममता बनर्जी का मजबूत घर थी, वह अब 'भतीजे का घरौंदा' बनने के बाद से आंतरिक कलह और अहंकार की शिकार हो गई है। नकवी ने कहा, 'TMC को आत्मचिंतन करना होगा कि किस तरह अहंकार, अराजकता और अति-आत्मविश्वास उन्हें समाप्त कर रहा है।'
TMC-कांग्रेस विलय की अटकलों पर प्रतिक्रिया
TMC के कांग्रेस में संभावित विलय की चर्चाओं पर नकवी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि 'झटके पर झटका खाने के बाद अगर कोई डूबते हुए जहाज पर बैठने की कोशिश करेगा, तो यह उसकी अपनी इच्छा है।' उन्होंने कांग्रेस की मौजूदा हालत को रेखांकित करते हुए कहा, 'कांग्रेस की स्थिति यह है कि हम तो डूबे हैं साथी, तुम्हें भी ले डूबेंगे।' नकवी के इस बयान को TMC और कांग्रेस दोनों पर एक साथ निशाना साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस की दिल्ली बैठक और 'जन्मसिद्ध अधिकार' वाला तंज
नई दिल्ली में कांग्रेस की हालिया बैठक पर नकवी ने कहा कि पार्टी अब अच्छी तरह समझ चुकी है कि 'सत्ता पर जन्मसिद्ध अधिकार वाला गुरूर चकनाचूर हो चुका है।' उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल ने कांग्रेस को 'बड़ा झटका' दिया है और अगले 20-25 वर्षों तक केंद्र की सत्ता में उनके लिए कोई जगह नहीं है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं।
नीति आयोग बैठक और धर्मांतरण रोकथाम सेल
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में होने वाली नीति आयोग की बैठक पर नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री 'लगातार बिना रुके और थके सभी क्षेत्रों में काम कर रहे हैं और कार्यों की समीक्षा भी करते हैं।' इसके अलावा, 'धर्मांतरण रोकथाम सेल' के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि डराकर, फंडिंग या दबाव के जरिए होने वाले 'धर्मांतरण के धंधे' को रोकना अनिवार्य है और अवैध धर्मांतरण के खिलाफ सभी उपाय किए जाने चाहिए।
आगे क्या
TMC की आंतरिक खींचतान और कांग्रेस के साथ उसके संभावित समीकरण पर राजनीतिक हलकों में नजर बनी हुई है। BJP का यह आक्रामक रुख स्पष्ट करता है कि वह विपक्षी खेमे की हर दरार को चुनावी नजरिए से भुनाने की रणनीति पर काम कर रही है।