स्त्री सम्मान समृद्धि योजना पर मंत्री मनोज पांडे का पलटवार: 'सत्ता में थे तब महिलाओं की याद क्यों नहीं आई?'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे ने 26 अगस्त 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) की प्रस्तावित 'स्त्री सम्मान समृद्धि योजना' पर तीखा प्रहार किया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव की ओर से महिलाओं को ₹40,000 की आर्थिक सहायता देने के वादे पर पांडे ने सवाल उठाया कि जब सपा सत्ता में थी, तब ऐसी योजनाओं की घोषणा क्यों नहीं की गई।
मुख्य आरोप और पलटवार
मंत्री मनोज पांडे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी राजनीतिक दल को महिलाओं के लिए योजना शुरू करनी थी, तो वह सत्ता में रहते हुए करनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनावी वादों के ज़रिए जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। पांडे के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गाँव, गरीब, किसान, नौजवान और महिलाओं के लिए लगातार कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान का उदाहरण देते हुए कहा कि आज़ादी के दशकों बाद भी महिलाएँ खुले में शौच के लिए मजबूर थीं और मोदी सरकार ने शौचालय निर्माण के ज़रिए इस समस्या का समाधान किया।
अहिल्याबाई होलकर बस सेवा पर विवाद
मंत्री पांडे ने उत्तर प्रदेश सरकार की अहिल्याबाई होलकर के नाम पर शुरू की गई महिलाओं के लिए मुफ़्त बस सेवा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होलकर न्याय और सुशासन की प्रतीक हैं और उनके नाम पर चलाई जा रही योजना पर विपक्ष द्वारा सवाल उठाना अनुचित है। पांडे ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार का लक्ष्य ऐसा भारत बनाना है जहाँ हर व्यक्ति को समान अधिकार मिले और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचे।
पीडीए की राजनीति पर तंज
सपा के 'पीडीए' (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) के राजनीतिक नारे पर मंत्री पांडे ने तंज कसते हुए कहा कि सपा को पहले इस संक्षिप्त नाम की स्पष्ट और अंतिम व्याख्या करनी चाहिए, क्योंकि समय-समय पर इसके अलग-अलग अर्थ बताए जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सत्ता में रहते हुए सरकारी नौकरियों, आरक्षण और युवाओं के अधिकारों के साथ न्याय नहीं किया, वे आज पिछड़े वर्गों की बात कर रहे हैं। पांडे ने कुम्हार, कहार, पटेल, पाल, निषाद, केवट, मल्लाह, पासवान और गौतम सहित विभिन्न पिछड़े और कमज़ोर समुदायों के अधिकारों का विशेष उल्लेख किया।
भारत की आर्थिक और सामरिक स्थिति पर दावा
कैबिनेट मंत्री ने यह भी कहा कि आज भारत दुनिया की बड़ी आर्थिक शक्तियों में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने आतंकवादी हमलों के जवाब में भारतीय सेना की कार्रवाई को देश की बदली हुई सामरिक स्थिति का प्रमाण बताया। पांडे ने विपक्ष पर 'वंदे मातरम', सनातन और किसानों के मुद्दों पर राजनीति करने का भी आरोप लगाया और कहा कि देश के विकास में किसी को बाधा नहीं बनना चाहिए।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ ज़ोर पकड़ रही हैं और महिला मतदाताओं को लुभाने की होड़ तेज़ हो गई है। आने वाले हफ्तों में इस योजना पर राजनीतिक बहस और तेज़ होने की संभावना है।