27 अगस्त 2026
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स्त्री सम्मान समृद्धि योजना पर मंत्री मनोज पांडे का पलटवार: 'सत्ता में थे तब महिलाओं की याद क्यों नहीं आई?'

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स्त्री सम्मान समृद्धि योजना पर मंत्री मनोज पांडे का पलटवार: 'सत्ता में थे तब महिलाओं की याद क्यों नहीं आई?'

सारांश

यूपी चुनाव से पहले सपा की 'स्त्री सम्मान समृद्धि योजना' और ₹40,000 के वादे पर भाजपा ने पलटवार किया है। कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे ने सीधे सवाल दागा — सत्ता में रहते हुए महिलाओं के लिए क्या किया? महिला मतदाताओं को साधने की यह जंग 2027 की असली लड़ाई की झलक है।

मुख्य बातें

सपा की प्रस्तावित 'स्त्री सम्मान समृद्धि योजना' के तहत महिलाओं को ₹40,000 की आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया है।
UP कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे ने 26 अगस्त 2026 को सपा पर निशाना साधते हुए पूछा कि सत्ता में रहते हुए महिलाओं के लिए ऐसी योजना क्यों नहीं बनाई गई।
पांडे ने स्वच्छ भारत अभियान और अहिल्याबाई होलकर के नाम पर मुफ़्त बस सेवा सहित केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का हवाला दिया।
मंत्री ने सपा के 'पीडीए' नारे की अस्पष्ट व्याख्या पर भी सवाल उठाए और पिछड़े समुदायों के साथ न्याय न करने का आरोप लगाया।
यह विवाद 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले महिला मतदाताओं को केंद्र में रखकर बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।

उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे ने 26 अगस्त 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) की प्रस्तावित 'स्त्री सम्मान समृद्धि योजना' पर तीखा प्रहार किया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव की ओर से महिलाओं को ₹40,000 की आर्थिक सहायता देने के वादे पर पांडे ने सवाल उठाया कि जब सपा सत्ता में थी, तब ऐसी योजनाओं की घोषणा क्यों नहीं की गई।

मुख्य आरोप और पलटवार

मंत्री मनोज पांडे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसी राजनीतिक दल को महिलाओं के लिए योजना शुरू करनी थी, तो वह सत्ता में रहते हुए करनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनावी वादों के ज़रिए जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। पांडे के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में गाँव, गरीब, किसान, नौजवान और महिलाओं के लिए लगातार कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान का उदाहरण देते हुए कहा कि आज़ादी के दशकों बाद भी महिलाएँ खुले में शौच के लिए मजबूर थीं और मोदी सरकार ने शौचालय निर्माण के ज़रिए इस समस्या का समाधान किया।

अहिल्याबाई होलकर बस सेवा पर विवाद

मंत्री पांडे ने उत्तर प्रदेश सरकार की अहिल्याबाई होलकर के नाम पर शुरू की गई महिलाओं के लिए मुफ़्त बस सेवा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होलकर न्याय और सुशासन की प्रतीक हैं और उनके नाम पर चलाई जा रही योजना पर विपक्ष द्वारा सवाल उठाना अनुचित है। पांडे ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार का लक्ष्य ऐसा भारत बनाना है जहाँ हर व्यक्ति को समान अधिकार मिले और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचे।

पीडीए की राजनीति पर तंज

सपा के 'पीडीए' (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) के राजनीतिक नारे पर मंत्री पांडे ने तंज कसते हुए कहा कि सपा को पहले इस संक्षिप्त नाम की स्पष्ट और अंतिम व्याख्या करनी चाहिए, क्योंकि समय-समय पर इसके अलग-अलग अर्थ बताए जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सत्ता में रहते हुए सरकारी नौकरियों, आरक्षण और युवाओं के अधिकारों के साथ न्याय नहीं किया, वे आज पिछड़े वर्गों की बात कर रहे हैं। पांडे ने कुम्हार, कहार, पटेल, पाल, निषाद, केवट, मल्लाह, पासवान और गौतम सहित विभिन्न पिछड़े और कमज़ोर समुदायों के अधिकारों का विशेष उल्लेख किया।

भारत की आर्थिक और सामरिक स्थिति पर दावा

कैबिनेट मंत्री ने यह भी कहा कि आज भारत दुनिया की बड़ी आर्थिक शक्तियों में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने आतंकवादी हमलों के जवाब में भारतीय सेना की कार्रवाई को देश की बदली हुई सामरिक स्थिति का प्रमाण बताया। पांडे ने विपक्ष पर 'वंदे मातरम', सनातन और किसानों के मुद्दों पर राजनीति करने का भी आरोप लगाया और कहा कि देश के विकास में किसी को बाधा नहीं बनना चाहिए।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ ज़ोर पकड़ रही हैं और महिला मतदाताओं को लुभाने की होड़ तेज़ हो गई है। आने वाले हफ्तों में इस योजना पर राजनीतिक बहस और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 का यह वादा और उस पर भाजपा का पलटवार — दोनों असल में 2027 के विधानसभा चुनाव की पटकथा के शुरुआती दृश्य हैं। सवाल यह नहीं कि किसने पहले महिलाओं के लिए क्या किया, बल्कि यह है कि दोनों दल अब तक महिला कल्याण को चुनावी मौसम में ही प्राथमिकता क्यों देते हैं। सपा की योजना में वित्तीय स्रोत और क्रियान्वयन का ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं है, जो इसकी विश्वसनीयता पर स्वाभाविक प्रश्नचिह्न लगाता है। दूसरी तरफ, भाजपा की योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या और ज़मीनी असर के स्वतंत्र सत्यापन की भी कमी है — यही वह खाई है जिसे मतदाता हर बार पाटने की उम्मीद लेकर मतदान केंद्र जाता है।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्त्री सम्मान समृद्धि योजना क्या है?
यह समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव की ओर से प्रस्तावित एक महिला कल्याण योजना है, जिसके तहत महिलाओं को ₹40,000 की आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया है। यह योजना अभी प्रस्ताव के स्तर पर है और इसका विस्तृत क्रियान्वयन ढाँचा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
मंत्री मनोज पांडे ने सपा पर क्या आरोप लगाए?
UP कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे ने आरोप लगाया कि सपा ने अपने शासनकाल में महिलाओं के लिए ऐसी कोई योजना नहीं बनाई और अब चुनावी वादों के ज़रिए जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने सपा के 'पीडीए' नारे की अस्पष्ट व्याख्या पर भी सवाल उठाए।
भाजपा सरकार ने महिलाओं के लिए कौन-सी योजनाएँ गिनाईं?
मंत्री पांडे ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय निर्माण, मुफ़्त राशन, पक्के मकान और अहिल्याबाई होलकर के नाम पर शुरू की गई महिलाओं के लिए मुफ़्त बस सेवा का उल्लेख किया। उनके अनुसार ये योजनाएँ केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सक्रिय रूप से चलाई जा रही हैं।
सपा का 'पीडीए' क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
'पीडीए' सपा का राजनीतिक नारा है जो पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को एकजुट करने की कोशिश करता है। मंत्री पांडे का कहना है कि इस संक्षिप्त नाम के अर्थ समय-समय पर बदलते रहे हैं और सपा ने सत्ता में रहते हुए इन वर्गों के साथ न्याय नहीं किया।
इस राजनीतिक विवाद का उत्तर प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह विवाद 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले महिला मतदाताओं को केंद्र में रखकर तेज़ होती प्रतिस्पर्धा की झलक है। दोनों दल महिला कल्याण को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश में हैं, जिससे आने वाले महीनों में इस मुद्दे पर बहस और तीखी होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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