भाजपा आमजन को बेच रही है, सिर्फ बिजनेस की सोच: सपा विधायक रागिनी सोनकर का हमला
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी की विधायक रागिनी सोनकर ने 26 अगस्त को लखनऊ में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) केवल व्यापारिक सोच से काम करती है और आम जनता की भावनाओं, शिक्षा, रोजी-रोटी तथा स्वास्थ्य से उसे कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सरकार बिजली तक को बेचने की फिराक में है और इसी मानसिकता के चलते वह आमजन के हितों की भी अनदेखी कर रही है।
मुख्य घटनाक्रम
सपा नेता डिंपल यादव, सपा विधायक नसीम सोलंकी और रागिनी सोनकर ने बुधवार को एक साझा बातचीत में हिजाब विवाद, जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (JPNIC) मुद्दे, कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन विवाद और उत्तर प्रदेश सरकार की महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा पर अपनी प्रतिक्रियाएँ दर्ज कराईं। यह बयानबाज़ी ऐसे समय में आई है जब यूपी में सत्तारूढ़ BJP और विपक्षी सपा के बीच महिला कल्याण नीतियों को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है।
डिंपल यादव का महिला सम्मान निधि वादा
डिंपल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपने कार्यकाल में महिलाओं को लैपटॉप वितरण, पेंशन और कन्या विद्या धन जैसी योजनाओं के ज़रिए सशक्त किया था। उन्होंने घोषणा की कि महिला सम्मान निधि योजना के तहत सपा सत्ता में आने पर प्रदेश की प्रत्येक महिला को ₹40,000 दिए जाएंगे। गौरतलब है कि यह वादा आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है।
नसीम सोलंकी: पहनावे पर टिप्पणी उचित नहीं
सपा विधायक नसीम सोलंकी ने मौजूदा सरकार पर महिलाओं के प्रति असंवेदनशीलता का आरोप लगाते हुए कहा कि लाठी के बल पर महिलाओं के साथ जो हुआ, वह सबने देखा है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह उन महिलाओं का दर्द समझे जो रोज़ कमाती और रोज़ खर्च करती हैं। अभिनेत्री कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन और सांसद कंगना रनौत की टिप्पणी पर सोलंकी ने कहा कि किसी के पहनावे पर कोई भी टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।
रागिनी सोनकर का BJP पर सीधा हमला
रागिनी सोनकर ने फ्री बस सेवा के मुद्दे पर कहा कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा महिलाओं का सम्मान किया है और सत्ता में आने पर महिलाओं को फ्री बस सेवा जारी रखी जाएगी। उन्होंने BJP पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह पार्टी सब कुछ बेचने पर आमादा है — बिजली भी उनके निशाने पर है। सोनकर के अनुसार, 'BJP के लोग बिजनेस-माइंडेड हैं, उन्हें जनता की भावनाओं, शिक्षा, रोजी-रोटी और चिकित्सा से कोई मतलब नहीं।'
आगे क्या
सपा के इन बयानों के बाद यूपी की राजनीतिक बहस में महिला कल्याण योजनाओं और सरकारी संपत्तियों के निजीकरण का मुद्दा और तेज़ होने की संभावना है। BJP की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।